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बंद के समर्थन में किसान संगठनों ने किया प्रदर्शन
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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। किसान यूनियन के भारत बंद का जिले में आमतौर पर सोमवार को कोई असर देखने को नहीं मिला, लेकिन बंद के समर्थन में अकबरपुर व जलालपुर में किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। इसमें तीनों नए कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए अविलंब वापस लेने तथा एमएसपी लागू करने की मांग की गई। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के हक के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि इस बार किसान अपने हक के लिए निर्णायक संघर्ष को आगे बढ़ चुका है। अब वह पीछे तभी लौटेगा, जब वह अपना हक हासिल कर लेगा।
तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित भारत बंद के आह्वान के बावजूद जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर सभी दुकानें खुली रहीं। इक्का-दुक्का दुकानें बंद जरूर रहीं, लेकिन बंद का कोई खास असर नहीं रहा। हालांकि जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की आवाज बुलंद की गई। संयुक्त किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सत्यदेव पाल, किसान यूनियन अराजनैतिक गुट के पवन कुमार सिंह व टिकैत गुट के विनय कुमार वर्मा के आह्वान पर कई क्षेत्रों के किसान व संगठन कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर एकत्र हो गए। तीनों नए कृषि कानून को निरस्त करने, बढ़ती महंगाई व धान के समर्थन मूल्य की वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार के नए कृषि कानून से किसानों का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा।
सरकार से संगठन लगातार मांग कर रहा है कि यदि वह किसानों की सच्ची हितैषी हो तो न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून क्यों नहीं बना रही है। सरकार की मंशा किसानों को लाभ पहुंचाने के बजाय उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाना है। ऐसे में किसान संगठन सरकार के इस तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर चुप नही बैठेगा। किसानों के आंदोलन की सूचना पर कलेक्ट्रेट पर जहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे, वहीं एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम व सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह डटे रहे। प्रदर्शन में जनवादी किसान सभा, खेत मजदूर संगठन, इंकलाबी नौजवान सभा आदि संगठनों ने भी सहयोग किया। स्थिति का जायजा लेने एएसपी संजय कुमार राय भी वहां पहुंचे।
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जलालपुर में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक गुट के जिला उपाध्यक्ष बृजेश यादव को उनके गांव भदोही में नजरबंद करने के बाद सोमवार को ज्ञापन लेने एसडीएम अभय कुमार पांडेय गांव पहुंचे। सुबह जलालपुर नगर सहित भदोही गांव में फोर्स तैनात कर दी गई। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में भाकियू नेता बृजेश व अन्य कार्यकर्ताओं ने तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की। साथ ही सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने पर जोर दिया गया। इस मौके पर कृष्णा यादव, आसाराम, दलसिंगार, मकरध्वज, फातिमा, शालिनी, उर्मिला, अरविंद, लालमन व रोशन आदि मौजूद रहे।
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तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आयोजित भारत बंद के आह्वान के बावजूद जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर सभी दुकानें खुली रहीं। इक्का-दुक्का दुकानें बंद जरूर रहीं, लेकिन बंद का कोई खास असर नहीं रहा। हालांकि जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की आवाज बुलंद की गई। संयुक्त किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सत्यदेव पाल, किसान यूनियन अराजनैतिक गुट के पवन कुमार सिंह व टिकैत गुट के विनय कुमार वर्मा के आह्वान पर कई क्षेत्रों के किसान व संगठन कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पर एकत्र हो गए। तीनों नए कृषि कानून को निरस्त करने, बढ़ती महंगाई व धान के समर्थन मूल्य की वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार के नए कृषि कानून से किसानों का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा।
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सरकार से संगठन लगातार मांग कर रहा है कि यदि वह किसानों की सच्ची हितैषी हो तो न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून क्यों नहीं बना रही है। सरकार की मंशा किसानों को लाभ पहुंचाने के बजाय उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाना है। ऐसे में किसान संगठन सरकार के इस तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर चुप नही बैठेगा। किसानों के आंदोलन की सूचना पर कलेक्ट्रेट पर जहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे, वहीं एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम व सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह डटे रहे। प्रदर्शन में जनवादी किसान सभा, खेत मजदूर संगठन, इंकलाबी नौजवान सभा आदि संगठनों ने भी सहयोग किया। स्थिति का जायजा लेने एएसपी संजय कुमार राय भी वहां पहुंचे।
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जलालपुर में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक गुट के जिला उपाध्यक्ष बृजेश यादव को उनके गांव भदोही में नजरबंद करने के बाद सोमवार को ज्ञापन लेने एसडीएम अभय कुमार पांडेय गांव पहुंचे। सुबह जलालपुर नगर सहित भदोही गांव में फोर्स तैनात कर दी गई। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में भाकियू नेता बृजेश व अन्य कार्यकर्ताओं ने तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की। साथ ही सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने पर जोर दिया गया। इस मौके पर कृष्णा यादव, आसाराम, दलसिंगार, मकरध्वज, फातिमा, शालिनी, उर्मिला, अरविंद, लालमन व रोशन आदि मौजूद रहे।