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Ambedkar Nagar News: जानलेवा हमले के मामले में छह आरोपियों पर दोष सिद्ध, दो बरी
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अंबेडकरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रामविलास सिंह ने जमीन विवाद के एक पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों को गैरइरादतन जानलेवा हमले और बलवा सहित अन्य धाराओं में दोषी करार दिया है। वहीं, प्रभावती व विमला देवी को दोषमुक्त कर दिया गया है। इस मामले में दंड पत्र पर सुनवाई एक जून को होगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 11 गवाह प्रस्तुत किए गए थे। यह घटना 10 जून 2014 को हंसवर के मोहम्मदपुर मुसलमान गांव में हुई थी। पीड़ित प्रेमचंद्र के अनुसार उनके बड़े पिता रामबसंत पाल सुबह लगभग 11 बजे अपने दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान जमीन के विवाद के चलते गांव के चंद्रेश यादव, गिरजेश यादव, रामसकल, रामसुरेश, रामचरन, विमला देवी और प्रभावती ने गालियां देना शुरू कर दिया। आरोप है कि चंद्रशेखर यादव ने जान से मारने की नीयत से बल्लम से रामबसंत पाल के पेट में वार कर दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जब प्रेमचंद्र, लालचंद्र और उनके भाई रामप्रताप उन्हें बचाने दौड़े तो गिरजेश यादव ने अपने हाथ में लिए कट्टे से प्रेमचंद्र पर फायर कर दिया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर लाठी-डंडे और ईंटों से लालचंद्र, रामप्रताप और सुभाष चंद्र को पीटकर घायल कर दिया।
इस मामले में चंद्रेश, गिरजेश यादव, रामसकल, रामचरन, विमला देवी, राजमन यादव और प्रभावती देवी के खिलाफ हत्या के प्रयास, गैरइरादतन जानलेवा हमला, बलवा सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की थी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर छह आरोपियों को दोषी पाया है। वहीं, विमला देवी और प्रभावती देवी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 11 गवाह प्रस्तुत किए गए थे। यह घटना 10 जून 2014 को हंसवर के मोहम्मदपुर मुसलमान गांव में हुई थी। पीड़ित प्रेमचंद्र के अनुसार उनके बड़े पिता रामबसंत पाल सुबह लगभग 11 बजे अपने दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान जमीन के विवाद के चलते गांव के चंद्रेश यादव, गिरजेश यादव, रामसकल, रामसुरेश, रामचरन, विमला देवी और प्रभावती ने गालियां देना शुरू कर दिया। आरोप है कि चंद्रशेखर यादव ने जान से मारने की नीयत से बल्लम से रामबसंत पाल के पेट में वार कर दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जब प्रेमचंद्र, लालचंद्र और उनके भाई रामप्रताप उन्हें बचाने दौड़े तो गिरजेश यादव ने अपने हाथ में लिए कट्टे से प्रेमचंद्र पर फायर कर दिया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर लाठी-डंडे और ईंटों से लालचंद्र, रामप्रताप और सुभाष चंद्र को पीटकर घायल कर दिया।
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इस मामले में चंद्रेश, गिरजेश यादव, रामसकल, रामचरन, विमला देवी, राजमन यादव और प्रभावती देवी के खिलाफ हत्या के प्रयास, गैरइरादतन जानलेवा हमला, बलवा सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की थी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर छह आरोपियों को दोषी पाया है। वहीं, विमला देवी और प्रभावती देवी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया है।
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