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384 करोड़ के घपले में 1,062 किसानों को नोटिस
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गौरीगंज : लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे की इसी भूमि अधिग्रहण में अनियमितता का चल रहा मामला। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। एनएचएआई की ओर से जिन 10 गांवों में गलत मुआवजा निर्धारण व वितरण का वाद दायर किया गया है, उसकी दबी फाइल बाहर आ गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने वाद में पक्षकार बनाए गए सभी 1,062 किसानों से जवाब तलब किया है। मामले में सुनवाई की अगली तिथि 21 नवंबर नियत की गई है।
एनएचएआई ने वर्ष 2020 में जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट मेें एक आर्बिट्रेशन वाद दायर किया था। दायर वाद में मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाले एनएच-56 के दो बाईपास (उतेलवा से कनकूपुर व मठा भुसुंठा से सराय सुलेमान) निर्माण से पहले अधिग्रहण में गड़बड़ी का अंदेशा जताया गया था।
वर्ष 2020 से दाखिल यह वाद करीब दो साल तक ठंडे बस्ते में रहा। एनएचएआई ने भी अपनी ओर से दायर वाद में कोई पैरवी नहीं की। इस बीच बीते दिनों यह पत्रावली मौजूदा जिला मजिस्ट्रेट राकेश कुमार मिश्र के हाथ लगी तो राजस्व व एनचएआई अफसरों की मिलीभगत से किए गए घोटाले का जिन्न बाहर आ गया।
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डीएम के निर्देश पर एडीएम न्यायिक राजुकमार द्विवेदी की टीम ने जांच में पाया कि जमीनों के अवार्ड (अधिकारिक भुगतान, क्षतिपूर्ति या अधिनिर्णय प्रक्रिया) में जमकर मनमानी की गई है। दोनों बाईपास की कृषि योग्य जमीनों को एनएच चौड़ीकरण की जद में आने वाली जमीनों के बराबर मुआवजा दिए जाने की भी पुष्टि हुई। टीम को यह प्रक्रिया पूरी करने के दौरान अफसरों द्वारा की गई कई और गंभीर खामियां मिलीं।
इसकी रिपोर्ट 10 दिन पूर्व ही शासन को भी भेजी जा चुकी है। जांच रिपोर्ट भेज देने के बाद अब जिला मजिस्ट्रेट ने कोर्ट में दाखिल आर्बिट्रेशन वाद पर सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख नियत की है। नियत तिथि पर सुनवाई शुरू हो सके, इसके लिए सोमवार को 10 गांवों के 1,062 किसानों को निर्धारित प्रारूप पर नोटिस जारी कर दी गई। किसानों से अपना जवाब 20 नवंबर तक दाखिल करने को कहा।
इस मामले के पकड़ में आने के बाद डीएम ने सबसे पहले एसडीएम मुसाफिरखाना को नोटिस जारी किया था। एसडीएम का जवाब मिलने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
एसडीएम से लिए गए जवाब को वाद पत्रावली के साथ नत्थी कर दिया गया है। मामले में ऐसा माना जा रहा है कि जमीन के अधिग्रहण से पहले मुआवजा निर्धारण व वितरण के नाम पर हुए इस खेल में राजस्व व एनएचएआई के तहसील स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक के अफसरों की अपनी अलग भूमिका है।
इन गांवों के किसानों की बढ़ी मुसीबत
वाद में शामिल गांव - किसानों की संख्या
हुसैनगंज - 167
पूरे प्रेम शाह - 156
सालपुर - 152
सराय सुलेमान - 151
टांडा - 138
उतेलवा - 94
पिंडारा महराज - 87
रुदौली - 62
पलिया चंदापुर - 33
रामरायपुर - 22
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योग - 1,062
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एनएचएआई ने वर्ष 2020 में जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट मेें एक आर्बिट्रेशन वाद दायर किया था। दायर वाद में मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाले एनएच-56 के दो बाईपास (उतेलवा से कनकूपुर व मठा भुसुंठा से सराय सुलेमान) निर्माण से पहले अधिग्रहण में गड़बड़ी का अंदेशा जताया गया था।
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वर्ष 2020 से दाखिल यह वाद करीब दो साल तक ठंडे बस्ते में रहा। एनएचएआई ने भी अपनी ओर से दायर वाद में कोई पैरवी नहीं की। इस बीच बीते दिनों यह पत्रावली मौजूदा जिला मजिस्ट्रेट राकेश कुमार मिश्र के हाथ लगी तो राजस्व व एनचएआई अफसरों की मिलीभगत से किए गए घोटाले का जिन्न बाहर आ गया।
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डीएम के निर्देश पर एडीएम न्यायिक राजुकमार द्विवेदी की टीम ने जांच में पाया कि जमीनों के अवार्ड (अधिकारिक भुगतान, क्षतिपूर्ति या अधिनिर्णय प्रक्रिया) में जमकर मनमानी की गई है। दोनों बाईपास की कृषि योग्य जमीनों को एनएच चौड़ीकरण की जद में आने वाली जमीनों के बराबर मुआवजा दिए जाने की भी पुष्टि हुई। टीम को यह प्रक्रिया पूरी करने के दौरान अफसरों द्वारा की गई कई और गंभीर खामियां मिलीं।
इसकी रिपोर्ट 10 दिन पूर्व ही शासन को भी भेजी जा चुकी है। जांच रिपोर्ट भेज देने के बाद अब जिला मजिस्ट्रेट ने कोर्ट में दाखिल आर्बिट्रेशन वाद पर सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख नियत की है। नियत तिथि पर सुनवाई शुरू हो सके, इसके लिए सोमवार को 10 गांवों के 1,062 किसानों को निर्धारित प्रारूप पर नोटिस जारी कर दी गई। किसानों से अपना जवाब 20 नवंबर तक दाखिल करने को कहा।
इस मामले के पकड़ में आने के बाद डीएम ने सबसे पहले एसडीएम मुसाफिरखाना को नोटिस जारी किया था। एसडीएम का जवाब मिलने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
एसडीएम से लिए गए जवाब को वाद पत्रावली के साथ नत्थी कर दिया गया है। मामले में ऐसा माना जा रहा है कि जमीन के अधिग्रहण से पहले मुआवजा निर्धारण व वितरण के नाम पर हुए इस खेल में राजस्व व एनएचएआई के तहसील स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक के अफसरों की अपनी अलग भूमिका है।
इन गांवों के किसानों की बढ़ी मुसीबत
वाद में शामिल गांव - किसानों की संख्या
हुसैनगंज - 167
पूरे प्रेम शाह - 156
सालपुर - 152
सराय सुलेमान - 151
टांडा - 138
उतेलवा - 94
पिंडारा महराज - 87
रुदौली - 62
पलिया चंदापुर - 33
रामरायपुर - 22
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योग - 1,062