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3 हजार राशनकार्डों के सत्यापन में फर्जी मिली 3398 यूनिट
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:48 PM IST
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अंबेडकरनगर। राशनकार्डों में दर्ज यूनिटों के सत्यापन में धांधली सामने आई है। दिवंगत और लंबे समय से बाहर रह रहे लोगों के नाम पर भी राशन उठाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा 3 हजार राशनकार्डों के सत्यापन में 3398 यूनिट फर्जी पाई गईं है।
गौरतलब है कि बीते दिनों राशनकार्डों को बनाने में व्यापक गड़बड़ी सामने आई थी। सत्यापन के दौरान करीब 50 हजार राशनकार्ड निरस्त कर दिए गए थे। कई अन्य जिलों में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। बीते दिनों प्रमुख सचिव खाद्य निवेदिता शुक्ला वर्मा ने पत्र भेजकर विभागीय अधिकारियों को राशनकार्ड की यूनिटों का स्थलीय सत्यापन करने का निर्देश दिया। कहा कि संबंधित राशनकार्ड से ऐसे नामों को हटा दिया जाए जो लंबे समय से संबंधित स्थान पर निवास नहीं करते हैं इसके बावजूद उनका नाम राशनकार्ड में यूनिट बढ़ाने के लिए डाल दिया गया है शासन के निर्देश के बाद विभाग ने यूनिटों के सत्यापन का कार्य शुुरू कर दिया है। लगभग एक सप्ताह से शुरू हुई जांच में टीम ने 62 गांव के करीब 3 हजार राशनकार्डों का सत्यापन अब तक किया है। इसमें 3398 नाम ऐसे पाए गए जो दिवंगत हो चुके अथवा जिनका लंबे समय से संबंधित स्थान से कोई वास्ता नहीं है। वह अन्य स्थानों पर स्थायी निवास बनाकर रहने लगे हैं।
विभाग के मुताबिक 3 लाख 43 हजार 838 राशनकार्डों से जुड़े 18 लाख 56 हजार 121 यूनिटों का सत्यापन करना है। जांच में सामने आ रहा है कि जो लोग अन्य स्थानों के स्थायी निवासी हो चुके हैं उनका भी नाम राशनकार्ड में है। जिन युवतियों की शादी हो गई है उनका भी नाम मायके के राशनकार्ड में दर्ज है। दिवंगत हो चुके सदस्यों का नाम भी नहीं कटवाया गया है। अनुमान है कि करीब 50 हजार यूनिट पर लोग गलत तरीके से राशन उठा रहे हैं।
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कोटेदारों व कर्मियों की थी मौज
यूनिट की संख्या बढ़ने का लाभ कोटेदार व विभागीय कर्मचारी मिलकर उठा रहे हैं। दरअसल राशनकार्डों पर यूनिटों की संख्या के अनुपात में ही कोटे पर राशन भेजा जाता है।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
शासन के निर्देश पर राशनकार्ड की यूनिटों की जांच चल रही है। अब तक की जांच में 3398 यूनिट फर्जी पाई गईं हैं। इन यूनिट को संबंधित कार्ड से निरस्त कराने की कार्रवाई की जा रही है। -निलेश उत्पल, जिलापूर्ति अधिकारी
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गौरतलब है कि बीते दिनों राशनकार्डों को बनाने में व्यापक गड़बड़ी सामने आई थी। सत्यापन के दौरान करीब 50 हजार राशनकार्ड निरस्त कर दिए गए थे। कई अन्य जिलों में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। बीते दिनों प्रमुख सचिव खाद्य निवेदिता शुक्ला वर्मा ने पत्र भेजकर विभागीय अधिकारियों को राशनकार्ड की यूनिटों का स्थलीय सत्यापन करने का निर्देश दिया। कहा कि संबंधित राशनकार्ड से ऐसे नामों को हटा दिया जाए जो लंबे समय से संबंधित स्थान पर निवास नहीं करते हैं इसके बावजूद उनका नाम राशनकार्ड में यूनिट बढ़ाने के लिए डाल दिया गया है शासन के निर्देश के बाद विभाग ने यूनिटों के सत्यापन का कार्य शुुरू कर दिया है। लगभग एक सप्ताह से शुरू हुई जांच में टीम ने 62 गांव के करीब 3 हजार राशनकार्डों का सत्यापन अब तक किया है। इसमें 3398 नाम ऐसे पाए गए जो दिवंगत हो चुके अथवा जिनका लंबे समय से संबंधित स्थान से कोई वास्ता नहीं है। वह अन्य स्थानों पर स्थायी निवास बनाकर रहने लगे हैं।
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विभाग के मुताबिक 3 लाख 43 हजार 838 राशनकार्डों से जुड़े 18 लाख 56 हजार 121 यूनिटों का सत्यापन करना है। जांच में सामने आ रहा है कि जो लोग अन्य स्थानों के स्थायी निवासी हो चुके हैं उनका भी नाम राशनकार्ड में है। जिन युवतियों की शादी हो गई है उनका भी नाम मायके के राशनकार्ड में दर्ज है। दिवंगत हो चुके सदस्यों का नाम भी नहीं कटवाया गया है। अनुमान है कि करीब 50 हजार यूनिट पर लोग गलत तरीके से राशन उठा रहे हैं।
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कोटेदारों व कर्मियों की थी मौज
यूनिट की संख्या बढ़ने का लाभ कोटेदार व विभागीय कर्मचारी मिलकर उठा रहे हैं। दरअसल राशनकार्डों पर यूनिटों की संख्या के अनुपात में ही कोटे पर राशन भेजा जाता है।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
शासन के निर्देश पर राशनकार्ड की यूनिटों की जांच चल रही है। अब तक की जांच में 3398 यूनिट फर्जी पाई गईं हैं। इन यूनिट को संबंधित कार्ड से निरस्त कराने की कार्रवाई की जा रही है। -निलेश उत्पल, जिलापूर्ति अधिकारी