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दो माह बाद 3838 विद्यालय हुए गुलजार
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अंबेडकरनगर। लगभग दो माह बाद सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 3838 विद्यालय छात्र-छात्राओं से गुलजार हो गए। लंबे समय बाद छात्र-छात्राएं एक-दूसरे से मिले, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस बीच पहले दिन ज्यादातर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पंजीकरण की तुलना में काफी कम दिखी। ज्यादातर विद्यालयों के मुख्य गेट पर ही प्रवेश करने वाले छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सैनिटाइजेशन के साथ ही मास्क की अनिवार्यता सुनिश्चित की गई, तो शिक्षण कक्ष में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत सुचारु रूप से भोजन भी बना।
नर्सरी से कक्षा आठ तक के विद्यालय सोमवार को छात्र-छात्राओं से गुलजार हो उठे। लगभग दो माह बाद एक-दूसरे से मिले, तो उनमें शिक्षा के प्रति जहां उत्साह दिखा, वहीं खुशी चेहरे पर साफ नजर आई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सभी शिक्षण संस्थानों को शासन ने बंद कर दिया था। बीते दिनों जब प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम हुआ, तो सात फरवरी को कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन प्रारंभ कर दिया गया।
इस बीच लगातार कम हो रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए 14 फरवरी से नर्सरी से कक्षा आठ तक की कक्षाओं को संचालित करने की अनुमति शासन ने प्रदान कर दी। हालांकि इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करने का भी निर्देश दिया। सोमवार को शासन के निर्देश के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 3838 विद्यालयों का संचालन प्रारंभ हो गया। सोमवार को स्कूल तो खुल गए, लेकिन ज्यादातर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी कम रही। ज्यादातर निजी विद्यालयों में तो फिर भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ठीक ठाक रही, लेकिन सरकारी स्कूलों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं की तुलना में उपस्थिति काफी कम रही।
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कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान
अमर उजाला टीम प्राथमिक विद्यालय कोटवा महमदपुर पहुंची तो कक्षाओं का संचालन सुचारु रूप से चल रहा था। शिक्षण कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। प्रधानाध्यापिका सीमा वर्मा ने बताया कि कुल 144 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसकी तुलना में पहले दिन कुल 55 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बताया कि शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज हो सके, इसके लिए अभिभावकों से मुलाकात कर उन्हें बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। बताया कि एमडीएम योजना के तहत भोजन बना।
कोरोना प्रोटोकॉल का किया गया पालन
अमर उजाला टीम अकबरपुर नगर स्थित सेंट पीटर्स विद्यालय पहुंची तो मुख्य गेेट पर ही प्रवेश करने वाले छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग होती दिखी। शिक्षक व शिक्षिकाएं मुख्य गेट पर छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे थे। साथ ही मास्क की अनिवार्यता भी सुनिश्चित करा रहे थे। प्रधानाचार्य फादर विल्सन ने बताया कि विद्यालय खुलने के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया। बताया कि सैनिटाइजेशन गैलरी बनाई गई है। प्रत्येक छात्र-छात्राओं को इसी गैलरी से ही होकर गुजारा गया, जिससे कक्षा में पहुंचने से पहले छात्र-छात्राएं सैनिटाइज हो सकें। कक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया। बताया कि नर्सरी से कक्षा आठ तक कुल 2712 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनकी तुलना में कुल 1872 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश
कोरोना प्रोटोकॉल के बीच सभी विद्यालयों में सुचारु रूप से शिक्षण कार्य चला। एमडीएम योजना के तहत भोजन भी छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया गया। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि विद्यालय में शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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नर्सरी से कक्षा आठ तक के विद्यालय सोमवार को छात्र-छात्राओं से गुलजार हो उठे। लगभग दो माह बाद एक-दूसरे से मिले, तो उनमें शिक्षा के प्रति जहां उत्साह दिखा, वहीं खुशी चेहरे पर साफ नजर आई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सभी शिक्षण संस्थानों को शासन ने बंद कर दिया था। बीते दिनों जब प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम हुआ, तो सात फरवरी को कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन प्रारंभ कर दिया गया।
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इस बीच लगातार कम हो रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए 14 फरवरी से नर्सरी से कक्षा आठ तक की कक्षाओं को संचालित करने की अनुमति शासन ने प्रदान कर दी। हालांकि इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करने का भी निर्देश दिया। सोमवार को शासन के निर्देश के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 3838 विद्यालयों का संचालन प्रारंभ हो गया। सोमवार को स्कूल तो खुल गए, लेकिन ज्यादातर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी कम रही। ज्यादातर निजी विद्यालयों में तो फिर भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ठीक ठाक रही, लेकिन सरकारी स्कूलों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं की तुलना में उपस्थिति काफी कम रही।
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कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान
अमर उजाला टीम प्राथमिक विद्यालय कोटवा महमदपुर पहुंची तो कक्षाओं का संचालन सुचारु रूप से चल रहा था। शिक्षण कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। प्रधानाध्यापिका सीमा वर्मा ने बताया कि कुल 144 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसकी तुलना में पहले दिन कुल 55 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बताया कि शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज हो सके, इसके लिए अभिभावकों से मुलाकात कर उन्हें बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। बताया कि एमडीएम योजना के तहत भोजन बना।
कोरोना प्रोटोकॉल का किया गया पालन
अमर उजाला टीम अकबरपुर नगर स्थित सेंट पीटर्स विद्यालय पहुंची तो मुख्य गेेट पर ही प्रवेश करने वाले छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग होती दिखी। शिक्षक व शिक्षिकाएं मुख्य गेट पर छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे थे। साथ ही मास्क की अनिवार्यता भी सुनिश्चित करा रहे थे। प्रधानाचार्य फादर विल्सन ने बताया कि विद्यालय खुलने के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया। बताया कि सैनिटाइजेशन गैलरी बनाई गई है। प्रत्येक छात्र-छात्राओं को इसी गैलरी से ही होकर गुजारा गया, जिससे कक्षा में पहुंचने से पहले छात्र-छात्राएं सैनिटाइज हो सकें। कक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया। बताया कि नर्सरी से कक्षा आठ तक कुल 2712 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनकी तुलना में कुल 1872 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश
कोरोना प्रोटोकॉल के बीच सभी विद्यालयों में सुचारु रूप से शिक्षण कार्य चला। एमडीएम योजना के तहत भोजन भी छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया गया। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि विद्यालय में शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए