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बबिता, जयशीला, ममता, मीता व विवेक बने प्रधान
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:02 AM IST
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ELECTION
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उपचुनाव के नतीजे में बबिता, जयशीला, ममता, मीता व विवेक नए ग्राम प्रधान निर्वाचित घोषित किए गए। सभी नए ग्राम प्रधानों ने उपचुनाव में परिवार की विरासत को संजोए रखने में सफलता प्राप्त की। एक मात्र क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर ऊषा देवी ने अपनी धमाकेदार जीत दर्ज कराई।
ग्राम प्रधान के पांच व बीडीसी के एक पद के लिए गत दिवस हुए मतदान के बाद सोमवार को संबंधित विकास खंड कार्यालयों में मतगणना का कार्य हुआ। किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए विकास खंड कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे। प्रत्याशी व एजेंट के अलावा किसी अन्य को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।
गौरतलब है कि 1 जुलाई को जिले की पांच ग्राम पंचायत सुबारपुर, बड़ेपुर, लाभापार, लखनिया व अंबरपुर में ग्राम प्रधान तथा अकबरपुर विकास खंड के करतोरा फत्तेपुर में बीडीसी के एक पद के लिए मतदान हुआ था। सोमवार को संबंधित विकास खंड कार्यालयों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे से मतगणना का कार्य प्रारंभ हुआ।
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अकबरपुर विकास खंड की सुबारपुर ग्राम पंचायत में विवेक को प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया। उन्हें 583 मत मिले जबकि प्रतिद्वंद्वी इंद्रसेन महज 395 मत पा सके। यहां 14 मत निरस्त किए गए। इसी विकास खंड के करतोरा फत्तेपुर ग्राम पंचायत में बीडीसी के एक पद के लिए ऊषा देवी 513 मत पाकर विजयी घोषित हुईं जबकि प्रतिद्वंद्वी बदामा को 411 मत मिले। यहां 28 मत निरस्त हुए।
मतगणना में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए एसडीएम व सीओ ने भी मतगणना स्थल का जायजा लिया। सुबारपुर में ग्राम प्रधान चुने गए विवेक ने अपने परिवार की विरासत को ही आगे बढ़ाया। उनके पिता रामजियावन के निधन पर ही यह चुनाव हुआ था।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलालपुर विकास खंड कार्यालय में जैसे-जैसे मतों की गिनती का दौर आगे बढ़ रहा था, वैसे-वैसे प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ती जा रही थी। मतगणना समाप्त होने पर आरओ धर्मराज सिंह ने बड़ेपुर ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद के लिए बबिता को निर्वाचित घोषित किया।
बबिता को 841 मत मिले जबकि 281 मत से पराजित हुई प्रतिद्वंद्वी कंचन को 559 मत मिले। यहां पर 24 मत निरस्त घोषित किया गया। लाभापार ग्राम पंचायत में प्रधान पद पर जयशीला को 69 मत से जीत हासिल हुई। उन्हें 520 मत मिले जबकि अमित 451 मत पाकर दूसरे नंबर पर रहे। यहां 16 मत रद्द किए गए।
लखनिया ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद पर कांटे की टक्कर में ममता 557 मत पाकर विजयी घोषित हुईं। कुसुमलता को 511 मत मिले। यहां 24 मत निरस्त हुए जबकि जीत का अंतर 46 मत का रहा। भियांव विकास खंड की अंबरपुर ग्राम पंचायत में प्रधान पद पर 512 मत पाकर मीता ने जीत दर्ज की जबकि जगन्नाथ को मात्र 321 मत ही मिल सके। यहां 10 मत अवैध घोषित किए गए। यहां जीत का अंतर 191 मत का रहा।
जलालपुर व भियांव में प्रधान निर्वाचित हुई सभी चार महिलाओं ने अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। बड़ेपुर में प्रधान बनी बबिता की सास विद्यावती, लाभापार में प्रधान बनीं जयशीला के पति रामनयन, लखनिया में प्रधान बनीं कुसुमलता के पति संतोष तथा अंबरपुर में प्रधान बनीं मीता के पति द्वारिका पूर्व में प्रधान चुने गए थे।
