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Amethi News: अस्थायी केंद्रों पर उमड़ी भीड़, मांग के मुकाबले आपूर्ति कम
Wed, 15 Apr 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:27 AM IST
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अमेठी में सिंलिंडर लेने के लिए इंतजार करते उपभोक्ता। -संवाद
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अमेठी सिटी। प्रकाश गैस एजेंसी पर कार्रवाई के बाद बनाए गए अस्थायी वितरण केंद्रों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को 350 सिलिंडर की आपूर्ति हुई, जबकि कतार में 800 से अधिक उपभोक्ता खड़े रहे। बुकिंग और डीएसी कोड वाले उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर मिल सके, जबकि बड़ी संख्या में लोग खाली हाथ लौट गए।
शहर में हालात यह हैं कि सिलिंडर लेने या पर्ची कटवाने के लिए उपभोक्ताओं को सुबह घर से निकलकर देर शाम तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। एक सिलिंडर के लिए पूरा दिन लगना अब आम बात हो गई है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग उम्मीद लेकर पहुंचे, लेकिन बुकिंग, डीएसी कोड और ई-केवाईसी की प्रक्रियाओं के चलते अधिकांश को सिलिंडर नहीं मिल सका।
पूर्ति विभाग के अनुसार, कतार में कई लोग केवल ई-केवाईसी और बुकिंग के लिए भी पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ और बढ़ रही है। सुबह करीब दस बजे से शुरू हुआ वितरण देर शाम तक चलता है, फिर भी कतार खत्म नहीं होती। उपभोक्ताओं का कहना है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम पड़ रही है और घंटों इंतजार के बाद भी निराशा ही हाथ लग रही है।
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करीब 39 हजार उपभोक्ताओं का वितरण एक ही केंद्र से होने के कारण दबाव लगातार बना हुआ है। विभाग का दावा है कि एक सप्ताह में लगभग 3500 सिलिंडर वितरित किए गए हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है। पूर्ति निरीक्षक शुभम के मुताबिक, वितरण प्रक्रिया को सुचारु बनाने के प्रयास जारी हैं।
स्थायी समाधान की मांग तेज
लोगों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। लंबी दूरी तय करने और पूरे दिन लाइन में खड़े रहने से समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। शहरवासियों ने स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है, ताकि राहत मिल सके।
पांच हजार उपभोक्ता सबसे ज्यादा प्रभावित
करीब 39 हजार उपभोक्ताओं में से लगभग पांच हजार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डीएसी न बनने और कनेक्शन संबंधी समस्याओं के चलते इन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई बार लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में शहर में नई गैस एजेंसी खोलने की मांग जोर पकड़ रही है।
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शहर में हालात यह हैं कि सिलिंडर लेने या पर्ची कटवाने के लिए उपभोक्ताओं को सुबह घर से निकलकर देर शाम तक कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। एक सिलिंडर के लिए पूरा दिन लगना अब आम बात हो गई है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग उम्मीद लेकर पहुंचे, लेकिन बुकिंग, डीएसी कोड और ई-केवाईसी की प्रक्रियाओं के चलते अधिकांश को सिलिंडर नहीं मिल सका।
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पूर्ति विभाग के अनुसार, कतार में कई लोग केवल ई-केवाईसी और बुकिंग के लिए भी पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ और बढ़ रही है। सुबह करीब दस बजे से शुरू हुआ वितरण देर शाम तक चलता है, फिर भी कतार खत्म नहीं होती। उपभोक्ताओं का कहना है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम पड़ रही है और घंटों इंतजार के बाद भी निराशा ही हाथ लग रही है।
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करीब 39 हजार उपभोक्ताओं का वितरण एक ही केंद्र से होने के कारण दबाव लगातार बना हुआ है। विभाग का दावा है कि एक सप्ताह में लगभग 3500 सिलिंडर वितरित किए गए हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है। पूर्ति निरीक्षक शुभम के मुताबिक, वितरण प्रक्रिया को सुचारु बनाने के प्रयास जारी हैं।
स्थायी समाधान की मांग तेज
लोगों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। लंबी दूरी तय करने और पूरे दिन लाइन में खड़े रहने से समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। शहरवासियों ने स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है, ताकि राहत मिल सके।
पांच हजार उपभोक्ता सबसे ज्यादा प्रभावित
करीब 39 हजार उपभोक्ताओं में से लगभग पांच हजार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डीएसी न बनने और कनेक्शन संबंधी समस्याओं के चलते इन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई बार लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसे में शहर में नई गैस एजेंसी खोलने की मांग जोर पकड़ रही है।