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Ambedkar Nagar News: सकारात्मक सोच और संवाद के जरिए रोक सकते हैं आत्महत्या
Wed, 10 Sep 2025 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:36 PM IST
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में जागरूकता रैली का शुभारंभ करते प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव।
अंबेडकरनगर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर बुधवार को महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में जागरूकता रैली का आयोजन किया। शुभारंभ प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस मौके पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए और आत्महत्या जैसी दुखद प्रवृत्तियों पर रोकथाम के लिए सामाजिक चेतना को जागृत किया गया।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने आत्महत्या नहीं, समाधान चुनें, मन की बात कहिए, चुप न रहिए, हर समस्या का हल है, बस बात कीजिए जैसे स्लोगन वाले पोस्टर और बैनरों के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। छात्रों ने मनोवैज्ञानिक सहयोग, काउंसिलिंग, पारिवारिक संवाद और सामाजिक समर्थन के महत्व पर बल देते हुए जियो और जीने दो का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि आत्महत्या को रोका जा सकता है बशर्ते कि हम समय रहते हस्तक्षेप करें और व्यक्ति को यह महसूस कराएं कि वह अकेला नहीं है। आत्महत्या की प्रवृत्ति आमतौर पर मानसिक तनाव, अकेलापन, डिप्रेशन और सामाजिक सहयोग की कमी के कारण पनपती है। समाज, परिवार और संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य को उतना ही महत्व देना चाहिए, जितना शारीरिक स्वास्थ्य को दिया जाता है। सभी प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने, तनावग्रस्त व्यक्तियों की मदद करने, और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य डॉ. उमेश वर्मा, सुधांशु चंदेल, डॉ. पारुल, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज गुप्ता, फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय सिंह, दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक पांडेय, डॉ. संदीप कुमार शर्मा, डॉ. चंद्रभान, डॉ. अनिल, बीएससी नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भास्करन व उप-प्राचार्य डॉ. सुमित शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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रैली के दौरान प्रतिभागियों ने आत्महत्या नहीं, समाधान चुनें, मन की बात कहिए, चुप न रहिए, हर समस्या का हल है, बस बात कीजिए जैसे स्लोगन वाले पोस्टर और बैनरों के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। छात्रों ने मनोवैज्ञानिक सहयोग, काउंसिलिंग, पारिवारिक संवाद और सामाजिक समर्थन के महत्व पर बल देते हुए जियो और जीने दो का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि आत्महत्या को रोका जा सकता है बशर्ते कि हम समय रहते हस्तक्षेप करें और व्यक्ति को यह महसूस कराएं कि वह अकेला नहीं है। आत्महत्या की प्रवृत्ति आमतौर पर मानसिक तनाव, अकेलापन, डिप्रेशन और सामाजिक सहयोग की कमी के कारण पनपती है। समाज, परिवार और संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य को उतना ही महत्व देना चाहिए, जितना शारीरिक स्वास्थ्य को दिया जाता है। सभी प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने, तनावग्रस्त व्यक्तियों की मदद करने, और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई गई।
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इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य डॉ. उमेश वर्मा, सुधांशु चंदेल, डॉ. पारुल, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज गुप्ता, फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय सिंह, दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक पांडेय, डॉ. संदीप कुमार शर्मा, डॉ. चंद्रभान, डॉ. अनिल, बीएससी नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भास्करन व उप-प्राचार्य डॉ. सुमित शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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