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संपत्ति हड़पने को विवाहित को बताया कुंवारा

Sun, 16 Oct 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Sun, 16 Oct 2016 11:46 PM IST
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To grab property told loner to Married
पीड़‌िता - फोटो : demo pic

बहू के हक की संपत्ति हड़पने के लिए एक विवाहित व्यक्ति को परिवारीजनों ने ही कुंवारा करार दे दिया। संबंधित व्यक्ति की पत्नी को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने अधिकारियों से न्याय की फरियाद की। एसडीएम आलापुर ने मामले की जांच कराई तो धोखाधड़ी के प्रयासों की सच्चाई सामने आ गई। एसडीएम ने इस पर महिला के पक्ष में वरासत दर्ज करने का निर्देश दिया है।

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इसके साथ ही धोखाधड़ी करने वाले परिवारीजनों पर केस दर्ज करने की तलवार भी लटक गई है। तहसील क्षेत्र के परवरडीह गांव निवासी बनारसी सिंह के छोटे पुत्र राजकुमार सिंह की शादी 2 दिसम्बर 2015 को आजमगढ़  निवासी बच्चूलाल सिंह की बेटी सीमा के साथ हुई थी। इस वर्ष 22 जुलाई को राजकुमार पत्नी सीमा को लेकर इलाज के लिए बाइक से जिला अस्पताल गया था।
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वहां से लौटते समय कुर्कीबाजार के निकट दुर्घटना में वह घायल हो गया। इलाज के दौरान राजकुमार की मौत हो गयी। इस हादसे में सीमा को भी चोटें आयी थी। सीमा के अनुसार इस बीच ससुराल पक्ष के लोगों की नीयत बदल गई और उन्होंने उसे घर से बेदखल करने का प्लान तैयार कर लिया। ससुरालीजनों के गलत शपथ पत्र के चलते सीमा को पति के नाम हुए कृषक दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिल सका।
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इसके अलावा वरासत में भी सीमा का नाम नहीं चढ़ सका। दरअसल परिवारीजनों ने ही तहसील में प्रार्थनापत्र देकर कहा था कि उनके बेटे की मार्ग दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। उसका विवाह भी नहीं हुआ था। इसलिए पत्नी व संतान नहीं है। इसके बाद से पीड़िता न्याय पाने के लिए तहसील का चक्कर काट रही थी। गत दिवस महिला ने एसडीएम विनय कुमार गुप्त से मिलकर उनको आपबीती सुनायी। 

एसडीएम ने तहसीलदार को तत्काल वरासत दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने महिला को भरोसा दिलाया कि उसे किसान दुर्घटना बीमा योजना का भी दिलाया जाएगा। इस बीच अब धोखाधड़ी का प्रयास करने वाले परिवारीजनों पर विधिक कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। तय माना जा रहा है कि वरासत दर्ज होते ही महिला अपने साथ होने वाले धोखाधड़ी के प्रयासों को लेकर थाने में केस भी दर्ज कराएगी।


एसडीएम विनय गुप्त ने बताया कि महिला की शिकायत पर जांच कराई गई तो उसकी बात सच निकली। विवाहित होने के बाद भी दिवंगत व्यक्ति को कुंवारा बताया जा रहा था। मामले में तहसीलदार को वरासत दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। विधिक कार्रवाई संबंधित महिला की तहरीर देने पर ही हो सकेगी।

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