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Ambedkar Nagar News: इस बार एक लाख 19 हजार हेक्टेयर में होगी गेहूं की बोआई
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अंबेडकरनगर। जनपद में रबी फसलों का रकबा बढ़ाने को लेकर कृषि विभाग ने पहल शुरू कर दी है। इस वर्ष एक लाख 19 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई का लक्ष्य निर्धारित है। साथ ही मोटे अनाज के तौर सबसे ज्यादा चना की 5803 हेक्टेयर में बोआई की जाएगी।
रबी फसल की बोआई 20 अक्टूबर से शुरू होकर 10 दिसंबर तक समाप्त हो जाती है। इसके लिए किसानों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। खेतों की जोताई के साथ ही समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। कुछ स्थानों पर मोटे अनाज और तिलहन की बोआई के लिए खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी न होने की वजह से खेतों में पानी भरने का काम भी शुरू हो गया है, ताकि बीज का जमाव अच्छे तरीके से हो।
विभाग के अनुसार पिछले वर्ष जनपद में एक लाख 17 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई थी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष गेहूं की फसल का रकबा दो हजार हेक्टेयर बढ़ेगा। कृषि विभाग ने गेहूं के साथ ही अन्य रबी फसलों की बोआई की तैयारी शुरू कर दी है। फसलों की बोआई के लिए बीजों की मांग उप्र बीज विकास निगम समेत अन्य सरकारी संस्थाओं से की गई है। इस वर्ष 6773 क्विंटल गेहूं का बीज वितरण करने को लेकर विभाग बीज निगम को पत्राचार कर चुका है। विभाग का कहना है कि रबी की बोआई का समय आ गया है। गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों की बोआई किसान एक सप्ताह में शुरू कर सकते हैं।
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इन बीजों की है मांग
गेहूं की जिन प्रजातियों की मांग है, उसमें डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 327, डीबीडब्ल्यू 222,
डीबीडब्ल्यू 187, एचडी 3226, एचडी 3237 शामिल हैं। किसानों का मानना है कि यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार इन बीजों की बोआई होने पर अच्छे ढंग से उत्पादन हो सकेगा। किसानों ने सरकारी केंद्रों पर जल्द से जल्द इनकी उपलब्धता कराने पर जोर दिया है।
किसानों को मिलेंगे पर्याप्त बीज
रबी फसल की बोआई का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इसकी बोआई के लिए किसानोंं को विभाग की तरफ से पर्याप्त मात्रा में बीज की व्यवस्था कराई जाएगी। - पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी
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रबी फसल की बोआई 20 अक्टूबर से शुरू होकर 10 दिसंबर तक समाप्त हो जाती है। इसके लिए किसानों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। खेतों की जोताई के साथ ही समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। कुछ स्थानों पर मोटे अनाज और तिलहन की बोआई के लिए खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी न होने की वजह से खेतों में पानी भरने का काम भी शुरू हो गया है, ताकि बीज का जमाव अच्छे तरीके से हो।
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विभाग के अनुसार पिछले वर्ष जनपद में एक लाख 17 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई थी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष गेहूं की फसल का रकबा दो हजार हेक्टेयर बढ़ेगा। कृषि विभाग ने गेहूं के साथ ही अन्य रबी फसलों की बोआई की तैयारी शुरू कर दी है। फसलों की बोआई के लिए बीजों की मांग उप्र बीज विकास निगम समेत अन्य सरकारी संस्थाओं से की गई है। इस वर्ष 6773 क्विंटल गेहूं का बीज वितरण करने को लेकर विभाग बीज निगम को पत्राचार कर चुका है। विभाग का कहना है कि रबी की बोआई का समय आ गया है। गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों की बोआई किसान एक सप्ताह में शुरू कर सकते हैं।
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इन बीजों की है मांग
गेहूं की जिन प्रजातियों की मांग है, उसमें डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 327, डीबीडब्ल्यू 222,
डीबीडब्ल्यू 187, एचडी 3226, एचडी 3237 शामिल हैं। किसानों का मानना है कि यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार इन बीजों की बोआई होने पर अच्छे ढंग से उत्पादन हो सकेगा। किसानों ने सरकारी केंद्रों पर जल्द से जल्द इनकी उपलब्धता कराने पर जोर दिया है।
किसानों को मिलेंगे पर्याप्त बीज
रबी फसल की बोआई का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इसकी बोआई के लिए किसानोंं को विभाग की तरफ से पर्याप्त मात्रा में बीज की व्यवस्था कराई जाएगी। - पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी