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शासन के ड्रीम प्रोजेक्ट को कोर्ट का झटका

Sun, 20 Dec 2020 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 11:15 PM IST
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Court's shock to the government's dream project
अमेठी। राष्ट्रीय राजमार्ग को प्रमुख जिला मार्ग से जोड़ने वाली दो लेन सड़क के एक हिस्से पर कोर्ट के स्टे ने शासन के ड्रीम प्रोजेक्ट को झटका दे दिया है। किसानों की याचिका पर आए इस स्टे के बाद संबंधित करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य बंद करने के बाद पीडब्ल्यूडी कोर्ट में काउंटर दाखिल करने की तैयारी में लगी है।
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मुसाफिरखाना-गौरीगंज-प्रतापगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रामगंज से शाहगढ़ होते हुए मुसाफिरखाना-अमेठी प्रमुख जिला मार्ग को जोडने के लिए 40 वर्ष पूर्व 10.7 किलोमीटर लंबी एक लेन सड़क का निर्माण हुआ था।
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जनप्रतिनिधियों के प्रयास से सूबे की योगी सरकार ने पिछले दिनों 15.90 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क के दोहरीकरण कार्य को मंजूरी दी थी। मंजूरी व धनावंटन के बाद पिछले जुलाई माह मेें सड़क को सात मीटर चौड़ा करने का काम शुरू हुआ।
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सड़क पर गिट्टी कुटाई के बाद पीडब्ल्यूडी ने इमल्सन मिक्स गिट्टी कुटाई का काम भी पूरा कर लिया। विभाग इस कार्य में जुटा ही था कि भुसियावा, नोहरेपुर, बरइन का पुरवा व बीररामपुर के कई ग्रामीण 40 वर्ष पूर्व बनी सड़क का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर विरोध पर उतर आए।
विभाग ने मांगों को दरकिनार किया तो भुसियावा के ग्रामीण डॉ. राजेंद्र द्विवेदी व उज्जैनी गांव के राम सजीवन दुबे, अवधेश तिवारी, रामशंकर तिवारी, राम उजागिर मिश्र, घिसियावन मौर्य, बलराम यादव व चंद्रिका प्रसाद ने उच्च न्यायालय की शरण ली।
याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निर्माण पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए जिम्मेदार विभाग से जवाब मांगा है। स्टे मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने संबंधित करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में सड़क बनाने का काम रोक दिया है। विभाग को सड़क पर काम तब रोकना पड़ा है जब मात्र डामरीकरण का कार्य शेष है।
सड़क का निर्माण करा रहे अवर अभियंता रामबहादुर ने कोर्ट द्वारा स्टे देने की बात स्वीकार की। जेई का कहना था कि यदि सड़क पर डामरीकरण का कार्य जल्द नहीं हुआ तो अब तक हुआ कार्य भी बेकार चला जाएगा। ऐसे में शासन के धन का नुकसान होगा।

मुआवजे की मांग को लेकर तीन किलोमीटर के दायरे में रुके सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं होने से ब्लॉक क्षेत्र से जिला मुख्यालय तथा अमेठी आने जाने का प्रमुख रास्ता बाधित हो गया है। क्षेत्रीय लोगों ने शासन-प्रशासन से सड़क निर्माण की बाधा को जल्द दूर कर करने की मांग की है, जिससे उनका आवागमन बाधित नहीं हो।
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