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जल जीवन मिशन की जिम्मेदारी संभालेंगे प्रशिक्षित ग्रामीण
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अंबेडकरनगर। जल जीवन मिशन के तहत गांवों में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना के बेहतर संचालन की कमान उसी गांव के लोगों के कंधे पर होगी। इसके लिए 13-13 ग्रामीणों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। कुल 902 में से 450 ग्राम पंचायतों ने तकनीकी कर्मियों की सूची जल निगम को सौंप दी है। उधर, दो कार्यदायी संस्थाएं ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक की स्थापना व ट्यूबवेल के निर्माण समेत अन्य काम तेजी से कर रही हैं।
शहरी क्षेत्र के नागरिकों की तरह ही ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत सभी 902 ग्राम पंचायतों में घर-घर पाइप लाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। लगभग डेढ़ वर्ष पहले दो कार्यदायी संस्थाओं को शासन स्तर पर नामित किया गया। इनमें वेल स्पेन मुंबई व बिड़ला ग्रुप से जुड़ी बीटीएल शामिल हैं।
वेल स्पेन को 62 जबकि बीटीएल को 840 ग्राम पंचायत में योजना के तहत काम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। शासन के निर्देश पर काम जारी है। ट्यूबवेल के उपकरणों व पाइप लाइन में आई किसी भी गड़बड़ी को समय रहते दूर करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में 13-13 तकनीकी कर्मियों का चयन किए जाने को हरी झंडी शासन ने प्रदान की थी। इनमें दो प्लंबर, दो इलेक्ट्रीशियन, दो फिटर, दो पंप ऑपरेटर, दो मोटर मैकेनिक व तीन राजमिस्त्री शामिल हैं।
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जल निगम कार्यालय के अनुसार अब तक 450 ग्राम पंचायतों ने 13-13 तकनीकी कर्मियों की सूची उपलब्ध करा दी है। बाकी ग्राम पंचायतों से भी शीघ्र ही तकनीकी कर्मियों की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद सभी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले तकनीकी कर्मी किसी नियमित मानदेय या वेतन के हकदार नहीं होंगे। कोई आकस्मिक गड़बड़ी होने पर गांव में रह रहा जो भी प्रशिक्षित कर्मी मिलेगा, उसे ग्राम पंचायत की तरफ से काम के हिसाब से भुगतान कराकर गड़बड़ी दूर करा ली जाएगी। इससे समय की बचत तो होगी ही, गड़बड़ियों को भी तत्परतापूर्वक दूर कराया जा सकेगा।
सभी तकनीकी कर्मियों को प्रत्येक विकास खंड कार्यालय पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए शासन से ही हरदोई की एक सोसाइटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी ग्राम पंचायतों से तकनीकी कर्मियों की सूची मिल जाने के बाद उनका प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया जाएगा।
-सूरज वर्मा, अधिशाषी अभियंता, जलनिगम
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शहरी क्षेत्र के नागरिकों की तरह ही ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत सभी 902 ग्राम पंचायतों में घर-घर पाइप लाइन के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। लगभग डेढ़ वर्ष पहले दो कार्यदायी संस्थाओं को शासन स्तर पर नामित किया गया। इनमें वेल स्पेन मुंबई व बिड़ला ग्रुप से जुड़ी बीटीएल शामिल हैं।
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वेल स्पेन को 62 जबकि बीटीएल को 840 ग्राम पंचायत में योजना के तहत काम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। शासन के निर्देश पर काम जारी है। ट्यूबवेल के उपकरणों व पाइप लाइन में आई किसी भी गड़बड़ी को समय रहते दूर करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में 13-13 तकनीकी कर्मियों का चयन किए जाने को हरी झंडी शासन ने प्रदान की थी। इनमें दो प्लंबर, दो इलेक्ट्रीशियन, दो फिटर, दो पंप ऑपरेटर, दो मोटर मैकेनिक व तीन राजमिस्त्री शामिल हैं।
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जल निगम कार्यालय के अनुसार अब तक 450 ग्राम पंचायतों ने 13-13 तकनीकी कर्मियों की सूची उपलब्ध करा दी है। बाकी ग्राम पंचायतों से भी शीघ्र ही तकनीकी कर्मियों की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद सभी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले तकनीकी कर्मी किसी नियमित मानदेय या वेतन के हकदार नहीं होंगे। कोई आकस्मिक गड़बड़ी होने पर गांव में रह रहा जो भी प्रशिक्षित कर्मी मिलेगा, उसे ग्राम पंचायत की तरफ से काम के हिसाब से भुगतान कराकर गड़बड़ी दूर करा ली जाएगी। इससे समय की बचत तो होगी ही, गड़बड़ियों को भी तत्परतापूर्वक दूर कराया जा सकेगा।
सभी तकनीकी कर्मियों को प्रत्येक विकास खंड कार्यालय पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए शासन से ही हरदोई की एक सोसाइटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी ग्राम पंचायतों से तकनीकी कर्मियों की सूची मिल जाने के बाद उनका प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया जाएगा।
-सूरज वर्मा, अधिशाषी अभियंता, जलनिगम