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विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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अंबेडकरनगर के विद्युत विभाग कार्यालय में निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। निजीकरण के विरोध में सोमवार को अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। अपराह्न 4 से शाम 6 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि निजीकरण का विरोध लगातार किया जा रहा है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है। चेतावनी दी कि जब तक निजीकरण प्रक्रिया को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका इसी प्रकार से प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र त्यागी ने कहा कि सरकार पावर कॉरपोरेशन को निजी हाथों में देना चाहती है। यदि ऐसा होता है, तो इससे न सिर्फ अधिकारियों, बल्कि कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। कर्मचारियों के हित को देखते हुए निजीकरण प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और इसे वापस लिया जाए। लंबे समय से निजीकरण का विरोध किया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इस प्रकार की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वक्ताओं ने कहा कि अभी तो राष्ट्रीय आह्वान पर अपराह्न 4 बजे से शाम 6 बजे तक निजीकरण के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जाएगा, लेकिन यदि शीघ्र ही इस तरफ कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो उग्र आंदोलन छेड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर अधिशाषी अभियंता वीके पटेल, एसडीओ उपेंद्र पटेल, रंजीत, रामरतन यादव, नीलम, अमरजीत, अजीम अहमद, मुकेश आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र त्यागी ने कहा कि सरकार पावर कॉरपोरेशन को निजी हाथों में देना चाहती है। यदि ऐसा होता है, तो इससे न सिर्फ अधिकारियों, बल्कि कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। कर्मचारियों के हित को देखते हुए निजीकरण प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और इसे वापस लिया जाए। लंबे समय से निजीकरण का विरोध किया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इस प्रकार की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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वक्ताओं ने कहा कि अभी तो राष्ट्रीय आह्वान पर अपराह्न 4 बजे से शाम 6 बजे तक निजीकरण के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जाएगा, लेकिन यदि शीघ्र ही इस तरफ कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो उग्र आंदोलन छेड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर अधिशाषी अभियंता वीके पटेल, एसडीओ उपेंद्र पटेल, रंजीत, रामरतन यादव, नीलम, अमरजीत, अजीम अहमद, मुकेश आदि मौजूद रहे।
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