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नया केस दर्ज होने पर भड़के मेडिकल छात्र व जूनियर रेजिडेंट
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:00 PM IST
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टांडा (अंबेडकरनगर)। मेडिकल कॉलेज में हुए उपद्रव व आगजनी प्रकरण में एक और केस दर्ज होने पर शनिवार को मेडिकल कॉलेज छात्रों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। जूनियर रेजिडेंट भी आक्रोशित हो उठे और उन्होंने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। हालांकि यह ज्यादा देर तक नहीं चला। प्राचार्य व चिकित्साधीक्षक ने छात्रों व जूनियर रेजिडेंट को समझा बुझाकर शांत कराया और काम पर वापस भेजा।
गौरतलब है कि गत दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य व चीफ प्रॉक्टर को बंधक बनाकर पिटाई कर दी थी। इसके विरोध में मेडिकल छात्रों ने चार वाहनों को आग लगा दिया था। इसी मामले में एक दिन पहले भाजपा नेता तेजस्वी जायसवाल की तहरीर पर मेडिकल कॉलेज के 12 जूनियर डाक्टरों, कर्मचारियों व एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ ही कुल 25 लोगों को नामजद करते हुए चोरी, आगजनी व बलवा आदि की धारा में केस दर्ज हुआ था। प्रकरण में दोनों पक्षों की तरफ से दो-दो केस पहले से दर्ज थे। इस बीच भाजपा नेताओं की तरफ से एक और केस दर्ज होने की जानकारी मेडिकल छात्रों व जूनियर रेजिडेंट को शनिवार दोपहर करीब हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया।
इसी मामले को लेकर वे सब हॉस्टल व अस्पताल से बाहर निकल आए। जूनियर रेजिडेंट ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने घटना को लेकर नया केस दर्ज करने पर नाराजगी जताई। छात्रों ने कहा कि दबाव में उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शन व कार्य बहिष्कार की जानकारी मिलते ही प्राचार्य डॉ. पीके सिंह व चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश्वर यादव उनके पास पहुंचे। समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया गया। लगभग आधे घंटे तक चला हंगामा व प्रदर्शन प्राचार्य व चिकित्साधीक्षक के समझाने बुझाने पर समाप्त हुआ। प्राचार्य ने कहा कि प्रशासन ने मुकदमों को समाप्त करने का आश्वासन दिया है। हमें उस पर भरोसा करना चाहिए। इस बीच मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों ने पूरे प्रकरण में शनिवार देर शाम बैठक आयोजित की है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
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गौरतलब है कि गत दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य व चीफ प्रॉक्टर को बंधक बनाकर पिटाई कर दी थी। इसके विरोध में मेडिकल छात्रों ने चार वाहनों को आग लगा दिया था। इसी मामले में एक दिन पहले भाजपा नेता तेजस्वी जायसवाल की तहरीर पर मेडिकल कॉलेज के 12 जूनियर डाक्टरों, कर्मचारियों व एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ ही कुल 25 लोगों को नामजद करते हुए चोरी, आगजनी व बलवा आदि की धारा में केस दर्ज हुआ था। प्रकरण में दोनों पक्षों की तरफ से दो-दो केस पहले से दर्ज थे। इस बीच भाजपा नेताओं की तरफ से एक और केस दर्ज होने की जानकारी मेडिकल छात्रों व जूनियर रेजिडेंट को शनिवार दोपहर करीब हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया।
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इसी मामले को लेकर वे सब हॉस्टल व अस्पताल से बाहर निकल आए। जूनियर रेजिडेंट ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने घटना को लेकर नया केस दर्ज करने पर नाराजगी जताई। छात्रों ने कहा कि दबाव में उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शन व कार्य बहिष्कार की जानकारी मिलते ही प्राचार्य डॉ. पीके सिंह व चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश्वर यादव उनके पास पहुंचे। समझा बुझाकर उन्हें शांत कराया गया। लगभग आधे घंटे तक चला हंगामा व प्रदर्शन प्राचार्य व चिकित्साधीक्षक के समझाने बुझाने पर समाप्त हुआ। प्राचार्य ने कहा कि प्रशासन ने मुकदमों को समाप्त करने का आश्वासन दिया है। हमें उस पर भरोसा करना चाहिए। इस बीच मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों ने पूरे प्रकरण में शनिवार देर शाम बैठक आयोजित की है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
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