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Ambedkar Nagar News: अल्ट्रासाउंड में नहीं बताईं भ्रूण की विकृतियां, नवजात की मौत
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शारीरिक कमियों के साथ जन्मा बच्चा। स्रोत परिजन
अंबेडकरनगर। अहिरौली क्षेत्र के गोपालपुर चौराहा निवासी सोनू ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर निजी अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पत्नी की गर्भावस्था के दौरान कई बार अल्ट्रासाउंड कराया गया, लेकिन चिकित्सक ने गर्भस्थ शिशु में किसी तरह की कमी होने की जानकारी परिजनों को नहीं दी। प्रसव के बाद नवजात के शरीर में गंभीर विकृतियां सामने आईं। विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बाद शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।
सोनू के मुताबिक, उनकी पत्नी संगम दूसरी बार गर्भवती हुई थीं। गर्भावस्था की शुरुआत से ही बसखारी मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। करीब नौ माह के दौरान कई बार अल्ट्रासाउंड भी कराया गया। आरोप है कि किसी भी जांच में चिकित्सक ने बच्चे की स्थिति में गंभीर कमी होने की जानकारी नहीं दी।
प्रसव का समय नजदीक आने पर पिछले सप्ताह चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन परिजन इसके लिए सहमत नहीं हुए। इसके बाद बीते रविवार को संगम को शिवबाबा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सामान्य प्रसव हुआ। जन्म के बाद नवजात के शरीर में कई गंभीर विकृतियां दिखाई दीं। परिजनों के अनुसार, उसकी आंत बाहर निकली हुई थी और मल-मूत्र त्यागने का रास्ता भी बंद था।
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नवजात को पहले जिला अस्पताल और फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। केजीएमयू में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे राजधानी अस्पताल और फिर पीजीआई रेफर किया। बेड उपलब्ध न होने पर परिजन नवजात को वापस अकबरपुर ले आए और अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर पहुंचकर नवजात की जांच की और उसे बृहस्पतिवार शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।सोनू ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तीन सदस्यीय टीम गठित
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद बच्चे के इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रमोद कुमार, सीएमओ
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सोनू के मुताबिक, उनकी पत्नी संगम दूसरी बार गर्भवती हुई थीं। गर्भावस्था की शुरुआत से ही बसखारी मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। करीब नौ माह के दौरान कई बार अल्ट्रासाउंड भी कराया गया। आरोप है कि किसी भी जांच में चिकित्सक ने बच्चे की स्थिति में गंभीर कमी होने की जानकारी नहीं दी।
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प्रसव का समय नजदीक आने पर पिछले सप्ताह चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन परिजन इसके लिए सहमत नहीं हुए। इसके बाद बीते रविवार को संगम को शिवबाबा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सामान्य प्रसव हुआ। जन्म के बाद नवजात के शरीर में कई गंभीर विकृतियां दिखाई दीं। परिजनों के अनुसार, उसकी आंत बाहर निकली हुई थी और मल-मूत्र त्यागने का रास्ता भी बंद था।
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नवजात को पहले जिला अस्पताल और फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। केजीएमयू में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे राजधानी अस्पताल और फिर पीजीआई रेफर किया। बेड उपलब्ध न होने पर परिजन नवजात को वापस अकबरपुर ले आए और अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर पहुंचकर नवजात की जांच की और उसे बृहस्पतिवार शाम जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।सोनू ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तीन सदस्यीय टीम गठित
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद बच्चे के इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रमोद कुमार, सीएमओ