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42 डिग्री पहुंचा तापमान, भीषण गर्मी से बेहाल हुए लोग
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अंबेडकरनगर। आसमान से बरसती आग के बीच शनिवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। भीषण गर्मी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंखा व कूलर से भी गर्म हवाएं निकल रही थीं। इससे लोगों को न तो घर में और न ही बाहर चैन मिल रहा था। धूप की बढ़ती तपिश का ही नतीजा रहा कि शरीर को झुलसा देने वाली धूप से बचने के लिए लोग ने बाजारों का रुख नहीं किया, जिससे दिन में बाजारों व प्रमुख मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा।
आमजन को भीषण से राहत नहीं मिल पा रही है। एक बार फिर से तापमान में दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। शुक्रवार को तापमान जहां 41 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शनिवार को बढ़कर 42 पहुंच गया। भीषण गर्मी का आलम यह था कि पंखे व कूलर से भी गर्म हवा निकल रही थी। इससे लोगों को घर प्रतिष्ठानों में भी चैन नहीं मिल रहा था। लोग कभी अंदर, तो कभी बाहर हो रहे थे।
भीषण गर्मी से उन्हें कहीं राहत नहीं मिल रही थी। भीषण गर्मी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग बाजारों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। नतीजा यह रहा कि बाजारों व सड़कों पर पूर्वाह्न से अपराह्न तक बाजारों व सड़कों पर सन्नाटे का माहौल रहा।
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खरीददारों के बाजार में कम आने से दुकानदार भी खुद को दुकान में कैद किए रहे। देर शाम जब धूप की तपिश कुछ कम हुई, तो इसके बाद ही लोगों ने संबंधित बाजारों में पहुंचकर खरीददारी की। हालांकि भीषण गर्मी के बावजूद जिला मुख्यालय की बाजारें गुलजार रहीं।
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आमजन को भीषण से राहत नहीं मिल पा रही है। एक बार फिर से तापमान में दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। शुक्रवार को तापमान जहां 41 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शनिवार को बढ़कर 42 पहुंच गया। भीषण गर्मी का आलम यह था कि पंखे व कूलर से भी गर्म हवा निकल रही थी। इससे लोगों को घर प्रतिष्ठानों में भी चैन नहीं मिल रहा था। लोग कभी अंदर, तो कभी बाहर हो रहे थे।
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भीषण गर्मी से उन्हें कहीं राहत नहीं मिल रही थी। भीषण गर्मी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग बाजारों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। नतीजा यह रहा कि बाजारों व सड़कों पर पूर्वाह्न से अपराह्न तक बाजारों व सड़कों पर सन्नाटे का माहौल रहा।
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खरीददारों के बाजार में कम आने से दुकानदार भी खुद को दुकान में कैद किए रहे। देर शाम जब धूप की तपिश कुछ कम हुई, तो इसके बाद ही लोगों ने संबंधित बाजारों में पहुंचकर खरीददारी की। हालांकि भीषण गर्मी के बावजूद जिला मुख्यालय की बाजारें गुलजार रहीं।