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कोटेदार ने तहसीलदार से मांगी सौ रुपये घूस
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Thu, 25 Jun 2015 11:31 PM IST
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पूछताछ पर कोटेदार ने बताया कि लेखपाल के कहने पर वह किसानों से पैसे ले रहा है। इस पर तहसीलदार ने लेखपाल की दो वेतनवृद्धि रोकने के साथ ही अन्य कार्रवाई के लिए एसडीएम को पत्र लिखा है।
गुरुवार को इसहाकपुर गांव से कुछ किसान आलापुर तहसील मुख्यालय पहुंचे। जहां बलिराम, रामधनी, पूरनमासी, वीरेंद्र, कमलेश, सोनू आदि ने तहसीलदार को बताया कि आपदा राहत के रूप में शासन से किसानों में वितरण के लिए आए चेक देने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार तत्काल अपनी गाड़ी में कुछ शिकायत कर्ताओं को बैठाकर उनके गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के बाहर वाहन खड़ा कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता बलिकरन के साथ कोटेदार के घर पहुंचे। वहां तहसीलदार ने खुद को एक ग्रामीण का रिश्तेदार बताकर राहत राशि का चेक मांगा।
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इस पर कोटेदार ने उनसे 100 रुपये घूस मांग ली। तहसीलदार ने जब अपना परिचय दिया तो कोटेदार के होश फाख्ता हो गए। कोटेदार नंदलाल ने बताया कि वह लेखपाल वीरेंद्र बहादुर यादव के कहने पर पैसे ले रहा है। तहसीलदार ने तत्काल लेखपाल की दो वेतनवृद्धि रोकते हुए अन्य कार्रवाई के लिए एसडीएम को पत्र लिखा है।
तहसीलदार ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही लेखपाल ने चेक तहसील से लिए थे, लेकिन खुद वितरण की बजाय उसने कोटेदार को सौंप दिया। इस कार्रवाई से अन्य लेखपालों में भी हड़कंप दिख रहा है।
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गुरुवार को इसहाकपुर गांव से कुछ किसान आलापुर तहसील मुख्यालय पहुंचे। जहां बलिराम, रामधनी, पूरनमासी, वीरेंद्र, कमलेश, सोनू आदि ने तहसीलदार को बताया कि आपदा राहत के रूप में शासन से किसानों में वितरण के लिए आए चेक देने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
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ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार तत्काल अपनी गाड़ी में कुछ शिकायत कर्ताओं को बैठाकर उनके गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के बाहर वाहन खड़ा कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता बलिकरन के साथ कोटेदार के घर पहुंचे। वहां तहसीलदार ने खुद को एक ग्रामीण का रिश्तेदार बताकर राहत राशि का चेक मांगा।
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इस पर कोटेदार ने उनसे 100 रुपये घूस मांग ली। तहसीलदार ने जब अपना परिचय दिया तो कोटेदार के होश फाख्ता हो गए। कोटेदार नंदलाल ने बताया कि वह लेखपाल वीरेंद्र बहादुर यादव के कहने पर पैसे ले रहा है। तहसीलदार ने तत्काल लेखपाल की दो वेतनवृद्धि रोकते हुए अन्य कार्रवाई के लिए एसडीएम को पत्र लिखा है।
तहसीलदार ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही लेखपाल ने चेक तहसील से लिए थे, लेकिन खुद वितरण की बजाय उसने कोटेदार को सौंप दिया। इस कार्रवाई से अन्य लेखपालों में भी हड़कंप दिख रहा है।