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Ambedkar Nagar News: निपुण लक्ष्य प्राप्त करने वाले शिक्षक होंगे पुरस्कृत
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने वाले शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को अब निपुण भारत चैंपियन पुरस्कार दिया जाएगा। यह योजना प्रधानाध्यापकों के प्रदर्शन का वार्षिक मूल्यांकन कर उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सम्मानित करने के लिए किया जाएगा।
मालूम हो कि शिक्षा क्षेत्र रामनगर के 158 परिषदीय विद्यालयों में विगत वर्ष निपुण भारत के तहत ग्रेडिंग कराई गई थी। इसमें 140 विद्यालयों को ए, बी व सी ग्रेड प्राप्त हुआ था। निपुण भारत के तहत 140 परिषदीय विद्यालयों में से 91-ए ग्रेड ऐसे विद्यालय हैं जो निपुण भारत के लक्ष्य के करीब हैं। जबकि 29 विद्यालय बी ग्रेड तथा 20 विद्यालय सी ग्रेड के अंतर्गत चयनित हैं। 18 विद्यालय सी ग्रेड से भी बाहर हैं।
सभी लक्ष्यों को पूरा करने वाले ए ग्रेड के विद्यालयों को अब निपुण भारत के लिए चयनित किया जाएगा। जबकि मानक पूरा करने वाले प्रधानाध्यापकों को निपुण भारत चैंपियन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी शैलजा मिश्रा ने बताया कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष 80 प्रतिशत बच्चों द्वारा निपुण लक्ष्य एवं सूची की निर्धारित दक्षताएं प्राप्त करना आवश्यक है। इसके साथ ही विगत तीन शैक्षिक सत्रों में बच्चों के नामांकन पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक विद्यालयों को 25 हजार और प्रशस्ति पत्र दिए जाने की योजना है। बताया कि प्रधानाध्यापकों को इस योजना के नियमों से अवगत करा दिया गया है। प्रधानाध्यापक पुरस्कार प्राप्त कर शिक्षा क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बना सकते हैं।
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इन लक्ष्यों को करना होगा प्राप्त
बीईओ ने बताया कि शैक्षिक सत्र में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की औसत उपस्थिति 90 प्रतिशत से अधिक होनी जरूरी है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का स्वतंत्र वाह्य मूल्यांकन के बाद निपुण विद्यालय और प्रधानाध्यापक को निपुण चैंपियन हेड मास्टर ऑफ द डिस्ट्रिक्ट घोषित किया जाएगा। निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकों को विभिन्न अवसरों राज्य, जनपद एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों व समारोह में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया जाएगा।
उत्कृष्ट प्रयासों का होगा अभिलेखीकरण
प्रधानाध्यापकों एवं सहायक अध्यापकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रयासों एवं सफलता की कहानियों का अभिलेखीकरण कर प्रेरणा पत्रिका में प्रकाशन होगा। इसके अलावा निपुण विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकों का उत्कृष्ट संस्थाओं में प्रशिक्षण कराया जाएगा, जिससे कि वे अकादमिक गतिविधियों एवं अभिनव प्रयोगों को अपने विद्यालयों में सही ढंग से लागू कर सकें।
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मालूम हो कि शिक्षा क्षेत्र रामनगर के 158 परिषदीय विद्यालयों में विगत वर्ष निपुण भारत के तहत ग्रेडिंग कराई गई थी। इसमें 140 विद्यालयों को ए, बी व सी ग्रेड प्राप्त हुआ था। निपुण भारत के तहत 140 परिषदीय विद्यालयों में से 91-ए ग्रेड ऐसे विद्यालय हैं जो निपुण भारत के लक्ष्य के करीब हैं। जबकि 29 विद्यालय बी ग्रेड तथा 20 विद्यालय सी ग्रेड के अंतर्गत चयनित हैं। 18 विद्यालय सी ग्रेड से भी बाहर हैं।
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सभी लक्ष्यों को पूरा करने वाले ए ग्रेड के विद्यालयों को अब निपुण भारत के लिए चयनित किया जाएगा। जबकि मानक पूरा करने वाले प्रधानाध्यापकों को निपुण भारत चैंपियन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी शैलजा मिश्रा ने बताया कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष 80 प्रतिशत बच्चों द्वारा निपुण लक्ष्य एवं सूची की निर्धारित दक्षताएं प्राप्त करना आवश्यक है। इसके साथ ही विगत तीन शैक्षिक सत्रों में बच्चों के नामांकन पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक विद्यालयों को 25 हजार और प्रशस्ति पत्र दिए जाने की योजना है। बताया कि प्रधानाध्यापकों को इस योजना के नियमों से अवगत करा दिया गया है। प्रधानाध्यापक पुरस्कार प्राप्त कर शिक्षा क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बना सकते हैं।
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इन लक्ष्यों को करना होगा प्राप्त
बीईओ ने बताया कि शैक्षिक सत्र में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की औसत उपस्थिति 90 प्रतिशत से अधिक होनी जरूरी है। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का स्वतंत्र वाह्य मूल्यांकन के बाद निपुण विद्यालय और प्रधानाध्यापक को निपुण चैंपियन हेड मास्टर ऑफ द डिस्ट्रिक्ट घोषित किया जाएगा। निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकों को विभिन्न अवसरों राज्य, जनपद एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों व समारोह में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया जाएगा।
उत्कृष्ट प्रयासों का होगा अभिलेखीकरण
प्रधानाध्यापकों एवं सहायक अध्यापकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रयासों एवं सफलता की कहानियों का अभिलेखीकरण कर प्रेरणा पत्रिका में प्रकाशन होगा। इसके अलावा निपुण विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकों का उत्कृष्ट संस्थाओं में प्रशिक्षण कराया जाएगा, जिससे कि वे अकादमिक गतिविधियों एवं अभिनव प्रयोगों को अपने विद्यालयों में सही ढंग से लागू कर सकें।