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नई व्यवस्था से लर्निंग लाइसेंस बनवाने में दिक्कत
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अंबेडकरनगर। राहत दिलाने के लिए लागू हुई घर बैठे लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा आवेदकों के लिए परेशानी का सबब बनी है। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान कंप्यूटर में लगे कैमरे में किसी भी तरह का शोर रिकार्ड हो जाने पर सिस्टम में आवेदक का आवेदन रिजेक्ट हो जाने की समस्या सभी की परेशानी बढ़ा रही है। इससे आवेदकों को दोबारा आवेदन करने व फीस जमा करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इससे आक्रोशित आवेदकों ने प्राथमिकता के आधार पर इस परेशानी को दूर कराने की मांग की है।
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को बिचौलियों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए शासन ने एक जून से नयी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक घर से ही आवेदन कर ऑनलाइन होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकता है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी का लाइसेंस बनकर तैयार हो जाता है।
आवेदक घर पर ही इसका प्रिंट आउट भी प्राप्त कर सकता है। कंप्यूटर सेंटर व जनसेवा केंद्रों के पास साउंड प्रूफ कमरा न होने के कारण लाइसेंस बनवाने के लिए जब आवेदक ऑन लाइन परीक्षा दे रहा होता है तो इस दौरान कंप्यूटर में लगे कैमरे में कमरे में होने वाली अनावश्यक आवाज व शोर भी रिकार्ड हो जाने से सिस्टम द्वारा आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है। इसके बाद अभ्यर्थियों को फिर से नए सिरे से आवेदन की पूरी प्रक्रिया को दोहराते हुए पुन: 300 रुपया का शुल्क भी जमा करना पड़ रहा है।
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बीते एक पखवारे में ही कई आवेदक लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए जनसेवा केंद्र से लेकर एआरटीओ कार्यालय तक का चक्कर काटने की परेशानी उठा रहे हैं। आदमपुर तिंदौली निवासी विदित चतुर्वेदी ने बताया कि गांव के जनसेवा केन्द्र से ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उन्हें 13 जून को ऑनलाइन परीक्षा का स्लॉट मिला था।
जनसेवा केंद्र पर पहुंचकर ऑनलाइन परीक्षा दी। परीक्षा में उन्हें फेल या पास करने की बजाए उनका आवेदन ही रिजेक्ट कर दिया गया। जलालपुर के शुभम कुमार व बरियावन के मनीष भी लर्निंग लाइसेंस के लिए एक सप्ताह से भटक रहे हैं। ऑनलाइन परीक्षा के बाद उनके पास भी आवेदन रिजेक्ट का संदेश पहुंच गया।
उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के जिम्मेदारों की माने तो पहले प्रतिदिन जहां लगभग 100 लर्निंग लाइसेंस बन जाते थे वही नयी व्यवस्था लागू होने के बाद अब अधिकतम 10 आवेदकों का लाइसेंस ही बन पा रहा है। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए आवेदक कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं लेकिन लर्निंग लाइसेंस के लिए अब कार्यालय स्तर से उनकी कोई मदद नही हो पाती है।
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई आवेदकों के आवेदन परीक्षा देने के बाद रिजेक्ट हो जाने की शिकायतें मिली है। फिलहाल आवेदकों को ऑनलाइन परीक्षा देने के दौरान विशेष तौर पर सतर्कता बरतने के साथ ही जिस कक्ष में परीक्षा दे रहे हो वहां किसी भी तरह का शोर न होने देने की सलाह दी जा रही है।
-वीडी मिश्र, एआरटीओ
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लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को बिचौलियों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए शासन ने एक जून से नयी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदक घर से ही आवेदन कर ऑनलाइन होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकता है। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी का लाइसेंस बनकर तैयार हो जाता है।
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आवेदक घर पर ही इसका प्रिंट आउट भी प्राप्त कर सकता है। कंप्यूटर सेंटर व जनसेवा केंद्रों के पास साउंड प्रूफ कमरा न होने के कारण लाइसेंस बनवाने के लिए जब आवेदक ऑन लाइन परीक्षा दे रहा होता है तो इस दौरान कंप्यूटर में लगे कैमरे में कमरे में होने वाली अनावश्यक आवाज व शोर भी रिकार्ड हो जाने से सिस्टम द्वारा आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है। इसके बाद अभ्यर्थियों को फिर से नए सिरे से आवेदन की पूरी प्रक्रिया को दोहराते हुए पुन: 300 रुपया का शुल्क भी जमा करना पड़ रहा है।
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बीते एक पखवारे में ही कई आवेदक लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए जनसेवा केंद्र से लेकर एआरटीओ कार्यालय तक का चक्कर काटने की परेशानी उठा रहे हैं। आदमपुर तिंदौली निवासी विदित चतुर्वेदी ने बताया कि गांव के जनसेवा केन्द्र से ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उन्हें 13 जून को ऑनलाइन परीक्षा का स्लॉट मिला था।
जनसेवा केंद्र पर पहुंचकर ऑनलाइन परीक्षा दी। परीक्षा में उन्हें फेल या पास करने की बजाए उनका आवेदन ही रिजेक्ट कर दिया गया। जलालपुर के शुभम कुमार व बरियावन के मनीष भी लर्निंग लाइसेंस के लिए एक सप्ताह से भटक रहे हैं। ऑनलाइन परीक्षा के बाद उनके पास भी आवेदन रिजेक्ट का संदेश पहुंच गया।
उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के जिम्मेदारों की माने तो पहले प्रतिदिन जहां लगभग 100 लर्निंग लाइसेंस बन जाते थे वही नयी व्यवस्था लागू होने के बाद अब अधिकतम 10 आवेदकों का लाइसेंस ही बन पा रहा है। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए आवेदक कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं लेकिन लर्निंग लाइसेंस के लिए अब कार्यालय स्तर से उनकी कोई मदद नही हो पाती है।
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई आवेदकों के आवेदन परीक्षा देने के बाद रिजेक्ट हो जाने की शिकायतें मिली है। फिलहाल आवेदकों को ऑनलाइन परीक्षा देने के दौरान विशेष तौर पर सतर्कता बरतने के साथ ही जिस कक्ष में परीक्षा दे रहे हो वहां किसी भी तरह का शोर न होने देने की सलाह दी जा रही है।
-वीडी मिश्र, एआरटीओ