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Ambedkar Nagar News: खेवार गांव में जंगली जानवर ने तीन बकरियों को बनाया निवाला
Tue, 12 Aug 2025 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 12 Aug 2025 01:08 AM IST
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.कटेहरी क्षेत्र के खेवार गांव में जांच करती टीम व मौजूद ग्रामीण।
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कटेहरी (अंबेडकरनगर)। अहिरौली क्षेत्र के खेवार में जंगली जानवर के हमले से गांव में दहशत का माहौल है। रविवार रात गांव निवासी राम मनोरथ की तीन और फिरतू की एक बकरी पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। हमले में तीनों बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गई।
राम मनोरथ ने बताया कि उन्होंने अपनी तीनों बकरियों को खूंटी से बांध रखा था। सोमवार सुबह जब वह सोकर उठे तो देखा कि बकरियां गायब हैं। आसपास तलाशने पर कुछ दूरी पर तीनों बकरियों के शव पड़े मिले, जिनके शरीर पर हमले के घाव और आंशिक रूप से खाए जाने के निशान थे।
सूचना पर तत्काल क्षेत्रीय वन अधिकारी नागेंद्र कुमार, वन दारोगा पल्बी चौधरी, वनरक्षक रजत वर्मा और राधेश्याम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सुरक्षा का आश्वासन दिया।
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डीएफओ उमेश तिवारी ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि हमला किसी भेड़िये का नहीं लगता, क्योंकि खुरों के निशान सियार से मेल खाते हैं। संभवतः किसी अन्य जंगली जानवर द्वारा यह हमला किया गया है। बारिश के मौसम में ऐसे जानवर अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए बताया कि रात में वन विभाग की निगरानी टीम क्षेत्र में गश्त करेगी, ताकि आगे कोई घटना न हो।
ग्रामीणों में भय का माहौल
इस घटना के बाद खेवार गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में भय माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से रात में विशेष निगरानी, पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि उनके मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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राम मनोरथ ने बताया कि उन्होंने अपनी तीनों बकरियों को खूंटी से बांध रखा था। सोमवार सुबह जब वह सोकर उठे तो देखा कि बकरियां गायब हैं। आसपास तलाशने पर कुछ दूरी पर तीनों बकरियों के शव पड़े मिले, जिनके शरीर पर हमले के घाव और आंशिक रूप से खाए जाने के निशान थे।
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सूचना पर तत्काल क्षेत्रीय वन अधिकारी नागेंद्र कुमार, वन दारोगा पल्बी चौधरी, वनरक्षक रजत वर्मा और राधेश्याम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सुरक्षा का आश्वासन दिया।
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डीएफओ उमेश तिवारी ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि हमला किसी भेड़िये का नहीं लगता, क्योंकि खुरों के निशान सियार से मेल खाते हैं। संभवतः किसी अन्य जंगली जानवर द्वारा यह हमला किया गया है। बारिश के मौसम में ऐसे जानवर अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए बताया कि रात में वन विभाग की निगरानी टीम क्षेत्र में गश्त करेगी, ताकि आगे कोई घटना न हो।
ग्रामीणों में भय का माहौल
इस घटना के बाद खेवार गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में भय माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से रात में विशेष निगरानी, पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि उनके मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।