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शहीद के पिता ने दी प्रशासन से क्षुब्ध होकर आत्मदाह की धमकी
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प्रशासन से क्षुब्ध होकर शहीद के पिता ने दी आत्मदाह की धमकी
अंबेडकरनगर। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते शहीद बजरंगी विश्वकर्मा के परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। सरकार द्वारा शहीद के परिवारीजनों को दी गई भूमि पर प्रशासन द्वारा आज तक कब्जा नहीं दिलाया जा सका। इस बात से क्षुब्ध शहीद बजरंगी के पिता सुरेशमन विश्वकर्मा ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
अकबरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर तुलसीपुर निवासी सुरेशमन विश्वकर्मा ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में बताया कि उनका पुत्र बजरंगी विश्वकर्मा सीमा सुरक्षा बल के 101वीं बटालियन में कांस्टेबिल पद पर तैनात था। 6 अगस्त 2010 को त्रिपुरा के नलकटा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में वह शहीद हो गया था। पांच बिस्वा भूमि प्रशासन ने दी थी, लेकिन उस पर अभी तक कब्जा नहीं हो पाया है।
इसके लिए वे सब लगातार प्रयास करते आ रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में अब पुत्र की शहादत को भुला देने वाले अफसरों की मनमानी से क्षुब्ध होकर आत्मदाह का निर्णय लेना पड़ रहा है। कहा कि यदि संबंधित भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया जाता है तो 12 जनवरी को शहीद के समाधि स्थल सुल्तानपुर तुलसीपुर में वे आत्मदाह कर लेंगे। एडीएम गिरिजेश त्यागी ने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई कराई जा रही है।
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अंबेडकरनगर। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते शहीद बजरंगी विश्वकर्मा के परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। सरकार द्वारा शहीद के परिवारीजनों को दी गई भूमि पर प्रशासन द्वारा आज तक कब्जा नहीं दिलाया जा सका। इस बात से क्षुब्ध शहीद बजरंगी के पिता सुरेशमन विश्वकर्मा ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
अकबरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर तुलसीपुर निवासी सुरेशमन विश्वकर्मा ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में बताया कि उनका पुत्र बजरंगी विश्वकर्मा सीमा सुरक्षा बल के 101वीं बटालियन में कांस्टेबिल पद पर तैनात था। 6 अगस्त 2010 को त्रिपुरा के नलकटा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में वह शहीद हो गया था। पांच बिस्वा भूमि प्रशासन ने दी थी, लेकिन उस पर अभी तक कब्जा नहीं हो पाया है।
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इसके लिए वे सब लगातार प्रयास करते आ रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में अब पुत्र की शहादत को भुला देने वाले अफसरों की मनमानी से क्षुब्ध होकर आत्मदाह का निर्णय लेना पड़ रहा है। कहा कि यदि संबंधित भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया जाता है तो 12 जनवरी को शहीद के समाधि स्थल सुल्तानपुर तुलसीपुर में वे आत्मदाह कर लेंगे। एडीएम गिरिजेश त्यागी ने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई कराई जा रही है।
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