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रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मांगा एरियर
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2015 11:52 PM IST
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कहा कि जिम्मेदार लोगों की लापरवाही से कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान निगम के अक्षम चालकों की सेवानिवृत्त प्रक्रिया रोके जाने, संविदा परिचालकों का पारिश्रमिक बढ़ाने, मृतक आश्रितों की अविलंब तैनाती सुनिश्चित करने व कर्मचारियों में वर्दी का वितरण समय से करने की मांग की गई।
धरने की अध्यक्षता कर रहे कर्मचारी संयुक्त परिषद स्टेशन शाखा के नरेंद्र प्रताप सिंह ने कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कहा कि जब तक एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद नहीं करेंगे तब तक हमारी उपेक्षा जारी रहेगी। ऐसे में अब एकजुट होकर आंदोलन चलाना होगा।
वक्ताओं ने निगम के अक्षम चालकों को सेवा विनियमों के प्रावधानों व श्रम कानूनों की व्यवस्थाओं एवं न्यायालय के निर्णयों की अनदेखी कर सेवामुक्त किए जाने की प्रक्रिया को रोके जाने, संविदा चालकों व परिचालकों को मात्र 20 पैसे प्रति किमी की दर पर वेतन/पारिश्रमिक भुगतान किए जाने संबंधी अनुचित निर्णय को निरस्त कर न्यूनतम वेतनमान दिए जाने पर जोर दिया।
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दीपावली से पूर्व महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान करने, परिवहन निगम को सार्वजनिक उद्यम विभाग के नियंत्रण से मुक्त करने, डिपो स्तर तक आवश्यकतानुसार कल-पुर्जे और अन्य सामान उपलब्ध कराने व विभिन्न स्तरों पर हो रहे शोषण और उत्पीड़न तथा अनुचित वेतन कटौतियों की कार्रवाई बंद किए जाने की भी मांग की।
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धरने की अध्यक्षता कर रहे कर्मचारी संयुक्त परिषद स्टेशन शाखा के नरेंद्र प्रताप सिंह ने कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कहा कि जब तक एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद नहीं करेंगे तब तक हमारी उपेक्षा जारी रहेगी। ऐसे में अब एकजुट होकर आंदोलन चलाना होगा।
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वक्ताओं ने निगम के अक्षम चालकों को सेवा विनियमों के प्रावधानों व श्रम कानूनों की व्यवस्थाओं एवं न्यायालय के निर्णयों की अनदेखी कर सेवामुक्त किए जाने की प्रक्रिया को रोके जाने, संविदा चालकों व परिचालकों को मात्र 20 पैसे प्रति किमी की दर पर वेतन/पारिश्रमिक भुगतान किए जाने संबंधी अनुचित निर्णय को निरस्त कर न्यूनतम वेतनमान दिए जाने पर जोर दिया।
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दीपावली से पूर्व महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान करने, परिवहन निगम को सार्वजनिक उद्यम विभाग के नियंत्रण से मुक्त करने, डिपो स्तर तक आवश्यकतानुसार कल-पुर्जे और अन्य सामान उपलब्ध कराने व विभिन्न स्तरों पर हो रहे शोषण और उत्पीड़न तथा अनुचित वेतन कटौतियों की कार्रवाई बंद किए जाने की भी मांग की।