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किसानों व भट्ठा संचालकों पर बारिश ने ढहाया कहर
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फोटो-14, अंबेडकरनगर के उकरा गांव में बारिश व तेज हवाओं के चपेट में आकर इस तरह से धराशायी हुई गेहूं की
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। सोमवार रात हुई मूसलधार बारिश ने किसानों से लेकर ईंट भट्ठा व्यवसायियों को तगड़ी चपत लगाई है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से पूरी रात कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी ठप रही। मंगलवार दिन में भी कई क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल न होने से आम नागरिकों को काफी मुश्किल हुई। तेज हवाओं के चलते किसानों की फसलें भी कई जगह गिर गई। इससे उसकी उपज में असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है। वहीं ईंट भट्ठा संचालकों को इस बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। पथाई के बाद सूखने के लिए रखी ईंट पानी के चलते नष्ट हो गई।
पिछले कई दिनों से मौसम में चल रहा उलटफेर सोमवार रात किसानों व ईंट भट्ठा संचालकों के लिए कहर बनकर टूटा। बारिश व तेज हवाओं के चलते आलू, गेहूं, सरसों, मटर, गन्ना आदि फसलों का नुकसान पहुंचा। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं व तेज बारिश के चलते उनकी फसल गिर गई है। इससे साफ तौर पर उपज पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। बारिश के चलते खेतों में तैयार आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। मिट्टी गीली हो जाने के चलते अब दो तीन दिन तक खुदाई का कार्य प्रभावित होगा।
इससे आलू में सड़न शुरु हो जाने का खतरा है। इतना ही नहीं मध्य रात करीब हुई बारिश ने सबसे ज्यादा चपत ईंट भट्ठा संचालकों को लगा है। जिले में 200 से अधिक ईंट भटठा संचालित हैं। इन दिनों मौसम साफ होने के चलते ईंट पथाई का कार्य जोरों पर चल रहा था। हजारों की संख्या में कच्चे ईंट तैयार किए गए थे। अचानक हुई बारिश से खुले आसमान के नीचे सूखने के लिए रखे गए ईंट नष्ट हो गए। इससे भट्ठा संचालकों को लाखों की चपत लगी है।
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बारिश का असर आम जनजीवन पर भी पड़ा। रात में अचानक तेज हवाओं के बीच शुरु हुई बारिश के चलते विद्युत आपूर्ति भी ठप हो गई। रात भर चली बूंदाबांदी के चलते अधिकांश क्षेत्रों में रात भर आपूर्ति बहाल नहीं हुई। कई क्षेत्रों में मंगलवार दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हुई। आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं को काफी मुश्किल हुई। आवागमन व जल निकासी की समस्या से नागरिकों को जूझना पड़ा। अधिशाषी अभियंता विद्युत वीके पटेल ने बताया कि मौसम खराब होने के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मौसम ठीक होने के साथ ही आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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पिछले कई दिनों से मौसम में चल रहा उलटफेर सोमवार रात किसानों व ईंट भट्ठा संचालकों के लिए कहर बनकर टूटा। बारिश व तेज हवाओं के चलते आलू, गेहूं, सरसों, मटर, गन्ना आदि फसलों का नुकसान पहुंचा। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं व तेज बारिश के चलते उनकी फसल गिर गई है। इससे साफ तौर पर उपज पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। बारिश के चलते खेतों में तैयार आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। मिट्टी गीली हो जाने के चलते अब दो तीन दिन तक खुदाई का कार्य प्रभावित होगा।
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इससे आलू में सड़न शुरु हो जाने का खतरा है। इतना ही नहीं मध्य रात करीब हुई बारिश ने सबसे ज्यादा चपत ईंट भट्ठा संचालकों को लगा है। जिले में 200 से अधिक ईंट भटठा संचालित हैं। इन दिनों मौसम साफ होने के चलते ईंट पथाई का कार्य जोरों पर चल रहा था। हजारों की संख्या में कच्चे ईंट तैयार किए गए थे। अचानक हुई बारिश से खुले आसमान के नीचे सूखने के लिए रखे गए ईंट नष्ट हो गए। इससे भट्ठा संचालकों को लाखों की चपत लगी है।
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बारिश का असर आम जनजीवन पर भी पड़ा। रात में अचानक तेज हवाओं के बीच शुरु हुई बारिश के चलते विद्युत आपूर्ति भी ठप हो गई। रात भर चली बूंदाबांदी के चलते अधिकांश क्षेत्रों में रात भर आपूर्ति बहाल नहीं हुई। कई क्षेत्रों में मंगलवार दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हुई। आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं को काफी मुश्किल हुई। आवागमन व जल निकासी की समस्या से नागरिकों को जूझना पड़ा। अधिशाषी अभियंता विद्युत वीके पटेल ने बताया कि मौसम खराब होने के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मौसम ठीक होने के साथ ही आपूर्ति बहाल कर दी गई।