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चार महीने से अधूरा पड़ा है पुल का निर्माण
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अंबेडकरनगर के रामपुर बनेथू में अधूरा पड़ा पुल निर्माण।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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श्रवणक्षेत्र। राज्य सेतु निगम की मनमानी के चलते रामपुर बनेेथू घाट पर निर्माणाधीन पुल का कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। किसान मुआवजे के भुगतान के लिए कोर्ट का चक्कर काट रहे हैं। किसानों के अनुसार सेतु निगम भुगतान करने में हीलाहवाली कर रहा है। पिछले चार माह से काम यहां रुका है, लेकिन इसके बावजूद सेतु निगम किसानों की मांग पूरी नहीं कर रहा है। इससे प्रतिदिन करीब दो दर्जन गांव की लगभग 5 हजार की आबादी को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर अविलंब मुआवजे का भुगतान कराए जाने व पुल के निर्माण को पूरा कराए जाने की मांग की है।
बताते चलें कि करीब दो वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद हरिओम पाण्डेय के प्रयास से मझुई नदी पर कटेहरी विकास खंड के रामपुर बनेथू गांव के पास पुल निर्माण का कार्य शुरु हुआ। 8 करोड़ 86 लाख की लागत से बनने वाले इस पुल से करीब 5 हजार की आबादी को प्रतिदिन सुगम आवागमन का लाभ मिलता। आरोप है कि सेतु निगम ने पुल व पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए किसानों की भूमि का न तो अधिग्रहण किया, और न ही भुगतान। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया। सेतु निगम की इस मनमानी से क्षुब्ध ग्रामीणों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। किसानों व सेतु निगम के अधिकारियों के बीच चल रहे इस विवाद को चार माह बीत गया। तब से न तो पुल का निर्माण चल रहा है, और न ही मुआवजा मिल रहा है। इससे एक तरफ जहां प्रभावित कई किसान मुआवजे के लिए चक्कर काट रहे हैं, वहीं प्रतिदिन 5 हजार से अधिक की आबादी को आवागमन में मुश्किल झेलनी पड़ रही है।
क्षेत्र के रामउजागिर, आलोक तिवारी, पप्पू पाण्डेय, मधुकर सिंह, शिवम चौबे, रंजीत पाण्डेय, शिवलाल निषाद, सताई यादव, राधेश्याम निषाद, बहाऊ, बचन, वंशराज, खदेरु, अमरनाथ व घनश्याम आदि का कहना है कि कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज करायी गई, लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है। स्थानीय प्रशासन भी इस मामले को लेकर उदासीन बना हुआ है। इससे हजारों नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आशाजीतपुर, अहिरौली, बेड़रिया, रामपुर, घरवासपुर, नरायनपुर, खमपुर, बेनीपुर, बंदनडीह आदि कई गांवों के नागरिकों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। प्रदीप यादव व अन्य ने बताया कि सेतु निगम ने उन लोगों के साथ धोखा किया है। उनकी मांग के अनुसार मुआवजे की रकम नहीं दी जा रही है। निगम के अधिकारी व कर्मचारी जानबूझ कर मामले को लटका रहे हैं। इसी के चलते शुक्रवार को मिट्टी पटाई के लिए पहुंचे मजदूरों को काम से रोक दिया गया। जब तक मुआवजे का भुगतान नही हो जाता, तब तक वह विरोध जारी रखेंगे।
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पुल निर्माण को लेकर आयी अड़चनों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शासनादेश के मुताबिक सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। कुछ किसान उससे ज्यादा की मांग रखकर कार्य में अवरोध खड़ा कर रहे हैं। फिलहाल किसानों से वार्ता किया गया है, जल्द ही मामले को निस्तारित कर लिया जाएगा।
अमरबहादुर, अवर अभियंता सेतु निगम
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बताते चलें कि करीब दो वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद हरिओम पाण्डेय के प्रयास से मझुई नदी पर कटेहरी विकास खंड के रामपुर बनेथू गांव के पास पुल निर्माण का कार्य शुरु हुआ। 8 करोड़ 86 लाख की लागत से बनने वाले इस पुल से करीब 5 हजार की आबादी को प्रतिदिन सुगम आवागमन का लाभ मिलता। आरोप है कि सेतु निगम ने पुल व पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए किसानों की भूमि का न तो अधिग्रहण किया, और न ही भुगतान। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया। सेतु निगम की इस मनमानी से क्षुब्ध ग्रामीणों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। किसानों व सेतु निगम के अधिकारियों के बीच चल रहे इस विवाद को चार माह बीत गया। तब से न तो पुल का निर्माण चल रहा है, और न ही मुआवजा मिल रहा है। इससे एक तरफ जहां प्रभावित कई किसान मुआवजे के लिए चक्कर काट रहे हैं, वहीं प्रतिदिन 5 हजार से अधिक की आबादी को आवागमन में मुश्किल झेलनी पड़ रही है।
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क्षेत्र के रामउजागिर, आलोक तिवारी, पप्पू पाण्डेय, मधुकर सिंह, शिवम चौबे, रंजीत पाण्डेय, शिवलाल निषाद, सताई यादव, राधेश्याम निषाद, बहाऊ, बचन, वंशराज, खदेरु, अमरनाथ व घनश्याम आदि का कहना है कि कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज करायी गई, लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है। स्थानीय प्रशासन भी इस मामले को लेकर उदासीन बना हुआ है। इससे हजारों नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आशाजीतपुर, अहिरौली, बेड़रिया, रामपुर, घरवासपुर, नरायनपुर, खमपुर, बेनीपुर, बंदनडीह आदि कई गांवों के नागरिकों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। प्रदीप यादव व अन्य ने बताया कि सेतु निगम ने उन लोगों के साथ धोखा किया है। उनकी मांग के अनुसार मुआवजे की रकम नहीं दी जा रही है। निगम के अधिकारी व कर्मचारी जानबूझ कर मामले को लटका रहे हैं। इसी के चलते शुक्रवार को मिट्टी पटाई के लिए पहुंचे मजदूरों को काम से रोक दिया गया। जब तक मुआवजे का भुगतान नही हो जाता, तब तक वह विरोध जारी रखेंगे।
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पुल निर्माण को लेकर आयी अड़चनों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शासनादेश के मुताबिक सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। कुछ किसान उससे ज्यादा की मांग रखकर कार्य में अवरोध खड़ा कर रहे हैं। फिलहाल किसानों से वार्ता किया गया है, जल्द ही मामले को निस्तारित कर लिया जाएगा।
अमरबहादुर, अवर अभियंता सेतु निगम