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किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू ने बुलंद की आवाज
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अंबेडकरनगर। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक (टिकैट गुट) ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के निकट धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा कि खाद और बीज के लिए किसान परेशान हैं, तो धान की बिक्री करने में भी उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। गन्ना किसानों का समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि किसानों के हितैषी होने का दावा तो बढ़-चढ़कर सभी करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती है। खाद, बीज और सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। धान क्रय केंद्रों पर मनमानी होने के चलते किसानों को आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम में धान बेचना पड़ रहा है।
गन्ना किसानों का भी समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। किसानों की मुश्किलों को दूर करने के लिए जब भी जिम्मेदारों से शिकायत की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि खेतों में खड़ी फसलों को आवारा पशु बर्बाद कर किसानों को आर्थिक चपत लगा रहे हैं, लेकिन इस बड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
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धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि किसानों के हितैषी होने का दावा तो बढ़-चढ़कर सभी करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती है। खाद, बीज और सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। धान क्रय केंद्रों पर मनमानी होने के चलते किसानों को आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम में धान बेचना पड़ रहा है।
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गन्ना किसानों का भी समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। किसानों की मुश्किलों को दूर करने के लिए जब भी जिम्मेदारों से शिकायत की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि खेतों में खड़ी फसलों को आवारा पशु बर्बाद कर किसानों को आर्थिक चपत लगा रहे हैं, लेकिन इस बड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
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