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चोरी चले गए सिलेंडर, 31 विद्यालयों में चूल्हा फूंक बन रहा एमडीएम
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अंबेडकरनगर। जिले के 31 परिषदीय विद्यालयों में चूल्हा फूंककर भोजन बनाना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, इन विद्यालयों से रसोई गैस सिलेंडर समेत अन्य सामान चोरी हो गया है। इस वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। साथ ही छात्र-छात्राओं को सुचारु तरीके से एमडीएम उपलब्ध कराने में भी कठिनाई आ रही है। वहीं, इन विद्यालयों में से सिर्फ दो में हुई चोरी का मुकदमा ही दर्ज हो सका है। विभाग के दावों को मानें तो चोरी के इन सभी मामलों में तहरीर थानों में दी जा चुकी है, लेकिन सभी मामलों में केस दर्ज नहीं हुआ। नतीजा यह कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
जिले के 2049 विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत 2 लाख, 11 हजार छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन उपलब्ध हो रहा है। इनमें से 1 हजार 873 परिषदीय व 176 सहायता प्राप्त के साथ ही अन्य विद्यालय शामिल हैं। 1 हजार 353 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में योजना के तहत भोजन शासन से प्राप्त रसोई गैस सिलेंडर व चूल्हे के माध्यम से बन रहा है। बताते चलें कि पूर्व में चूल्हे पर एमडीएम के तहत भोजन तैयार किया जाता था। इससे रसोइयों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। सबसे अधिक मुश्किल बरसात के मौसम में होती थी। इसे देखते हुए ही शासन ने परिषदीय विद्यालयों में रसोइ गैस सिलेंडर से भोजन बनवाने का निर्णय लिया था।
एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि जिन 1873 परिषदीय विद्यालयों में रसोइगैस सिलेेंडर के माध्यम से भोजन बन रहा है। 31 विद्यालयों से गैस सिलेंडर व अन्य सामाग्री चोरी हो गई। प्राथमिक विद्यालय मसेना मिर्जापुर व प्राथमिक विद्यालय बेवाना के प्रधानाध्यापक ने मामले में संबंधित थाने में केस दर्ज कराया। बताया कि जिन विद्यालयों से रसोइ गैस सिलेंडर चोरी हुआ है, वहां योजना के तहत भोजन बनना बाधित न हो, इसके लिए चूल्हे पर खाना बन रहा है। सिलेंडर चोरी होने की जानकारी शासन को दे दी गई है। बताया कि 176 सहायता प्राप्त व अन्य विद्यालयों में विद्यालय प्रशासन निजी स्तर पर रसोई गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन उपलब्ध करा रहा है।
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वर्जन
जिन विद्यालयों से रसोई गैस सिलेंडर चोरी हुआ है, वहां के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित थाने में केस दर्ज कराएं। साथ ही एफआईआर की कॉपी उन्हें उपलब्ध कराएं, जिससे उसे शासन को भेजा जा सके। अब तक मात्र दो विद्यालयों के केस ही दर्ज हुए हैं। शिक्षकों से कहा गया है कि यदि थानों से केस दर्ज होने में दिक्कत हो तो ऊपर अवगत कराया जाए।
अतुल कुमार सिंह, बीएसए
जिले के 2049 विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत 2 लाख, 11 हजार छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन उपलब्ध हो रहा है। इनमें से 1 हजार 873 परिषदीय व 176 सहायता प्राप्त के साथ ही अन्य विद्यालय शामिल हैं। 1 हजार 353 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में योजना के तहत भोजन शासन से प्राप्त रसोई गैस सिलेंडर व चूल्हे के माध्यम से बन रहा है। बताते चलें कि पूर्व में चूल्हे पर एमडीएम के तहत भोजन तैयार किया जाता था। इससे रसोइयों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। सबसे अधिक मुश्किल बरसात के मौसम में होती थी। इसे देखते हुए ही शासन ने परिषदीय विद्यालयों में रसोइ गैस सिलेंडर से भोजन बनवाने का निर्णय लिया था।
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एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि जिन 1873 परिषदीय विद्यालयों में रसोइगैस सिलेेंडर के माध्यम से भोजन बन रहा है। 31 विद्यालयों से गैस सिलेंडर व अन्य सामाग्री चोरी हो गई। प्राथमिक विद्यालय मसेना मिर्जापुर व प्राथमिक विद्यालय बेवाना के प्रधानाध्यापक ने मामले में संबंधित थाने में केस दर्ज कराया। बताया कि जिन विद्यालयों से रसोइ गैस सिलेंडर चोरी हुआ है, वहां योजना के तहत भोजन बनना बाधित न हो, इसके लिए चूल्हे पर खाना बन रहा है। सिलेंडर चोरी होने की जानकारी शासन को दे दी गई है। बताया कि 176 सहायता प्राप्त व अन्य विद्यालयों में विद्यालय प्रशासन निजी स्तर पर रसोई गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन उपलब्ध करा रहा है।
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जिन विद्यालयों से रसोई गैस सिलेंडर चोरी हुआ है, वहां के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित थाने में केस दर्ज कराएं। साथ ही एफआईआर की कॉपी उन्हें उपलब्ध कराएं, जिससे उसे शासन को भेजा जा सके। अब तक मात्र दो विद्यालयों के केस ही दर्ज हुए हैं। शिक्षकों से कहा गया है कि यदि थानों से केस दर्ज होने में दिक्कत हो तो ऊपर अवगत कराया जाए।
अतुल कुमार सिंह, बीएसए