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दो दिन से 45 हजार आबादी बिन बिजली बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:02 AM IST
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था गुरुवार को भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी। बीते 48 घंटे से लगभग 45 हजार आबादी को बिजली नसीब नहीं हो सकी है। इससे एक तरफ जहां लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है, वहीं इसका प्रतिकूल प्रभाव लघु उद्योग-धंधों पर भी पड़ रहा है।
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कहीं पावरलूमों की खटर-पटर बंद पड़ी है तो कहीं आटा चक्की न चलने से लोगों को विभिन्न मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि गत दिवस आई तेज आंधी के साथ हुई बारिश से जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई थी।
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अकबरपुर नगर की आपूर्ति तो गड़बड़ी दूर कर बहाल कर दी गई लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। भीटी, महरुआ, जलालपुर, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, आलापुर, टांडा व अकबरपुर के चार दर्जन से अधिक गांवों में न तो अब तक क्षतिग्रस्त खंभों को बदला जा सका है और न ही टूटे तारों को ही दुरुस्त कराया जा सका है।
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इतना ही नहीं, उपकेंद्रों में आई खराबी को भी दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। महरुआ थाना के सामने दो दिन पहले फुंके ट्रांसफार्मर को अब तक नहीं बदला जा सका तो जहांगीरगंज सीएचसी में लगे ट्रांसफार्मर को भी तीन दिन पहले फुंकने के बाद नहीं बदला गया। नतीजतन संबंधित क्षेत्र की लगभग 45 हजार आबादी को बीते 48 घंटे से अंधेरे में ही रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सुचारु बिजली न मिलने से एक तरफ जहां घरेलू उपकरण महज शोपीस बने हुए हैं, वहीं व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जलालपुर, जहांगीरगंज, बसखारी व टांडा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप होने से एक तरफ जहां पावरलूम बंद पड़े हैं, वहीं आटा चक्की के न चलने से भी लोगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।