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Amethi News: डायरिया, टाइफाइड व बुखार के बढ़े मरीज
Tue, 29 Apr 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:03 AM IST
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1 जिला अस्पताल स्थित पर्ची काउंटर पर कतार में खड़े मरीज। संवाद।
अमेठी सिटी। गर्मी के कारण उल्टी-दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1144 मरीज पहुंचे। इनमें करीब 40-50 प्रतिशत उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। वहीं, ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही।
अप्रैल में लगातार बदल रहा मौसम और तेज धूप लोगों को बीमार बना रही है। सुबह का भोजन शाम या शाम का भोजन सुबह करने से फूड पाॅइजनिंग, डायरिया की दिक्कत बढ़ी है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी शरीर पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी और ट्राॅमा सेंटर में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को भर्ती करने की नौबत भी आती है।
अस्पताल में रोजाना ऐसे करीब 400 मरीज पहुंचते हैं जो पेट दर्द, डायरिया, बुखार, टाइफाइड आदि से पीड़ित होते हैं। दूषित पानी के कारण टाइफाइड के रोगियों की संख्या में बढ़ी है। डॉ. अमित यादव ने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। बीमारी की मुख्य वजह बासी, बाजार का तला-भुना, तेज मसालेदार चीजें खाना भी है। उल्टी और दस्त होने से मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ती है।
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उन्होंने बताया कि ओआरएस या नमक व चीनी का घोल लें, जिससे शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सके। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है। लू के चलते वार्ड तैयार कर लिया गया है, लेकिन अभी कोई ऐसा मरीज नहीं आया है।
जिला अस्पताल में ओपीडी की स्थिति
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1144 पहुंचे। जिसमें बुखार के 515, खांसी के 106, ठंड के 109, जुकाम के 112, पेटदर्द के 96, दस्त के 101, डायरिया के 18 व मनोरोग से संबंधित मरीज अस्पताल में पहुंचे। वहीं, लैब में करीब 200 मरीजों का 4500 प्रकार की जांच हुई।
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अप्रैल में लगातार बदल रहा मौसम और तेज धूप लोगों को बीमार बना रही है। सुबह का भोजन शाम या शाम का भोजन सुबह करने से फूड पाॅइजनिंग, डायरिया की दिक्कत बढ़ी है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी शरीर पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी और ट्राॅमा सेंटर में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को भर्ती करने की नौबत भी आती है।
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अस्पताल में रोजाना ऐसे करीब 400 मरीज पहुंचते हैं जो पेट दर्द, डायरिया, बुखार, टाइफाइड आदि से पीड़ित होते हैं। दूषित पानी के कारण टाइफाइड के रोगियों की संख्या में बढ़ी है। डॉ. अमित यादव ने बताया कि बदलते मौसम में लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। बीमारी की मुख्य वजह बासी, बाजार का तला-भुना, तेज मसालेदार चीजें खाना भी है। उल्टी और दस्त होने से मरीज के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में भर्ती करने की जरूरत भी पड़ती है।
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उन्होंने बताया कि ओआरएस या नमक व चीनी का घोल लें, जिससे शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सके। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है। लू के चलते वार्ड तैयार कर लिया गया है, लेकिन अभी कोई ऐसा मरीज नहीं आया है।
जिला अस्पताल में ओपीडी की स्थिति
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1144 पहुंचे। जिसमें बुखार के 515, खांसी के 106, ठंड के 109, जुकाम के 112, पेटदर्द के 96, दस्त के 101, डायरिया के 18 व मनोरोग से संबंधित मरीज अस्पताल में पहुंचे। वहीं, लैब में करीब 200 मरीजों का 4500 प्रकार की जांच हुई।