फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Risk of rain during harvest; farmers' anxiety mounts

Ambedkar Nagar News: कटाई के बीच बारिश का खतरा, किसानों की बढ़ी धड़कनें

Mon, 26 Oct 2026 10:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 10:41 PM IST
विज्ञापन
Risk of rain during harvest; farmers' anxiety mounts
जलालपुर के जमौली भड़भड़पुर में काटी गई धान की फसल। संवाद
अंबेडकरनगर। खेतों में धान की फसल पककर तैयार है और किसान कटाई की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की चेतावनी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 28 से 31 अक्तूबर के बीच जिले में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। 29 अक्तूबर को अत्यंत भारी और 30 अक्तूबर को बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में खेतों में खड़ी फसल गिरने, कटी धान की फसल भीगने और जलभराव से नुकसान की आशंका है।
विज्ञापन

जिले में करीब 1.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की बोआई की गई थी। इसमें अगेती धान पक चुका है और कटाई का काम चल रहा है, जबकि शेष फसल पकने के अंतिम चरण में है। ऐसे समय तेज हवा के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है। इससे कटाई में देरी होने के साथ ही दानों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। वहीं, जिन किसानों ने फसल काट ली है, उनके सामने उसे सुरक्षित रखने की चुनौती है। खुले में रखी कटी फसल भीगने से दानों में नमी बढ़ने और सुखाने व मड़ाई में अतिरिक्त समय लगने की आशंका है।
विज्ञापन

बारिश से खेतों में नमी बढ़ने पर मशीनों से कटाई और मड़ाई का काम भी प्रभावित हो सकता है। जिन खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, वहां पानी भरने से नुकसान का खतरा बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेहनत पर न फिर जाए पानी
टांडा के गौरा गुर्जर निवासी किसान अजय मौर्य का कहना है कि फसल तैयार होने के समय लगातार बारिश हुई तो कटाई और मड़ाई का काम पिछड़ सकता है। कटी फसल को सुरक्षित रखने और सुखाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ेंगे। किसान घनश्याम उपाध्याय ने बताया कि पहले से मौसम की मार झेल रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि फसल भीग गई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कटी फसल को खुले में न छोड़ें
कृषि विज्ञान केंद्र पांती के वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पकी फसल की कटाई और मड़ाई की योजना बनाएं। कटी फसल को खुले खेत में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और ढके स्थान पर रखें। संभव हो तो तिरपाल से ढकें और नीचे से नमी से बचाने की व्यवस्था करें। उन्होंने खेतों में जल निकासी के रास्ते खुले रखने की सलाह दी, ताकि बारिश का पानी जमा न हो। दलहनी और तिलहनी फसलों के खेतों में भी जल निकासी पर ध्यान देना जरूरी है। गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खेतों में काम न करें। पशुओं को भी खुले मैदान या पेड़ों के नीचे बांधने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें। किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
तारीखवार मौसम की चेतावनी
28 अक्तूबर: गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवा की आशंका।
29 अक्तूबर: अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी।
30 अक्तूबर: बहुत भारी वर्षा की चेतावनी।
31 अक्तूबर: भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed