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शीतल पेयजल के लिए जिला मुख्यालय पर भटक रहे नागरिक
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अंबेडकरनगर। इस भीषण गर्मी में शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर शीतल तो छोड़िए शुद्ध पेयजल मिलना तक मुश्किल है। लोगों को शुद्ध और शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे आरओ व वाटर कूलर बदहाल पड़े हैं।
सार्वजनिक स्थान ही नहीं तमाम सरकारी दफ्तरों में भी यही हाल है। इसके बावजूद इन्हें दुरुस्त कराने की जरूरत जिम्मेदार अफसर नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में तेज धूप व गर्मी के बीच जिला अस्पताल, रोडवेज स्टेशन, रेलवे स्टेशन, तिराहों-चौराहों और कई सरकारी दफ्तरों में पहुंचने वालों को गला तर करने के लिए भटकना पड़ रहा है। दूसरी तरफ पानी बेचने वालों का धंधा चोखा हो चला है। घर से बाहर निकले लोगों के पास पानी खरीदने के अलावा दूसरा चारा नहीं होता है।
गर्मी में शुद्ध व शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अकबरपुर शहर में करीब आठ स्थानों पर वाटर कूलर लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए हैं। नगर पालिका प्रशासन ने यह व्यवस्था पिछली गर्मी में अभियान चलाकर की थी। इस साल इन वाटर कूलर की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
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,इनमें से चार लंबे अर्से से खराब पड़े हैं। इससे जिला मुख्यालय पहुंचने पर लोगों को भटकना पड़ता हैं। खास बात यह कि जिला अस्पताल में लगा वाटर कूलर चोरी पिछले काफी दिनों से खराब पड़ा है। इसे भी ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी जा रही है, जबकि प्रतिदिन सैकड़ों मरीज व तीमारदार जिला अस्पताल पहुंचते हैं।
अकबरपुर तहसील तिराहे के पास लगा वाटर कूलर भी अक्सर खराब रहता है। इन दिनों भी खराब है। पटेलनगर तिराहे के पास लगा वाटर कूलर लंबे अर्से से बंद है। रोडवेज के पास लगे वाटरकूलर की भी कोई सुध नहीं ले रहा है। कई अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलर भी उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। कई ऐसे सरकारी कार्यालय हैं, जहां शीतल पेयजल का मिलना मुहाल हो गया है। अकबरपुर नगर निवासी संदीप तिवारी, मनीष पाण्डेय व राजेश सिंह आदि ने जिला प्रशासन से मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है। कहा कि नगर पालिका प्रशासन को निर्देशित कर व्यवस्था में सुधार कराया जाए। उधर, ईओ सुरेश कुमार का कहना है कि सभी वाटर कूलर संचालित हैं। यदि कहीं बड़बड़ी होगी तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
जल्द शुरू कराया जाए प्याऊ
अकबरपुर नगर में इस बार शुद्घ पेयजल को लेकर नागरिकों के हित ताक पर हैं। मई माह का पहला पखवारा बीत चुका है, लेकिन अस्थायी तौर पर चलने वाले प्याऊ भी नहीं शुरु हो सके हैं। नगर के राहुल मिश्र, राजेश वर्मा ने नगर पालिका प्रशासन से नगर में जल्द प्याऊ शुरु कराए जाने की मांग की है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले आम नागरिक व मजदूर वर्ग के लोगों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वह प्यास बुझाने के लिए दुकानों का सहारे लें। नगर में लगने वाले प्याऊ से आम लोग अपनी प्यास बुझा लेते हैं। आम लोगों के हितों को देखते हुए शहर में कम से कम एक दर्जन स्थानों पर शुद्घ पेयजल के लिए प्याऊ शुरु कराया जाए। इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।
टीम भेजकर कराई जाएगी जांच
गर्मी शुुरु होने से पहले ही कार्यालयों के अलावा नगर में भी शीतल पेयजल के लिए वॉटर कूलरों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया था। जल्द ही टीम भेजकर इसकी जांच करायी जाएगी। यदि पेयजल संकट होगा तो मामले में कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
