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पांच तहसीलों में होगी वक्फ संपत्तियों की जांच
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अंबेडकरनगर। वर्ष 1989 के बाद दर्ज हुई वक्फ संपत्तियों की जिले में भी जांच होगी। सरकार के आदेश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सभी पांच एसडीएम को पत्र भेजकर कहा है कि शासनादेश के क्रम में जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए। तहसीलों को यह पत्र गुरुवार 22 सितंबर तक तक उपलब्ध हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार करीब सौ वक्फ संपत्तियां फिर से मूल रूप की भूमि श्रेणी के तौर पर वापस हो जाने का अनुमान है।
मालूम हो कि सात अप्रैल, 1989 को आदेश जारी कर सरकार की तरफ से कहा गया था कि बंजर, भीटा व ऊसर आदि जैसी सार्वजनिक भूमि का इस्तेमाल यदि कब्रिस्तान, मस्जिद या ईदगाह आदि के तौर पर हो रहा है तो उसे वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज कर लिया जाए। अंबेडकरनगर जिले में भी लगभग सौ के आसपास सार्वजनिक भूमि के इस आदेश के बाद वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज होने की खबर है। फिलहाल जिले में कुल 1515 वक्फ संपत्तियां हैं जिनमें से ज्यादातर 1989 के पहले से ही चली आ रही हैं।
अब 33 वर्ष पहले हुए शासनादेश के रद्द होने के बाद करीब सौ वक्फ संपत्तियों के समाप्त होने का खतरा मंडराने लगा है। इस बीच अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सरकार की तरफ से आदेश आने के बाद सभी तहसीलों के एसडीएम को पत्र भेजकर निर्णय के अनुरूप जांच व आख्या सौंपने को कहा है। इसमें वर्ष 1989 में हुए शासनादेश तथा अब उसे लेकर जारी किए गए नए आदेश का जिक्र करते हुए कहा गया कि इसके अनुरूप बिंदुवार जांच तय की जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल गौतम ने बताया कि सरकार के निर्णय के क्रम में सभी तहसीलों को जांच के लिए आज ही पत्र भेजा गया है। यह पत्र प्राप्त होने के बाद जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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मालूम हो कि सात अप्रैल, 1989 को आदेश जारी कर सरकार की तरफ से कहा गया था कि बंजर, भीटा व ऊसर आदि जैसी सार्वजनिक भूमि का इस्तेमाल यदि कब्रिस्तान, मस्जिद या ईदगाह आदि के तौर पर हो रहा है तो उसे वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज कर लिया जाए। अंबेडकरनगर जिले में भी लगभग सौ के आसपास सार्वजनिक भूमि के इस आदेश के बाद वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज होने की खबर है। फिलहाल जिले में कुल 1515 वक्फ संपत्तियां हैं जिनमें से ज्यादातर 1989 के पहले से ही चली आ रही हैं।
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अब 33 वर्ष पहले हुए शासनादेश के रद्द होने के बाद करीब सौ वक्फ संपत्तियों के समाप्त होने का खतरा मंडराने लगा है। इस बीच अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सरकार की तरफ से आदेश आने के बाद सभी तहसीलों के एसडीएम को पत्र भेजकर निर्णय के अनुरूप जांच व आख्या सौंपने को कहा है। इसमें वर्ष 1989 में हुए शासनादेश तथा अब उसे लेकर जारी किए गए नए आदेश का जिक्र करते हुए कहा गया कि इसके अनुरूप बिंदुवार जांच तय की जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल गौतम ने बताया कि सरकार के निर्णय के क्रम में सभी तहसीलों को जांच के लिए आज ही पत्र भेजा गया है। यह पत्र प्राप्त होने के बाद जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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