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Ambedkar Nagar News: मॉडल गांव के रूप में विकसित होंगे 773 गांव
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अंबेडकरनगर। जिले के 773 राजस्व गांवों की लगभग 10 लाख की आबादी के लिए बड़ी राहत की खबर है। शीघ्र ही उन्हें शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। संबंधित राजस्व गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत गांव की गलियां रोशनी से जगमग होंगी। साथ ही गंदगी व जलभराव जैसी मूलभूत समस्याएं भी दूर होंगी।
राजस्व गांवों के ग्रामीणों को शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मॉडल गांव योजना का संचालन हो रहा है। योजना के तहत चयनित गांव में बेहतर आवागमन के लिए सड़कें, प्रकाश, साफ-सफाई जैसी सुविधाएं मुहैया कराने का प्राविधान है। मालूम हो कि जिले में कुल 1597 राजस्व गांव हैं। इनमें से 824 गांव का चयन पूर्व में ही मॉडल गांव योजना के तहत किया गया था। संबंधित गांवों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार अब 773 राजस्व गांवों का चयन योजना के तहत किया गया है। इन गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत संबंधित गांव की गलियां दूधिया रोशनी से नहाएंगी तो जलभराव समस्या दूर करने के लिए न सिर्फ क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत की जाएगी बल्कि नई सड़कों का भी निर्माण होगा। बेहतर साफ-सफाई के लिए प्रतिदिन कूड़ा कचरा वाहन गांव की गलियों में दौड़ेंगे। खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाएगा तो नई स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जाएंगी।
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विकास कार्यों के लिए पांच हजार से अधिक आबादी वाले राजस्व गांव को 705 रुपये प्रति व्यक्ति जबकि पांच हजार से कम आबादी वाले गांव को 341 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
तेजी से चल रहा सत्यापन
योजना के तहत 773 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सत्यापन पूर्ण होते ही राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। - अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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राजस्व गांवों के ग्रामीणों को शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मॉडल गांव योजना का संचालन हो रहा है। योजना के तहत चयनित गांव में बेहतर आवागमन के लिए सड़कें, प्रकाश, साफ-सफाई जैसी सुविधाएं मुहैया कराने का प्राविधान है। मालूम हो कि जिले में कुल 1597 राजस्व गांव हैं। इनमें से 824 गांव का चयन पूर्व में ही मॉडल गांव योजना के तहत किया गया था। संबंधित गांवों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
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डीपीआरओ कार्यालय के अनुसार अब 773 राजस्व गांवों का चयन योजना के तहत किया गया है। इन गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत संबंधित गांव की गलियां दूधिया रोशनी से नहाएंगी तो जलभराव समस्या दूर करने के लिए न सिर्फ क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत की जाएगी बल्कि नई सड़कों का भी निर्माण होगा। बेहतर साफ-सफाई के लिए प्रतिदिन कूड़ा कचरा वाहन गांव की गलियों में दौड़ेंगे। खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाएगा तो नई स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जाएंगी।
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विकास कार्यों के लिए पांच हजार से अधिक आबादी वाले राजस्व गांव को 705 रुपये प्रति व्यक्ति जबकि पांच हजार से कम आबादी वाले गांव को 341 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
तेजी से चल रहा सत्यापन
योजना के तहत 773 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सत्यापन पूर्ण होते ही राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। - अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