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Ambedkar Nagar News: फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र मामले में कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
Sat, 24 May 2025 11:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 24 May 2025 11:00 PM IST
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अंबेडकरनगर। लोक निर्माण विभाग की एक निविदा में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
टांडा के परसाये डिवहारे निवासी हरे कृष्ण त्रिपाठी ने न्यायालय में दिए गए शिकायती पत्र में बताया था कि अयोध्या के अंकारीपुर निवासी ठेकेदार अखिल कुमार सिंह ने वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग की सड़क निर्माण परियोजना के लिए निविदा में सिद्धार्थनगर के एक्सईएन की ओर से फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। इस प्रमाण पत्र की जांच के बाद निर्माण खंड सिद्धार्थनगर के अधिषासी अभियंता ने इसे फर्जी बताया और मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई थी। इसके बावजूद उचित जांच और प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
हरे कृष्ण त्रिपाठी की ओर से अधिशाषी अभियंता व लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन किए, साथ ही थाना कोतवाली अकबरपुर के प्रभारी निरीक्षक को भी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया, लेकिन पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते न्यायालय की शरण ली गई है। कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इसी के आदेश के अनुपालन में शहर कोतवाली में जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई है। विभाग से दस्तावेज मंगवाकर परीक्षण कर आगे की कार्रवाई होगी।
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टांडा के परसाये डिवहारे निवासी हरे कृष्ण त्रिपाठी ने न्यायालय में दिए गए शिकायती पत्र में बताया था कि अयोध्या के अंकारीपुर निवासी ठेकेदार अखिल कुमार सिंह ने वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग की सड़क निर्माण परियोजना के लिए निविदा में सिद्धार्थनगर के एक्सईएन की ओर से फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। इस प्रमाण पत्र की जांच के बाद निर्माण खंड सिद्धार्थनगर के अधिषासी अभियंता ने इसे फर्जी बताया और मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई थी। इसके बावजूद उचित जांच और प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
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हरे कृष्ण त्रिपाठी की ओर से अधिशाषी अभियंता व लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन किए, साथ ही थाना कोतवाली अकबरपुर के प्रभारी निरीक्षक को भी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया, लेकिन पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते न्यायालय की शरण ली गई है। कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इसी के आदेश के अनुपालन में शहर कोतवाली में जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई है। विभाग से दस्तावेज मंगवाकर परीक्षण कर आगे की कार्रवाई होगी।
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