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कांशीराम आवास में युवक का शव मिलने से सनसनी
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जलालपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में बने कांशीराम आवास के कमरे में 40 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना सोमवार की है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
वाजिदपुर गांव के बाहर बने कांशीराम आवास के पास से लोग सोमवार को शौच के लिए निकले, तो देखा कि आवास का एक कमरा खुला है। अंदर गए तो वहां वाजिदपुर निवासी रामजीत (40) पुत्र जगदेव एक तख्त पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। इसकी सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते भारी संख्या में लोग कांशीराम आवास की तरफ दौड़ पड़े।
बताया जाता है कि रामजीत तीन भाई है।सबसे बड़े भाई का नाम पन्नालाल दूसरे नंबर पर लालजी और तीसरे नंबर पर मृतक रामजीत है। पिता जगदेव ने अपनी संपत्ति पन्नालाल व लालजी के नाम बैनामा कर दिया था। मृतक शादीशुदा नहीं था। भाइयों से अलग होकर काफी दिनों से गांव के एक व्यक्ति के घर पर रहता था।
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रविवार को खाना खाने के बाद रामजीत कांशीराम आवास कैसे पहुंच गया यह ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की बात को मानें तो इस बात की चर्चा है कि आगामी 10 तारीख को गांव के ही एक व्यक्ति के द्वारा कुछ पैसे के लेन-देन के लिए रामजीत को समय दिया था।
कोतवाल मनीष कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का सही पता चल सकेगा। फिलहाल मामले में अभी कोई तहरीर भी नहीं मिली है। फिर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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वाजिदपुर गांव के बाहर बने कांशीराम आवास के पास से लोग सोमवार को शौच के लिए निकले, तो देखा कि आवास का एक कमरा खुला है। अंदर गए तो वहां वाजिदपुर निवासी रामजीत (40) पुत्र जगदेव एक तख्त पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। इसकी सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते भारी संख्या में लोग कांशीराम आवास की तरफ दौड़ पड़े।
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बताया जाता है कि रामजीत तीन भाई है।सबसे बड़े भाई का नाम पन्नालाल दूसरे नंबर पर लालजी और तीसरे नंबर पर मृतक रामजीत है। पिता जगदेव ने अपनी संपत्ति पन्नालाल व लालजी के नाम बैनामा कर दिया था। मृतक शादीशुदा नहीं था। भाइयों से अलग होकर काफी दिनों से गांव के एक व्यक्ति के घर पर रहता था।
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रविवार को खाना खाने के बाद रामजीत कांशीराम आवास कैसे पहुंच गया यह ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की बात को मानें तो इस बात की चर्चा है कि आगामी 10 तारीख को गांव के ही एक व्यक्ति के द्वारा कुछ पैसे के लेन-देन के लिए रामजीत को समय दिया था।
कोतवाल मनीष कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का सही पता चल सकेगा। फिलहाल मामले में अभी कोई तहरीर भी नहीं मिली है। फिर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।