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कहीं 48, तो कहीं 72 घंटे से ठप है विद्युत आपूर्ति
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अंबेडकरनगर। लगातार हो रही बरसात से जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह पटरी से उतर गई है। जिला मुख्यालय के कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो पाई, जबकि कई क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति ठप थी। ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं 48 घंटे तो कहीं 72 घंटे से आपूर्ति ठप है। कई जगह तारों के टकराने के चलते हाई वोल्टेज का भी संकट खड़ा हो गया।
समूचे जिले में बीते तीन दिन से हो रही बरसात ने विद्युत आपूर्ति का ऐसा संकट खड़ा कर दिया है, जिसका सामना एक दशक से भी अधिक समय से उपभोक्ताओं को नहीं करना पड़ा था। अतिवृष्टि के बीच अकबरपुर नगर के कई क्षेत्रों में मंगलवार सुबह से ही विद्युत आपूर्ति ठप पड़ गई। अपराह्न बाद नगर के बाकी हिस्से भी इसमें शामिल हो गए। कहीं खंभे व तार टूटने, तो कहीं विद्युत उपकेंद्र में आई गड़बड़ी ने लगभग समूचे नगर की विद्युत आपूर्ति ठप कर दी।
लगातार हो रही बारिश के बीच विद्युत आपूर्ति बहाल करने में भी कठिनाई हो रही थी। नतीजा यह हुआ कि लगभग समूचे जिला मुख्यालय पर रातभर अंधेरा छाया रहा। यही स्थिति बुधवार दिन में भी बनी रही। ऐसे में सबसे ज्यादा मुश्किल पानी के संकट को लेकर खड़ा हो गया। नगर पालिका परिषद से होने वाली आपूर्ति भी विद्युत संकट के बीच जवाब देने लगी। इससे भी नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गईं।
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बुधवार दोपहर बाद अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े चार फीडर पर आपूर्ति बहाल हो गई, जबकि पांच फीडर पर आपूर्ति ठप ही रही। मरैला विद्युत उपकेंद्र से होने वाली आपूर्ति लगातार दूसरे दिन भी शाम तक बहाल नहीं हो पाई। उधर भीटी, आलापुर, जलालपुर व टांडा तहसील क्षेत्र के 200 से अधिक गावों व बाजारों में कहीं 48, तो कहीं 72 घंटे से आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। उपभोक्ताओं में इसे लेकर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।
तीन दिन से लगातार हो रही बरसात गड़बड़ी दूर करने में बाधक बन रही है। फिर भी कई क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत
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समूचे जिले में बीते तीन दिन से हो रही बरसात ने विद्युत आपूर्ति का ऐसा संकट खड़ा कर दिया है, जिसका सामना एक दशक से भी अधिक समय से उपभोक्ताओं को नहीं करना पड़ा था। अतिवृष्टि के बीच अकबरपुर नगर के कई क्षेत्रों में मंगलवार सुबह से ही विद्युत आपूर्ति ठप पड़ गई। अपराह्न बाद नगर के बाकी हिस्से भी इसमें शामिल हो गए। कहीं खंभे व तार टूटने, तो कहीं विद्युत उपकेंद्र में आई गड़बड़ी ने लगभग समूचे नगर की विद्युत आपूर्ति ठप कर दी।
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लगातार हो रही बारिश के बीच विद्युत आपूर्ति बहाल करने में भी कठिनाई हो रही थी। नतीजा यह हुआ कि लगभग समूचे जिला मुख्यालय पर रातभर अंधेरा छाया रहा। यही स्थिति बुधवार दिन में भी बनी रही। ऐसे में सबसे ज्यादा मुश्किल पानी के संकट को लेकर खड़ा हो गया। नगर पालिका परिषद से होने वाली आपूर्ति भी विद्युत संकट के बीच जवाब देने लगी। इससे भी नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गईं।
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बुधवार दोपहर बाद अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े चार फीडर पर आपूर्ति बहाल हो गई, जबकि पांच फीडर पर आपूर्ति ठप ही रही। मरैला विद्युत उपकेंद्र से होने वाली आपूर्ति लगातार दूसरे दिन भी शाम तक बहाल नहीं हो पाई। उधर भीटी, आलापुर, जलालपुर व टांडा तहसील क्षेत्र के 200 से अधिक गावों व बाजारों में कहीं 48, तो कहीं 72 घंटे से आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। उपभोक्ताओं में इसे लेकर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।
तीन दिन से लगातार हो रही बरसात गड़बड़ी दूर करने में बाधक बन रही है। फिर भी कई क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत