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मानदेय न मिलने से मुश्किल में बेसिक शिक्षा के 7239 संविदा कर्मी
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अंबेडकरनगर। शासन के तमाम निर्देशों के बावजूद मामूली मानदेय पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन काम करने वाले 7239 कर्मचारियों को समय से मानदेय का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइया मजदूरों को नवंबर माह के मानदेय का इंतजार है। धनाभाव के चलते कड़ाके की इस सर्द में कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने इस बेरुखी पर नाराजगी जाहिर की है। कहा कि कड़ाके की इस ठंड में मानदेय न मिलने से उन्हें गर्म कपड़े आदि खरीदने में काफी मुश्किल हो रही है।
बताते चलें कि शासन का निर्देश है कि सभी कर्मचारियों को प्रत्येक माह के एक तारीख को मानदेय का भुगतान सुनिश्चित हो जाए। इसके बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइयां मजदूरों को समय से मानदेय का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। नवंबर माह बीत चुका है, लेकिन अब तक भुगतान नही हुआ। दिसंबर माह का अन्तिम सप्ताह चल रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच मानदेय न मिलने से मामूली मानदेय पर काम करने वाले इन संविदाकर्मियों को काफी मुश्किल हो रही है। कर्मचारी कार्रवाई के भय से खुलकर आवाज तो नही उठा रहे, लेकिन कड़ाके की इस ठंड में मानदेय न मिलने से कर्मचारी काफी मुश्किल से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि समय से मानदेय न मिलने से काफी दिक्कत होती है। ठंड के इस मौसम में तो ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई बार विभागीय अधिकारियों से मानदेय भुगतान की मांग की गई, लेकिन उनके द्वारा कोई प्रयास नहीं किया गया।
विभाग की इस उदासीनता से जिले के 1952 शिक्षामित्र, 322 शिक्षा अनुदेशक व 4965 रसोईया मजदूरों को नंवबर माह के मानदेय का इंतजार बना हुआ है। शिक्षामित्र नेता केके दुबे, दीपमाला, सुमन पाल व राजेन्द्र प्रसाद आदि ने जिला प्रशासन से अविलंब मानदेय का लाभ दिलाए जाने की मांग की है। कहा कि कड़ाके की इस ठंड में मानदेय समय से न मिलने के चलते काफी मुश्किल हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग को कर्मचारियों के हितों का ख्याल रखना चाहिए।
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प्रदेश सरकार द्वारा बीते दिनों शिक्षामित्रों से जुड़े अभिलेख मांगे गए थे। कुछ जनपदों द्वारा सूचना उपलब्ध कराने में विलंब किया गया था। इसके चलते मानदेय भुगतान में देरी हो रही है। शासन से इस बावत आवश्यक पत्राचार किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक सुरेश कुमार तिवारी ने बताया कि जिले से सभी शिक्षामित्रों का डाटा शासन को भेज दिया गया है। मानदेय भुगतान की प्रक्रिया भी चल रही है। धन मिलते ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
सभी कर्मचारियों को समय से मानदेय का भुगतान किया जाता है। शिक्षामित्रों को लेकर शासन स्तर से कुछ जांच पड़ताल चल रही थी। इसके चलते भुगतान में विलंब हुआ। आने वाले कुछ ही दिनों में कर्मचारियों का भुगतान सुनिश्चित होगा।
अतुल कुमार सिंह बीएसए
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बताते चलें कि शासन का निर्देश है कि सभी कर्मचारियों को प्रत्येक माह के एक तारीख को मानदेय का भुगतान सुनिश्चित हो जाए। इसके बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइयां मजदूरों को समय से मानदेय का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। नवंबर माह बीत चुका है, लेकिन अब तक भुगतान नही हुआ। दिसंबर माह का अन्तिम सप्ताह चल रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच मानदेय न मिलने से मामूली मानदेय पर काम करने वाले इन संविदाकर्मियों को काफी मुश्किल हो रही है। कर्मचारी कार्रवाई के भय से खुलकर आवाज तो नही उठा रहे, लेकिन कड़ाके की इस ठंड में मानदेय न मिलने से कर्मचारी काफी मुश्किल से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि समय से मानदेय न मिलने से काफी दिक्कत होती है। ठंड के इस मौसम में तो ज्यादा दिक्कत हो रही है। कई बार विभागीय अधिकारियों से मानदेय भुगतान की मांग की गई, लेकिन उनके द्वारा कोई प्रयास नहीं किया गया।
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विभाग की इस उदासीनता से जिले के 1952 शिक्षामित्र, 322 शिक्षा अनुदेशक व 4965 रसोईया मजदूरों को नंवबर माह के मानदेय का इंतजार बना हुआ है। शिक्षामित्र नेता केके दुबे, दीपमाला, सुमन पाल व राजेन्द्र प्रसाद आदि ने जिला प्रशासन से अविलंब मानदेय का लाभ दिलाए जाने की मांग की है। कहा कि कड़ाके की इस ठंड में मानदेय समय से न मिलने के चलते काफी मुश्किल हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग को कर्मचारियों के हितों का ख्याल रखना चाहिए।
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प्रदेश सरकार द्वारा बीते दिनों शिक्षामित्रों से जुड़े अभिलेख मांगे गए थे। कुछ जनपदों द्वारा सूचना उपलब्ध कराने में विलंब किया गया था। इसके चलते मानदेय भुगतान में देरी हो रही है। शासन से इस बावत आवश्यक पत्राचार किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक सुरेश कुमार तिवारी ने बताया कि जिले से सभी शिक्षामित्रों का डाटा शासन को भेज दिया गया है। मानदेय भुगतान की प्रक्रिया भी चल रही है। धन मिलते ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
सभी कर्मचारियों को समय से मानदेय का भुगतान किया जाता है। शिक्षामित्रों को लेकर शासन स्तर से कुछ जांच पड़ताल चल रही थी। इसके चलते भुगतान में विलंब हुआ। आने वाले कुछ ही दिनों में कर्मचारियों का भुगतान सुनिश्चित होगा।
अतुल कुमार सिंह बीएसए