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सवालों के घेरे में थी अनामिका बन नौकरी करने वाली महिला की योग्यता

Wed, 10 Jun 2020 09:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2020 09:33 PM IST
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Anamika
आलापुर। स्थानीय कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रामनगर में अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला की शैक्षिक योग्यता सवालों के घेरे में थी। अनामिका की मेरिट यूं तो काफी बेहतर थी, लेकिन अनामिका के नाम पर नौकरी करने वाली महिला में पर्याप्त जानकारी का अभाव वार्डेन से लेकर सहयोगी शिक्षिकाओं में साफ साफ दिखता था।
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यह खुलासा अब जाकर तब हुआ जब वह महिला यहां से अपने चार वर्ष के बच्चे के साथ फरार हो चुकी है। करीब एक वर्ष पहले स्थानीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में फुल टाइम विज्ञान शिक्षिका के पद पर अनामिका शुक्ला नाम से एक महिला ने कार्यभार ग्रहण किया था। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी इसी दौर में अनामिका शुक्ला के नाम से कार्यभार संभाल लिया गया।
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बीते दिनों इसका खुलासा होने के साथ समूचे प्रदेश में हड़कंप मच गया। अंबेडकरनगर के रामनगर में अनामिका बनकर नौकरी करने वाली महिला भी यहां से फरार हो गई। अमर उजाला टीम ने एक दिन पहले जहां यह खुलासा किया था कि आवेदन में अनामिका के अविवाहित होने का उल्लेख होने के बावजूद यहां अनामिका के नाम पर एक विधवा नौकरी कर रही थी। उसने यहां अपने चार वर्ष के पुत्र साहिल का दाखिला भी बगल के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में करवा रखा था।
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इस बीच यह मामला तूल पकड़ने के बाद अब यह नई जानकारी सामने आई है कि अनामिका के नाम पर नौकरी करने वाली महिला को पर्याप्त जानकारी भी नहीं थी। अनामिका के नाम से नौकरी के लिए जो आवेदन हुआ था, उसके अनुसार उसे विज्ञान की विधिवत जानकारी थी।
कारण यह कि उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी विज्ञान वर्ग से परीक्षा अनामिका ने 61 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण की थी तो वहीं जीव विज्ञान वर्ग से बीएड परीक्षा 76.5 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण किया। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में भी उसके अंक 75 प्रतिशत से अधिक थे।

इसके बावजूद अनामिका के नाम पर नौकरी करने वाली महिला को विषय की विधिवत जानकारी नहीं थी। आवासीय विद्यालय की वार्डेन ने बताया कि पद व योग्यता के हिसाब से महिला को समुचित जानकारी नहीं थी। उससे अक्सर इसकी चर्चा भी कर दी जाती थी, लेकिन वह उसे टाल जाती थी। वार्डेन भारती मौर्य ने कहा कि वह यह बहाना बना देती थी कि पति की मौत हो जाने तथा अन्य घरेलू परिस्थितियों के चलते वह मुश्किल में है। ऐसे में उसके साथ सभी को सहानुभूति थी, लेकिन यह नहीं पता था कि वह फर्जीवाड़ा कर यह सब झूठ बोल रही है।
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