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रिश्वत लेने का वीडियो वायरल, वीडीओ निलंबित
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अंबेडकरनगर। पंचायत भवन के निर्माण के लिए ठेकेदार से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते ग्राम विकास अधिकारी का वीडियो शनिवार को वायरल हो गया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस पर डीएम सैमुअल पॉल ने तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके बाद डीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सोशल मीडिया पर शनिवार को रिश्वतखोरी का एक वीडियो वायरल हुआ। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। इसमें टांडा विकासखंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान रिश्वत लेते दिख रहे हैं। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम सैमुअल पॉल एन ने संबंधित कर्मी को प्रारंभिक जांच के साथ निलंबित करने का निर्देश दिया। जिला विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने प्रारंभिक छानबीन में पाया कि वायरल वीडियो में जो व्यक्ति रुपये गिन रहा है, वह ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान है।
इस संदर्भ में टांडा के लालापुर गांव निवासी नीरज वर्मा ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पंचायत भवन के निर्माण के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत ली गई है। पंचायत भवन निर्माण के लिए नींव स्तर का काम अभी हुआ है। इसके बावजूद ग्राम विकास अधिकारी ने वायरल वीडियो में अलग-अलग फर्मों को भुगतान किए जाने की जानकारी देते हुए 20 हजार रुपये ले लिए। इस रकम के लिए उनकी ओर से कई दिनों से दबाव बनाया जा रहा था। डीडीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने वायरल वीडियो का देखने तथा नीरज वर्मा के शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान को निलंबित कर दिया। उन्हें इसके साथ ही टांडा विकासखंड कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। इस मामले की जांच खंड विकास अधिकारी जलालपुर को सौंपते हुए 15 दिन के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने को कहा है।
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बचाव में दिया यह तर्क
निलंबित ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान ने बताया कि यह वीडियो पिछले वर्ष का है। पैसा देने वाला युवक लालापुर ग्राम पंचायत के निवर्तमान प्रधान का काम देखता था। इसी युवक ने उनसे 20 हजार रुपये उधार लिए थे। इन्हीं रुपयों को वापस करने के दौरान उसने चुपके से वीडियो बनवा लिया। यह भी कहा कि मैं अपने घर का निर्माण करवा रहा था। उसी दौरान यह रकम दी गई। मुझे फर्जी ढंग से फंसाने के लिए यह सब साजिश रची गई है।
गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई
किसी भी कर्मचारी की ओर से राजकीय कार्यों के निर्वहन के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। विकास कार्यों के बदले किसी भी प्रकार की मनमानी की छूट नहीं है। इसे एक-एक कर्मचारी को ध्यान में रखना होगा।
- सैमुअल पॉल एन, डीएम
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सोशल मीडिया पर शनिवार को रिश्वतखोरी का एक वीडियो वायरल हुआ। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। इसमें टांडा विकासखंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान रिश्वत लेते दिख रहे हैं। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम सैमुअल पॉल एन ने संबंधित कर्मी को प्रारंभिक जांच के साथ निलंबित करने का निर्देश दिया। जिला विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने प्रारंभिक छानबीन में पाया कि वायरल वीडियो में जो व्यक्ति रुपये गिन रहा है, वह ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान है।
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इस संदर्भ में टांडा के लालापुर गांव निवासी नीरज वर्मा ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पंचायत भवन के निर्माण के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत ली गई है। पंचायत भवन निर्माण के लिए नींव स्तर का काम अभी हुआ है। इसके बावजूद ग्राम विकास अधिकारी ने वायरल वीडियो में अलग-अलग फर्मों को भुगतान किए जाने की जानकारी देते हुए 20 हजार रुपये ले लिए। इस रकम के लिए उनकी ओर से कई दिनों से दबाव बनाया जा रहा था। डीडीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने वायरल वीडियो का देखने तथा नीरज वर्मा के शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान को निलंबित कर दिया। उन्हें इसके साथ ही टांडा विकासखंड कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। इस मामले की जांच खंड विकास अधिकारी जलालपुर को सौंपते हुए 15 दिन के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने को कहा है।
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बचाव में दिया यह तर्क
निलंबित ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र पासवान ने बताया कि यह वीडियो पिछले वर्ष का है। पैसा देने वाला युवक लालापुर ग्राम पंचायत के निवर्तमान प्रधान का काम देखता था। इसी युवक ने उनसे 20 हजार रुपये उधार लिए थे। इन्हीं रुपयों को वापस करने के दौरान उसने चुपके से वीडियो बनवा लिया। यह भी कहा कि मैं अपने घर का निर्माण करवा रहा था। उसी दौरान यह रकम दी गई। मुझे फर्जी ढंग से फंसाने के लिए यह सब साजिश रची गई है।
गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई
किसी भी कर्मचारी की ओर से राजकीय कार्यों के निर्वहन के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। विकास कार्यों के बदले किसी भी प्रकार की मनमानी की छूट नहीं है। इसे एक-एक कर्मचारी को ध्यान में रखना होगा।
- सैमुअल पॉल एन, डीएम