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ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़े पशु चोर, पीटा
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Sun, 20 Mar 2016 10:39 PM IST
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थाने का घेराव
- फोटो : अमर उजाला
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थाना अंतर्गत मलूकपुर बड़ागांव से शनिवार देर रात मवेशियों की चोरी कर वाहन से भाग रहे चोरों को घेराबंदी कर ग्रामीणों ने पकड़ लिया। ग्रामीणों ने मौके पर मिले वाहन चालक की पिटाई शुरू की, तो उसे बचाने के लिए पहुंचे तीन अन्य की भी जमकर पिटाई कर दी।
मौके पर पहुंची पुलिस चारों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर वाहन सहित थाने ले आई। हालांकि पुलिस के समय से मौके पर न पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार प्रात: जलालपुर थाने पहुंचकर जमकर हंगामा भी किया।
ग्रामीणों ने थाने के समक्ष मार्ग जाम करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को तितर-बितर कर दिया। बाद में पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज करते हुए दो लोगों का चालान कर दिया।
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शनिवार देर रात्रि लगभग 1 बजे गांव निवासी मलुकपुर बड़ागांव निवासी इंद्रजीत पुत्र राजाराम के घर के बाहर बंधी दो भैंस को चोर खोलकर एक पिकअप पर लाद रहे थे।
इसी बीच इंद्रजीत की आंख खुल गई। उसने गुहार मचा दिया। जब तक ग्रामीण घरों से बाहर निकलते तब तक चोर मवेशी लेकर वाहन से भागने लगे। इस पर ग्रामीणों ने उन्हें घेरने का प्रयास शुरू करते हुए पुलिस को सूचना दी।
वाहन का पीछा करते हुए ग्रामीण सेमरा गांव तक पहुंच गए। यहां चोरों ने दोनों भैंस उतार दिया और दूसरे रास्ते से होते हुए रफीगंज जलालपुर मुख्य मार्ग पर पहुंच गए। ग्रामीण बाइक व जीप आदि से लगातार उनका पीछा करते रहे। हालांकि वह यह नहीं देख सके कि भैंस गांव में उतार दी गई है।
घंटों की घेराबंदी के बीच चोर जब वाहन लेकर कटका व नेवादा होते हुए नगपुर की तरफ जा रहे थे, तभी नगपुर तमसा पुल के निकट ग्रामीणों ने घेराबंदी कर वाहन को पकड़ लिया। ग्रामीणों के आक्रोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई किलोमीटर तक घेरा बंदी के बाद भाग रहे चोरों को पकड़े जाने की सफलता प्राप्त हुई। सिर्फ चालक ही उनके हत्थे चढ़ा।
ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच उसे बचाने के लिए राकेश व गुड्डू निवासी नगपुर समेत एक अन्य वहां पहुंच गया। ग्रामीणों ने उनकी भी पिटाई शुरू कर दी। इसी बीच जानकारी मिलने पर एसओ एनके पांडेय दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने चारों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और अभिरक्षा में लेकर उन्हें थाने ले आई।
उधर सूचना के बाद भी रात में घंटों अकेले ही पशु चोरों का पीछा करने तथा इस बीच पुलिस के न पहुंचने से ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। रविवार सुबह एकजुट हुए ग्रामीण थाने पहुंचे और हंगामा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस पर पशु तस्करों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि जब पशु चोरी कर भाग रहे चोरों के बारे में पुलिस को जानकारी दी गई, तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब पकड़े गए चोरों की पिटाई शुरू की गई, तो आननफानन में पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण केस दर्ज किए जाने एवं जानकारी के बाद भी ठोस कदम न उठाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग करने लगे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने के समक्ष मार्ग जाम करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने हलका बल प्रयोग कर उन्हें तितर बितर कर दिया। एसओ एनके पाण्डेय ने बल प्रयोग किए जाने से इंकार किया है। कहा कि मामले में छानबीन की जा रही है। बताया कि पीड़ित की तहरीर पर राकेश व गुड्डू के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर चालान किया जा रहा है।
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मौके पर पहुंची पुलिस चारों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर वाहन सहित थाने ले आई। हालांकि पुलिस के समय से मौके पर न पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार प्रात: जलालपुर थाने पहुंचकर जमकर हंगामा भी किया।
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ग्रामीणों ने थाने के समक्ष मार्ग जाम करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को तितर-बितर कर दिया। बाद में पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज करते हुए दो लोगों का चालान कर दिया।
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शनिवार देर रात्रि लगभग 1 बजे गांव निवासी मलुकपुर बड़ागांव निवासी इंद्रजीत पुत्र राजाराम के घर के बाहर बंधी दो भैंस को चोर खोलकर एक पिकअप पर लाद रहे थे।
इसी बीच इंद्रजीत की आंख खुल गई। उसने गुहार मचा दिया। जब तक ग्रामीण घरों से बाहर निकलते तब तक चोर मवेशी लेकर वाहन से भागने लगे। इस पर ग्रामीणों ने उन्हें घेरने का प्रयास शुरू करते हुए पुलिस को सूचना दी।
वाहन का पीछा करते हुए ग्रामीण सेमरा गांव तक पहुंच गए। यहां चोरों ने दोनों भैंस उतार दिया और दूसरे रास्ते से होते हुए रफीगंज जलालपुर मुख्य मार्ग पर पहुंच गए। ग्रामीण बाइक व जीप आदि से लगातार उनका पीछा करते रहे। हालांकि वह यह नहीं देख सके कि भैंस गांव में उतार दी गई है।
घंटों की घेराबंदी के बीच चोर जब वाहन लेकर कटका व नेवादा होते हुए नगपुर की तरफ जा रहे थे, तभी नगपुर तमसा पुल के निकट ग्रामीणों ने घेराबंदी कर वाहन को पकड़ लिया। ग्रामीणों के आक्रोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई किलोमीटर तक घेरा बंदी के बाद भाग रहे चोरों को पकड़े जाने की सफलता प्राप्त हुई। सिर्फ चालक ही उनके हत्थे चढ़ा।
ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच उसे बचाने के लिए राकेश व गुड्डू निवासी नगपुर समेत एक अन्य वहां पहुंच गया। ग्रामीणों ने उनकी भी पिटाई शुरू कर दी। इसी बीच जानकारी मिलने पर एसओ एनके पांडेय दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने चारों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और अभिरक्षा में लेकर उन्हें थाने ले आई।
उधर सूचना के बाद भी रात में घंटों अकेले ही पशु चोरों का पीछा करने तथा इस बीच पुलिस के न पहुंचने से ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। रविवार सुबह एकजुट हुए ग्रामीण थाने पहुंचे और हंगामा करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस पर पशु तस्करों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि जब पशु चोरी कर भाग रहे चोरों के बारे में पुलिस को जानकारी दी गई, तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब पकड़े गए चोरों की पिटाई शुरू की गई, तो आननफानन में पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण केस दर्ज किए जाने एवं जानकारी के बाद भी ठोस कदम न उठाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग करने लगे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने के समक्ष मार्ग जाम करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने हलका बल प्रयोग कर उन्हें तितर बितर कर दिया। एसओ एनके पाण्डेय ने बल प्रयोग किए जाने से इंकार किया है। कहा कि मामले में छानबीन की जा रही है। बताया कि पीड़ित की तहरीर पर राकेश व गुड्डू के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर चालान किया जा रहा है।