फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Indefinite strike in the 60 rice mills

60 राइस मिलों में बेमियादी हड़ताल

Sun, 16 Oct 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Sun, 16 Oct 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
Indefinite strike in the 60 rice mills
अंबेडकरनगर में हड़ताल के चलते रविवार को बंद पड़ा राइसमिल का मुख्य गेट। - फोटो : अमर उजाला

आढ़तों पर किसानों के धान की खरीद को मंजूरी दिए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर जिले की 60 राइस मिलों में रविवार से बेमियादी हड़ताल शुरू हो गई। राइस मिलरों ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि राइस मिलरों के हितों की अनदेखी की जा रही हैै।

विज्ञापन


उधर राइस मिलरों की हड़ताल के चलते आगामी दिनों में शुरू होने वाली धान की खरीद पर असर पड़ने की आशंका को देख किसान चिंतित हैं। धान बेल्ट के रूप में प्रसिद्ध अंबेडकरनगर जिले के राइस मिलरों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। राइसमिलरों का कहना है कि सरकार किसानों के हित के अनुरूप धान खरीद के बावत निर्णय नहीं ले रही है। राइस मिलों की प्रगति तय करने को लेकर भी उपेक्षा का माहौल है।
विज्ञापन


वे सब लंबे समय से सरकार से राइसमिल व किसानों के हक की मांग करते चले आ रहे हैं लेकिन लगातार उपेक्षा की जा रही है। राइस मिलरों का यह भी कहना है कि आढ़तों पर धान खरीद को इस वर्ष मंजूरी न दिया जाना किसानों के हित में नहीं है। इससे किसानों का ही नुकसान है। यह अनुमति दी जानी चाहिए। गौरतलब है कि जिले में लगभग 60 राइसमिलें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें से तमाम मिलें सरकार द्वारा दिए जाने वाले धान की कुटाई कर चावल वापस करती हैं जिन्हें सीएमआर अर्थात कस्टम मिल्ड राइस कहा जाता हैै। धान की बेहतर उत्पादकता को देखते हुए ही जिले में राइसमिलों की लंबी शृंखला है। सरकारी धान को कूटकर चावल वापस करने के साथ ही इन राइसमिलों पर उन धान की भी खपत हो जाती है जो आढ़तियों द्वारा खरीदे जाते हैं।

सरकारी क्रय केंद्रों पर होने वाली मुसीबत से बचने तथा नगद भुगतान पाने के लिए अक्सर किसान अपने धान की बिक्री आढ़तों पर कर देते हैं। आढ़तियों द्वारा संबंधित धान की बिक्री राइसमिलों में कर दी जाती है। अब राइसमिलों में बेमियादी हड़ताल शुरू हो जाने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

कारण यह कि धान की फसल लगभग तैयार होने को है। किसान जियालाल व हुबराज ने कहा कि राइसमिलों की हड़ताल लंबी चली तो निश्चित तौर पर उन सभी को अपनी फसल बेचने में कठिनाई होगी। किसानों ने कहा कि शासन-प्रशासन को इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द तय कराना चाहिए। राइसमिलर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष रमेश सेठ ने कहा कि हड़ताल के अलावा कोई चारा नहीं था।


प्रांतीय नेता गोविंद अग्रवाल ने कहा कि किसानों के लिए कमीशन आढ़तिया खरीद खोलने की अनुमति शासन को देनी चाहिए। यह अनुमति नहीं मिली तो  किसानों का ही नुकसान होगा। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अविनाश ओझा ने बताया कि राइसमिलरों की मांग शासन स्तर से जुड़ी है। जिला स्तर का मामला नहीं है। किसानों के धान की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों  से संपन्न कराई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed