{"_id":"64aee7580f3561231f059d0c","slug":"in-the-case-of-attack-on-the-police-the-high-court-sought-the-answer-from-the-sp-ambedkar-nagar-news-c-13-lko1023-331941-2023-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: पुलिस पर हमले के मामले में हाईकोर्ट ने एसपी से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: पुलिस पर हमले के मामले में हाईकोर्ट ने एसपी से मांगा जवाब
विज्ञापन
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पुलिस पर हमला करने के आरोप वाले केस की साफ सुथरी तफ्तीश किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने के आग्रह वाली याचिका पर अंबेडकरनगर के पुलिस अधीक्षक से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई एक अगस्त को नियत कर इस बीच पुलिस अधीक्षक को मामले में विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति एन के जौहरी की खंडपीठ ने यह आदेश गजाला परवीन की याचिका पर दिया। याची के अधिवक्ता गिरीश कुमार पांडेय का कहना था कि 14 जून को अंबेडकर नगर के अलीगंज थाने की पुलिस याची के पति को गाड़ी में बैठाकर ले गई। थाने में किसी परिजन को मिलने नहीं दिया गया। इसपर याची गजाला ने इसकी सूचना पुलिस व प्रशासन के उच्चाधिकारियों को दी।
हाईकोर्ट में केस दायर करने की तैयारी के दौरान याची को पता चला कि अंबेडकरनगर के हंसवार थाने में पुलिस पर जानलेवा हमले का केस याची, उसके पति व अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया है। अधिवक्ता का कहना था कि इस तरह पुलिस ने रंजिशन जानलेवा हमले का झूठा केस दर्ज किया है जिसकी निष्पक्ष विवेचना किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उधर सरकारी वकील ने वहीं के इब्राहिमपुर थाने से भेजी गई केस की जानकारी पेश की। जबकि मामला हंसवार थाने का है। इसके संदर्भ में याची के वकील का कहना था कि पुलिस ने यह केस फर्जी दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति एन के जौहरी की खंडपीठ ने यह आदेश गजाला परवीन की याचिका पर दिया। याची के अधिवक्ता गिरीश कुमार पांडेय का कहना था कि 14 जून को अंबेडकर नगर के अलीगंज थाने की पुलिस याची के पति को गाड़ी में बैठाकर ले गई। थाने में किसी परिजन को मिलने नहीं दिया गया। इसपर याची गजाला ने इसकी सूचना पुलिस व प्रशासन के उच्चाधिकारियों को दी।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में केस दायर करने की तैयारी के दौरान याची को पता चला कि अंबेडकरनगर के हंसवार थाने में पुलिस पर जानलेवा हमले का केस याची, उसके पति व अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया है। अधिवक्ता का कहना था कि इस तरह पुलिस ने रंजिशन जानलेवा हमले का झूठा केस दर्ज किया है जिसकी निष्पक्ष विवेचना किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उधर सरकारी वकील ने वहीं के इब्राहिमपुर थाने से भेजी गई केस की जानकारी पेश की। जबकि मामला हंसवार थाने का है। इसके संदर्भ में याची के वकील का कहना था कि पुलिस ने यह केस फर्जी दर्ज किया है।
विज्ञापन