फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Arunima found on victory on Mount Rosa of Switzerland

अरुणिमा ने स्विटजर लैंड के माउंट रोसा पर पाई विजय

Sun, 16 Aug 2015 11:59 PM IST
अंबेडकरनगर / अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर / अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 16 Aug 2015 11:59 PM IST
विज्ञापन
पद्मश्री व एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा ने स्विटजरलैंड की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट रोसा पर भी विजया पताका लहरा दी। उन्हें यह कामयाबी 15 अगस्त को तब मिली, जब भारत में सभी देशवासी स्वतंत्रता दिवस का जश्र मना रहे थे। अरुणिमा ने भी चोटी पर तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान गाया और तिरंगे को सेल्यूट किया।
विज्ञापन


रेल हादसे में अपना पैर गंवाने के बाद अरुणिमा लगातार एक के बाद एक सफलता की नई नई गाथा लिखती-गढ़ती जा रही हैं। देश की पहली एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल की प्रेरणा व देखरेख में उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने का संकल्प लिया था। इसमें उन्हें सफलता मिली।
विज्ञापन


अरुणिमा ने दुनिया की सात सर्वोच्च पर्वत चोटियों पर चढ़ने का संकल्प ले रखा है।  वे अब तक माउंट एवरेस्ट के अलावा दुनिया की तीन अन्य बड़ी पर्वत चोटी दक्षिण अफ्रीका की किली मंजारो, रूस की अलब्रश तथा आस्ट्रेलिया की कोजस्को पर्वत चोटी को फतह कर चुकी हैं। उनका अगला लक्ष्य साउथ अमेरिका की एक और बड़ी पर्वत चोटी एकांटागुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह पर्वत चोटी अत्यंत अलग किस्म की है। यहां चढ़ाई से पहले अरुणिमा ने तय किया था कि वे स्विटजरलैंड की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट रोसा को फतह करेंगी।  
इसी क्रम में वे नई दिल्ली से दिवस स्विटजरलैंड पहुंची और इसके बाद चढ़ाई की शुरुआत करते हुए 15 अगस्त को पर्वत की चोटी पर विजय पा ली। वहां उन्होंने तिरंगा लहराया।

इस मौके के  गवाह उनके रिश्तेदार ओमप्रकाश भी बने। अरुणिमा ने ऐसा कार्यक्रम बनाया था कि जिस समय भारत में लोग स्वतंत्रता दिवस का जश्र मना रहे हों, ठीक उसी समय वह पर्वत चोटी पर तिरंगा लहराएं। ऐसा ही हुआ भी। अरुणिमा व ओमप्रकाश ने माउंट रोसा की पर्वत चोटी पर पहुंचकर राष्ट्रगान गाया और तिरंगे को सेल्यूट भी किया।


अरुणिमा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने शुभचिंतकों को दिया है। कहा कि उनकी शुभकामनाओं की बदौलत ही वे इस मुकाम तक पहुंची हैं। उधर ओमप्रकाश ने बताया कि 17 अगस्त को स्विस एंबेसी में अरुणिमा के स्वागत का आयोजन है। इसके बाद वे सब 19 अगस्त को नई दिल्ली वापस लौटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed