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Ambedkar Nagar News: 20 से और बढ़ेंगी रेल यात्रियों की मुश्किलें
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अंबेडकरनगर। रेल यात्रियों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ने वाली हैं। इन दिनों सिर्फ तीन ट्रेन का संचालन हो रहा है। आगामी 20 जनवरी से 22 जनवरी तक इन ट्रेनों का भी संचालन अकबरपुर व अयोध्या होकर नहीं होगा। ऐसे में दूरदराज के शहरों तक जाने वाले यात्रियों को और दिक्कतें होंगी। जिन यात्रियों ने अपने टिकट आरक्षित करा लिए थे उन्हें अब टिकट निरस्त कराना पड़ रहा है।
रेल लाइन दोहरीकरण के कारण पहले से ही रूट डायवर्जन व ट्रेनों के निरस्त होने की मार झेल रहे यात्रियों की मुसीबत अगले कुछ दिनों में और ज्यादा बढ़ेंगी। अकबरपुर होकर करीब डेढ़ दर्जन जोड़ी ट्रेनों का आवागमन होता है। पिछले कुछ समय से यहां सिर्फ साबरमती, कैफियात व मरुधर एक्सप्रेस का ही संचालन हो रहा है। इससे यात्री खासे परेशान हैं।
हालत यह है कि दिन में लगभग दस घंटे तक ट्रेन का संचालन ही नहीं होता। किसी तरह इन तीन ट्रेनों के सहारे यात्री अपने गंतव्य की तरफ आवागमन करते आ रहे हैं। हालांकि अब अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश रोकने के लिए 20 जनवरी से इन तीन ट्रेनों का संचालन भी बंद किया जा रहा है। इससे निश्चित रूप से यात्रियों की मुश्किल अब और ज्यादा बढ़ेगी।
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टिकट निरस्त कराना पड़ेगा
इंद्रलोक कालोनी के दिवाकर ने बताया कि मैंने 20 जनवरी को अकबरपुर से अहमदाबाद के लिए टिकट बुक कराया था। यह टिकट अब निरस्त कराना पड़ेगा। जलालपुर के कपड़ा व्यवसायी जमाल अहमद ने बताया कि 22 जनवरी को मैंने अपना व अपने मैनेजर का टिकट कैफियात एक्सप्रेस में लिया था। टिकट कन्फर्म भी हो गया था। अब ट्रेन के न चलने से अपनी गाड़ी लेकर जाना पड़ेगा। इसमें ज्यादा आर्थिक चपत लगने के साथ ही लंबी दूरी तक आवागमन का रिस्क भी रहेगा। कैफियात से ही जाने वाले टांडा के सुलेमान कहते हैं कि डेढ़ माह पहले टिकट लिया था। कन्फर्म टिकट मिलने के बाद भी अब ट्रेन के निरस्त होने की सूचना ने निराश किया है।
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घट गया राजस्व
ट्रेनों के न चलने की वजह से अकबरपुर व मालीपुर रेलवे स्टेशन का राजस्व भी घट गया है। पहले मालीपुर रेलवे स्टेशन पर आरक्षित व अनारक्षित टिकट मिलाकर प्रतिदिन डेढ़ लाख रुपये तक राजस्व मिल रहा था। यह घटकर अब 15 हजार रुपये के आसपास रह गया है। इसी तरह अकबरपुर में करीब सात लाख रुपये का प्रतिदिन राजस्व था। अब यह औसतन दो लाख रुपये रह गया है।
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रेल लाइन दोहरीकरण के कारण पहले से ही रूट डायवर्जन व ट्रेनों के निरस्त होने की मार झेल रहे यात्रियों की मुसीबत अगले कुछ दिनों में और ज्यादा बढ़ेंगी। अकबरपुर होकर करीब डेढ़ दर्जन जोड़ी ट्रेनों का आवागमन होता है। पिछले कुछ समय से यहां सिर्फ साबरमती, कैफियात व मरुधर एक्सप्रेस का ही संचालन हो रहा है। इससे यात्री खासे परेशान हैं।
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हालत यह है कि दिन में लगभग दस घंटे तक ट्रेन का संचालन ही नहीं होता। किसी तरह इन तीन ट्रेनों के सहारे यात्री अपने गंतव्य की तरफ आवागमन करते आ रहे हैं। हालांकि अब अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश रोकने के लिए 20 जनवरी से इन तीन ट्रेनों का संचालन भी बंद किया जा रहा है। इससे निश्चित रूप से यात्रियों की मुश्किल अब और ज्यादा बढ़ेगी।
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टिकट निरस्त कराना पड़ेगा
इंद्रलोक कालोनी के दिवाकर ने बताया कि मैंने 20 जनवरी को अकबरपुर से अहमदाबाद के लिए टिकट बुक कराया था। यह टिकट अब निरस्त कराना पड़ेगा। जलालपुर के कपड़ा व्यवसायी जमाल अहमद ने बताया कि 22 जनवरी को मैंने अपना व अपने मैनेजर का टिकट कैफियात एक्सप्रेस में लिया था। टिकट कन्फर्म भी हो गया था। अब ट्रेन के न चलने से अपनी गाड़ी लेकर जाना पड़ेगा। इसमें ज्यादा आर्थिक चपत लगने के साथ ही लंबी दूरी तक आवागमन का रिस्क भी रहेगा। कैफियात से ही जाने वाले टांडा के सुलेमान कहते हैं कि डेढ़ माह पहले टिकट लिया था। कन्फर्म टिकट मिलने के बाद भी अब ट्रेन के निरस्त होने की सूचना ने निराश किया है।
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घट गया राजस्व
ट्रेनों के न चलने की वजह से अकबरपुर व मालीपुर रेलवे स्टेशन का राजस्व भी घट गया है। पहले मालीपुर रेलवे स्टेशन पर आरक्षित व अनारक्षित टिकट मिलाकर प्रतिदिन डेढ़ लाख रुपये तक राजस्व मिल रहा था। यह घटकर अब 15 हजार रुपये के आसपास रह गया है। इसी तरह अकबरपुर में करीब सात लाख रुपये का प्रतिदिन राजस्व था। अब यह औसतन दो लाख रुपये रह गया है।