{"_id":"149-71997","slug":"AmbedkarNagar-71997-149","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसलों के लिए संजीवनी बना मौसम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसलों के लिए संजीवनी बना मौसम
AmbedkarNagar
Updated Fri, 03 Jan 2014 05:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। लगातार बदलते मौसम ने किसानों के चेहरे पर ला दी है। पहले बूंदाबांदी, इसके बाद निकली धूप से फसल लहलहा उठीं हैं। ऐसी फसलों को देखकर किसानों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार का मौसम रहा, तो उनकी गेहूं, चना, मटर, आलू व सरसों की अच्छी फसल होने की संभावना है। साथ ही उन्हें चिंता है कि यदि घना कोहरा छाता है, तो विशेषकर मटर, चना, अरहर व सरसों की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बीते कुछ दिनों से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। कभी आसमान पर बादल छा जाता है, तो कभी तेज धूप निकल रही है। दो दिन पहले हुई बूंदाबांदी के बाद बुधवार को निकली धूप ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। बूंदाबांदी होने से गेहूं, चना, मटर, आलू व सरसों के पौधे पर जो गर्द जम गई थी, वह धुल गई। इससे मुरझाए पौधों में जान आ गई और खेतों में फसलें लहलहा उठीं। हरीभरी हुई फसलों को देखकर किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उन्हें लगता है कि यदि इसी प्रकार का मौसम रहा, तो उनकी उपज काफी अच्छी हो सकती है। हालांकि बदलते मौसम के बीच किसानों को यह भी चिंता सता रही है कि यदि घना कोहरा छाता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव फसलों पर पड़ सकता है। घने कोहरे से फूल वाली फसलों पर माहू रोग हो सकता है। इस रोग में फूल मुरझा जाते हैं और फली निकलना बंद हो जाती है।
ऊंचेगांव के किसान गोविंद, मखदूमपुर के रामकृपाल, अरजानीपुर के झगरू, पुरसावां के दशरथ, कटरिया के किसान रामतीरथ व गोपाल ने बदलते मौसम पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि यदि ऐसा ही मौसम रहा, तो उन्हें काफी फायदा हो सकता है। कहा कि इस प्रकार के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ती। वहीं सोनगांव के किसान राधेश्याम व अनंतराम ने कहा फिलहाल मौसम किसानों के हित में है। उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कि यदि आने वाले दिनों में घना कोहरा छाता है, तो इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। विशेषकर सभी फूल वाले पौधे इसकी चपेट में आ जाएंगे। महरुआ के रामफेर व ज्ञानप्रकाश ने कहा कि मौसम अच्छा होने से गेहूं, मटर व आलू की फसल लहलहा उठी है। ऐसा मौसम कुछ दिन और रह जाए, तो फसल को कहीं अधिक लाभ होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते कुछ दिनों से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। कभी आसमान पर बादल छा जाता है, तो कभी तेज धूप निकल रही है। दो दिन पहले हुई बूंदाबांदी के बाद बुधवार को निकली धूप ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। बूंदाबांदी होने से गेहूं, चना, मटर, आलू व सरसों के पौधे पर जो गर्द जम गई थी, वह धुल गई। इससे मुरझाए पौधों में जान आ गई और खेतों में फसलें लहलहा उठीं। हरीभरी हुई फसलों को देखकर किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उन्हें लगता है कि यदि इसी प्रकार का मौसम रहा, तो उनकी उपज काफी अच्छी हो सकती है। हालांकि बदलते मौसम के बीच किसानों को यह भी चिंता सता रही है कि यदि घना कोहरा छाता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव फसलों पर पड़ सकता है। घने कोहरे से फूल वाली फसलों पर माहू रोग हो सकता है। इस रोग में फूल मुरझा जाते हैं और फली निकलना बंद हो जाती है।
विज्ञापन
ऊंचेगांव के किसान गोविंद, मखदूमपुर के रामकृपाल, अरजानीपुर के झगरू, पुरसावां के दशरथ, कटरिया के किसान रामतीरथ व गोपाल ने बदलते मौसम पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि यदि ऐसा ही मौसम रहा, तो उन्हें काफी फायदा हो सकता है। कहा कि इस प्रकार के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ती। वहीं सोनगांव के किसान राधेश्याम व अनंतराम ने कहा फिलहाल मौसम किसानों के हित में है। उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कि यदि आने वाले दिनों में घना कोहरा छाता है, तो इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। विशेषकर सभी फूल वाले पौधे इसकी चपेट में आ जाएंगे। महरुआ के रामफेर व ज्ञानप्रकाश ने कहा कि मौसम अच्छा होने से गेहूं, मटर व आलू की फसल लहलहा उठी है। ऐसा मौसम कुछ दिन और रह जाए, तो फसल को कहीं अधिक लाभ होगा।
विज्ञापन