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Amethi News: स्कूल के सामने होता है दाह संस्कार, नहीं सुन रहे जिम्मेदार
Thu, 23 Nov 2023 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 23 Nov 2023 11:59 PM IST
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स्कूल में शिक्षा ग्रहण करते बच्चे।
रास्ता, बाउंड्रीवॉल व कक्षा कक्ष न होने से हो रही परेशानी, भेटुआ स्थित प्राथमिक विद्यालय घाटमपुर का मामला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
अमेठी। ब्लॉक भेटुआ स्थित प्राथमिक विद्यालय घाटमपुर में पढ़ रहे छात्रों के सामने एक बड़ी समस्या है। विद्यालय के सामने शवों का दाह संस्कार किया जाता है, जिससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन, जिम्मेदार इसको लेकर उदासीन बने हुए हैं।
ब्लॉक भेटुआ की ग्राम पंचायत घाटमपुर के प्राथमिक विद्यालय में कुल 112 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें 58 बालिका तो 54 बालक हैं। प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक रेनू श्रीवास्तव, सहायक अध्यापक शिवानी सिंह और एक शिक्षामित्र राम किशोर की तैनाती है। एमडीएम के लिए तीन रसोइया कुसुम, सीमा व प्रतिमा की तैनाती है।
विद्यालय भवन के ठीक सामने दाह संस्कार किया जाता है, जिससे बच्चों में दहशत रहती है। प्रधानाध्यापक रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2016 में जब उनकी तैनाती इस स्कूल में हुई तो यहां मात्र 12 बच्चे थे, आज विद्यालय में 112 बच्चे पठन पाठन कर रहे हैं। विद्यालय की भूमि पर ठीक सामने दाह संस्कार किया जाता है। उसकी पैमाइश हुई है। लिखा पढ़ी की गई है।
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एक कक्ष में संचालित होतीं दो कक्षाएं
विद्यालय में कुल तीन कक्ष है, जिसमें विद्यालय में आंगनबाड़ी द्वितीय और भीरा तृतीय संचालित होता है। परिसर में बने एक कक्ष में एक और दो तो दूसरे कक्ष में तीन और चार तथा एक कक्ष में कक्षा पांच की कक्षाएं संचालित होती हैं। जगह के अभाव में दो क्लास के बच्चों को एक साथ बैठा कर तो कभी बाहर बैठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय में खेल मैदान की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्यालय में जहां सभी कमरों में पर्याप्त पंखे की व्यवस्था है। विद्यालय में आने-जाने के लिए ना तो कोई रास्ता है और न ही बाउंड्रीवाल। बाउंड्रीवाल न होने से जहां अराजक तत्व एवं छुट्टा मवेशी घुस जाते हैं। वहीं बारिश के दिनों में परिसर में जलभराव हो जाता है, जिसके चलते बच्चे महीनों तक पानी में घुसकर आते-जाते हैं। वहीं विद्यालय भवन जर्जर होने के चलते बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है। प्रधानाचार्य का कहना है कि समस्याओं को लेकर कई बार लिखा पढ़ी की गई है।
तहसील को लिखा गया है पत्र
खंड शिक्षा अधिकारी डॉ संतोष कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय की भूमि पर दाह संस्कार किए जाने, रास्ता, बाउंड्रीवॉल समेत अन्य समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ ही तहसील प्रशासन को भी पत्र लिखा गया है। विद्यालय की भूमि चिह्नित हुई है।
जल्द कराई जाएगी समस्या दूर
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि जल्द ही विद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। कन्वर्जन कास्ट एवं मनरेगा के माध्यम से जल्द ही बाउंड्रीवल एवं रास्ते का निर्माण कराया जाएगा।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
अमेठी। ब्लॉक भेटुआ स्थित प्राथमिक विद्यालय घाटमपुर में पढ़ रहे छात्रों के सामने एक बड़ी समस्या है। विद्यालय के सामने शवों का दाह संस्कार किया जाता है, जिससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन, जिम्मेदार इसको लेकर उदासीन बने हुए हैं।
ब्लॉक भेटुआ की ग्राम पंचायत घाटमपुर के प्राथमिक विद्यालय में कुल 112 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें 58 बालिका तो 54 बालक हैं। प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक रेनू श्रीवास्तव, सहायक अध्यापक शिवानी सिंह और एक शिक्षामित्र राम किशोर की तैनाती है। एमडीएम के लिए तीन रसोइया कुसुम, सीमा व प्रतिमा की तैनाती है।
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विद्यालय भवन के ठीक सामने दाह संस्कार किया जाता है, जिससे बच्चों में दहशत रहती है। प्रधानाध्यापक रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2016 में जब उनकी तैनाती इस स्कूल में हुई तो यहां मात्र 12 बच्चे थे, आज विद्यालय में 112 बच्चे पठन पाठन कर रहे हैं। विद्यालय की भूमि पर ठीक सामने दाह संस्कार किया जाता है। उसकी पैमाइश हुई है। लिखा पढ़ी की गई है।
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एक कक्ष में संचालित होतीं दो कक्षाएं
विद्यालय में कुल तीन कक्ष है, जिसमें विद्यालय में आंगनबाड़ी द्वितीय और भीरा तृतीय संचालित होता है। परिसर में बने एक कक्ष में एक और दो तो दूसरे कक्ष में तीन और चार तथा एक कक्ष में कक्षा पांच की कक्षाएं संचालित होती हैं। जगह के अभाव में दो क्लास के बच्चों को एक साथ बैठा कर तो कभी बाहर बैठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय में खेल मैदान की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्यालय में जहां सभी कमरों में पर्याप्त पंखे की व्यवस्था है। विद्यालय में आने-जाने के लिए ना तो कोई रास्ता है और न ही बाउंड्रीवाल। बाउंड्रीवाल न होने से जहां अराजक तत्व एवं छुट्टा मवेशी घुस जाते हैं। वहीं बारिश के दिनों में परिसर में जलभराव हो जाता है, जिसके चलते बच्चे महीनों तक पानी में घुसकर आते-जाते हैं। वहीं विद्यालय भवन जर्जर होने के चलते बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है। प्रधानाचार्य का कहना है कि समस्याओं को लेकर कई बार लिखा पढ़ी की गई है।
तहसील को लिखा गया है पत्र
खंड शिक्षा अधिकारी डॉ संतोष कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय की भूमि पर दाह संस्कार किए जाने, रास्ता, बाउंड्रीवॉल समेत अन्य समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ ही तहसील प्रशासन को भी पत्र लिखा गया है। विद्यालय की भूमि चिह्नित हुई है।
जल्द कराई जाएगी समस्या दूर
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि जल्द ही विद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। कन्वर्जन कास्ट एवं मनरेगा के माध्यम से जल्द ही बाउंड्रीवल एवं रास्ते का निर्माण कराया जाएगा।