बीमारी व दुर्घटना में इनके निधन के बाद यह उपचुनाव हुआ था। अकबरपुर, भियांव व जलालपुर विकास खंड में प्रधान व बीडीसी के इन सभी जनप्रतिनिधियों को संबंधित आरओ ने जीत का प्रमाण पत्र भी सौंपा।
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ग्राम प्रधान के पांच व बीडीसी के एक पद के लिए गत दिवस हुए मतदान के बाद सोमवार को संबंधित विकास खंड कार्यालयों में मतगणना का कार्य हुआ। किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए विकास खंड कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे। प्रत्याशी व एजेंट के अलावा किसी अन्य को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।
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गौरतलब है कि 1 जुलाई को जिले की पांच ग्राम पंचायत सुबारपुर, बड़ेपुर, लाभापार, लखनिया व अंबरपुर में ग्राम प्रधान तथा अकबरपुर विकास खंड के करतोरा फत्तेपुर में बीडीसी के एक पद के लिए मतदान हुआ था। सोमवार को संबंधित विकास खंड कार्यालयों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे से मतगणना का कार्य प्रारंभ हुआ।
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अकबरपुर विकास खंड की सुबारपुर ग्राम पंचायत में विवेक को प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया। उन्हें 583 मत मिले जबकि प्रतिद्वंद्वी इंद्रसेन महज 395 मत पा सके। यहां 14 मत निरस्त किए गए। इसी विकास खंड के करतोरा फत्तेपुर ग्राम पंचायत में बीडीसी के एक पद के लिए ऊषा देवी 513 मत पाकर विजयी घोषित हुईं जबकि प्रतिद्वंद्वी बदामा को 411 मत मिले। यहां 28 मत निरस्त हुए।
मतगणना में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसके लिए एसडीएम व सीओ ने भी मतगणना स्थल का जायजा लिया। सुबारपुर में ग्राम प्रधान चुने गए विवेक ने अपने परिवार की विरासत को ही आगे बढ़ाया। उनके पिता रामजियावन के निधन पर ही यह चुनाव हुआ था।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलालपुर विकास खंड कार्यालय में जैसे-जैसे मतों की गिनती का दौर आगे बढ़ रहा था, वैसे-वैसे प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ती जा रही थी। मतगणना समाप्त होने पर आरओ धर्मराज सिंह ने बड़ेपुर ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद के लिए बबिता को निर्वाचित घोषित किया।
बबिता को 841 मत मिले जबकि 281 मत से पराजित हुई प्रतिद्वंद्वी कंचन को 559 मत मिले। यहां पर 24 मत निरस्त घोषित किया गया। लाभापार ग्राम पंचायत में प्रधान पद पर जयशीला को 69 मत से जीत हासिल हुई। उन्हें 520 मत मिले जबकि अमित 451 मत पाकर दूसरे नंबर पर रहे। यहां 16 मत रद्द किए गए।
लखनिया ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद पर कांटे की टक्कर में ममता 557 मत पाकर विजयी घोषित हुईं। कुसुमलता को 511 मत मिले। यहां 24 मत निरस्त हुए जबकि जीत का अंतर 46 मत का रहा। भियांव विकास खंड की अंबरपुर ग्राम पंचायत में प्रधान पद पर 512 मत पाकर मीता ने जीत दर्ज की जबकि जगन्नाथ को मात्र 321 मत ही मिल सके। यहां 10 मत अवैध घोषित किए गए। यहां जीत का अंतर 191 मत का रहा।
जलालपुर व भियांव में प्रधान निर्वाचित हुई सभी चार महिलाओं ने अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। बड़ेपुर में प्रधान बनी बबिता की सास विद्यावती, लाभापार में प्रधान बनीं जयशीला के पति रामनयन, लखनिया में प्रधान बनीं कुसुमलता के पति संतोष तथा अंबरपुर में प्रधान बनीं मीता के पति द्वारिका पूर्व में प्रधान चुने गए थे।
बीमारी व दुर्घटना में इनके निधन के बाद यह उपचुनाव हुआ था। अकबरपुर, भियांव व जलालपुर विकास खंड में प्रधान व बीडीसी के इन सभी जनप्रतिनिधियों को संबंधित आरओ ने जीत का प्रमाण पत्र भी सौंपा।