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Ambedkar Nagar News: चौथे दिन भी बारिश, 10 डिग्री तक लुढ़का पारा, धान को नुकसान

Sat, 01 Nov 2025 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Sat, 01 Nov 2025 12:11 AM IST
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Rain continues for the fourth day, mercury drops to 10 degrees, damage to paddy
बारिश में भीगते हुए जातीं युवतियां।
अंबेडकरनगर। पिछले चार दिनों से लगातार हो रही रिमझिम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को बारिश के बीच चली हवा से पारा लुढ़क गया। मौसम में हुए इस बदलाव के बीच चार दिनों में करीब 10 डिग्री तक पारा गोते लगा चुका है। इसका असर भी दिखा और सिहरन बढ़ गई। ठंड लगने पर लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। उधर, बारिश की वजह से खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। करीब 25 से 30 प्रतिशत तक उत्पादन कम होने के आसार हैं। बारिश ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी प्रभावित किया।
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जिले में मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार चौथे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। कहीं रिमझिम तो कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश के बीच हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जहां दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री था। बारिश के कारण पारा लगातार लुढ़कते हुए शुक्रवार को 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। चार दिनों में तापमान में 10 डिग्री की गिरावट से सर्दी का अहसास होने लगा है। वहीं बारिश की वजह से कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि शनिवार को भी राहत के आसार नहीं है। बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं।
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खेत में भर रहा पानी, खेती-किसानी ठप
जिले में करीब 1.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की बोआई की गई थी। अब तक महज 30 हजार हेक्टेयर में धान की कटाई हो पाई थी। इनमें से ज्यादातर किसानों ने नमी सुखाने के लिए फसल को खेत में ही छोड़ दिया था। लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। कटाई के लिए तैयार धान की फसल बड़े पैमाने में खेतों में गिर गई है। अब अगले आठ से 10 दिनोें तक किसान धान की कटाई व मड़ाई नहीं कर सकेंगे। आलू से लेकर चना, मटर, मसूर की बोआई प्रभावित हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र, पांती के अध्यक्ष डॉ. रामजीत के अनुसार जिले में 25 से 30 प्रतिशत तक धान के उत्पादन में कमी आने की संभावना है। बारिश बंद होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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अक्तूबर की बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर
इस वर्ष बारिश ने धान किसानों की कमर तोड़ दी है। जून में इस बार छह दिनों में सिर्फ 41.83 एमएम बारिश हुई थी, जबकि पिछले वर्ष 116.5 एमएम बारिश हुई थी। इसी तरह जुलाई के 17 दिनों में 158.6 एमएम व पिछले वर्ष 259.5 एमएम बारिश हुई थी। अगस्त में 16 दिन में 205.3 एमएम व पिछले वर्ष 217.75 एमएम बारिश हुई थी। सितंबर माह में 11 दिन में 152.6 एमएम बारिश हुई, जबकि पिछले वर्ष 280.75 एमएम बारिश हुई थी। अक्तूबर माह में वर्ष बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई थी। जबकि एक से सात अक्तूबर तक 26.7 एमएम बारिश हो गई। 30 अक्तूबर को छह एमएम बारिश हुई।



पीएम फसल बीमा वाले किसानों का होगा सर्वे
जलालपुर के किसान रामअवध, बसखारी के राजकिशोर समेत अन्य किसानों ने बताया कि बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। गिरी हुई बालियां सड़ने लगी हैं और मशीनों से कटाई करना भी मुश्किल हो गया है। गेहूं की बोआई की तैयारी भी प्रभावित हुई है। प्रशासन को मुआवजे के लिए सर्वे कराया जाना चाहिए। उपकृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल हैं, उनका सर्वे कराया जाएगा। किसान टोल फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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