अमरनाथ राय अपर जिलाधिकारी
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सार्वजनिक स्थान ही नहीं तमाम सरकारी दफ्तरों में भी यही हाल है। इसके बावजूद इन्हें दुरुस्त कराने की जरूरत जिम्मेदार अफसर नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में तेज धूप व गर्मी के बीच जिला अस्पताल, रोडवेज स्टेशन, रेलवे स्टेशन, तिराहों-चौराहों और कई सरकारी दफ्तरों में पहुंचने वालों को गला तर करने के लिए भटकना पड़ रहा है। दूसरी तरफ पानी बेचने वालों का धंधा चोखा हो चला है। घर से बाहर निकले लोगों के पास पानी खरीदने के अलावा दूसरा चारा नहीं होता है।
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गर्मी में शुद्ध व शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अकबरपुर शहर में करीब आठ स्थानों पर वाटर कूलर लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए हैं। नगर पालिका प्रशासन ने यह व्यवस्था पिछली गर्मी में अभियान चलाकर की थी। इस साल इन वाटर कूलर की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
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,इनमें से चार लंबे अर्से से खराब पड़े हैं। इससे जिला मुख्यालय पहुंचने पर लोगों को भटकना पड़ता हैं। खास बात यह कि जिला अस्पताल में लगा वाटर कूलर चोरी पिछले काफी दिनों से खराब पड़ा है। इसे भी ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी जा रही है, जबकि प्रतिदिन सैकड़ों मरीज व तीमारदार जिला अस्पताल पहुंचते हैं।
अकबरपुर तहसील तिराहे के पास लगा वाटर कूलर भी अक्सर खराब रहता है। इन दिनों भी खराब है। पटेलनगर तिराहे के पास लगा वाटर कूलर लंबे अर्से से बंद है। रोडवेज के पास लगे वाटरकूलर की भी कोई सुध नहीं ले रहा है। कई अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलर भी उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। कई ऐसे सरकारी कार्यालय हैं, जहां शीतल पेयजल का मिलना मुहाल हो गया है। अकबरपुर नगर निवासी संदीप तिवारी, मनीष पाण्डेय व राजेश सिंह आदि ने जिला प्रशासन से मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है। कहा कि नगर पालिका प्रशासन को निर्देशित कर व्यवस्था में सुधार कराया जाए। उधर, ईओ सुरेश कुमार का कहना है कि सभी वाटर कूलर संचालित हैं। यदि कहीं बड़बड़ी होगी तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
जल्द शुरू कराया जाए प्याऊ
अकबरपुर नगर में इस बार शुद्घ पेयजल को लेकर नागरिकों के हित ताक पर हैं। मई माह का पहला पखवारा बीत चुका है, लेकिन अस्थायी तौर पर चलने वाले प्याऊ भी नहीं शुरु हो सके हैं। नगर के राहुल मिश्र, राजेश वर्मा ने नगर पालिका प्रशासन से नगर में जल्द प्याऊ शुरु कराए जाने की मांग की है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले आम नागरिक व मजदूर वर्ग के लोगों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वह प्यास बुझाने के लिए दुकानों का सहारे लें। नगर में लगने वाले प्याऊ से आम लोग अपनी प्यास बुझा लेते हैं। आम लोगों के हितों को देखते हुए शहर में कम से कम एक दर्जन स्थानों पर शुद्घ पेयजल के लिए प्याऊ शुरु कराया जाए। इससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।
टीम भेजकर कराई जाएगी जांच
गर्मी शुुरु होने से पहले ही कार्यालयों के अलावा नगर में भी शीतल पेयजल के लिए वॉटर कूलरों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया था। जल्द ही टीम भेजकर इसकी जांच करायी जाएगी। यदि पेयजल संकट होगा तो मामले में कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
अमरनाथ राय अपर जिलाधिकारी