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अब फोन नंबर बेरीफाई करने के बाद ही होगी सैंपलिंग
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गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना जांच के लिए सैंपल देने के समय नाम, पता व मोबाइल नंबर गलत लिखाने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम ने सैंपलिंग करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को अब सैंपल देने वाले व्यक्ति के बताए गए फोन नंबर पर पहले कॉल कर उसके नंबर को सत्यापित करने तथा आधार कार्ड से नाम पता मिलाने के बाद ही सैंपल लेने का निर्देश दिया है।
बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट में 24 संक्रमित पाए गए थे। प्रशासन की ओर से जब उनसे संपर्क करने की कवायद शुरू की गई तो नगर पालिका परिषद गौरीगंज के चौक क्षेत्र के पांच पुरुष व एक महिला का नाम पता व मोबाइल नंबर गलत निकला। कई के फोन तो कोलकाता व अन्य शहरों में उठ रहे थे जो गौरीगंज कहां है उसे जानते ही नहीं थे। जिस नाम से जांच कराई गई थी उस नाम के व्यक्ति उस वार्ड के थे ही नहीं। परेशान जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
डीएम अरुण कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को अब फोन नंबर सत्यापित करने तथा सैंपल देने वाले व्यक्ति की ओर से बताए गए नाम व पता का मिलान उनके आधार कार्ड से करने के बाद ही सैंपलिंग करने का निर्देश दिया है। डीएम ने बताया कि प्रशासन जिले के आम लोगों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए रात दिन काम कर रहा है। ऐसे में लोगों की ओर से नाम पता गलत दर्ज कराकर सैंपलिंग कराने का तरीका बहुत ही गलत है।
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बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट में 24 संक्रमित पाए गए थे। प्रशासन की ओर से जब उनसे संपर्क करने की कवायद शुरू की गई तो नगर पालिका परिषद गौरीगंज के चौक क्षेत्र के पांच पुरुष व एक महिला का नाम पता व मोबाइल नंबर गलत निकला। कई के फोन तो कोलकाता व अन्य शहरों में उठ रहे थे जो गौरीगंज कहां है उसे जानते ही नहीं थे। जिस नाम से जांच कराई गई थी उस नाम के व्यक्ति उस वार्ड के थे ही नहीं। परेशान जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
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डीएम अरुण कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को अब फोन नंबर सत्यापित करने तथा सैंपल देने वाले व्यक्ति की ओर से बताए गए नाम व पता का मिलान उनके आधार कार्ड से करने के बाद ही सैंपलिंग करने का निर्देश दिया है। डीएम ने बताया कि प्रशासन जिले के आम लोगों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए रात दिन काम कर रहा है। ऐसे में लोगों की ओर से नाम पता गलत दर्ज कराकर सैंपलिंग कराने का तरीका बहुत ही गलत है।
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