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एंबुलेंस सेवाओं को खुद ही इलाज की दरकार, मरीज परेशान 16-10-55
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अंबेडकरनगर। बीते कुछ सालों में मरीजों के लिए लाइफ लाइन बन चुकी 108 एंबुलेंस सेवा को इस समय खुद ही इलाज की जरूरत है। जिले की सड़कों पर फर्राटा भरने वाली 11 एंबुलेंस आयु सीमा पार कर अब रेंग रही हैं। अक्सर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय जहां-तहां खड़ी हो जाती हैं। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
इतना ही नहीं, ज्यादातर एंबुलेंस में एसी खराब है तो स्ट्रेचर की व्हील भी क्षतिग्रस्त हैं। इसके अलावा कई अन्य चिकित्सकीय उपकरण भी खराब हो जाते हैं। भीषण गर्मी में में तो इन एंबुलेंस की बदहाली कुछ ज्यादा ही परेशान कर रही है। समय-समय पर एंबुलेंस सेवा में सुधार की मांग तीमारदारों उठाते रहे हैं, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
मरीजों को तत्काल उपचार देने के लिए जिला अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए वर्ष 2012 में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू हुआ था। योजना के तहत जिले को भी 11 एंबुलेंस मिली थीं। 108 एंबुलेंस सेवा का मरीजों को बढ़-चढ़कर लाभ भी मिला। हालांकि, मरीजों के लिए लाइफ लाइन साबित होने वाली एंबुलेंस सेवा को मौजूदा समय में खुद ही इलाज की जरूरत है।
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दरअसल, सभी एंबुलेंस आयु सीमा पार कर चुकी हैं। इन एंबुलेंस की आयु सीमा लगभग 3 लाख किमी है, लेकिन लगभग सभी चार से साढ़े चार लाख किमी की दूरी तय कर चुकी हैं। इसके चलते इनमें आए दिन खराबी आ जाती है और ये सड़कों पर जहां-तहां खड़ी हो जाती हैं। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।
इतना ही नहीं ज्यादातर एंबुलेंस के एसी भी लंबे समय से खराब हैं। इससे भीषण गर्मी में संबंधित एंबुलेंस से अस्पताल तक जाने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को दिक्कत उठानी पड़ती है। एक तरफ मरीज अपने मर्ज से दुखी होता है तो दूसरी तरफ एंबुलेंस के दमघोंटू माहौल से। एंबुलेंस में रखे स्ट्रेचर भी पुराने होने की वजह से जर्जर हो गए हैं। किसी की व्हील खराब है तो किसी की गद्दी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
गुरुवार को जिला अस्पताल में मिले तीमारदार बेवाना के राघवेंद्र ने कहा कि लगभग एक माह पूर्व वह अपने मरीज को लेकर अस्पताल से बेवाना जा रहे थे। बाजार में ही एंबुलेंस खड़ी हो गई। कुछ देर बाद गड़बड़ी दूर हुई तो घर तक पहुंच सके। मिझौड़ी की सरोजा देवी ने कहा कि एंबुलेंस की हालत अत्यंत खराब है। एक एंबुलेंस से घर से मरीज को लेकर जिला अस्पताल तक लाया गया। वाहन में एसी खराब होने के चलते भीषण गर्मी में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
एंबुलेंस की स्थिति के बारे में पत्र के माध्यम से शासन को अवगत कराया गया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही शासन से नई एंबुलेंस जिले को उपलब्ध कराई जाएंगी। जो एंबुलेंस हैं उनका समुचित लाभ मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
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इतना ही नहीं, ज्यादातर एंबुलेंस में एसी खराब है तो स्ट्रेचर की व्हील भी क्षतिग्रस्त हैं। इसके अलावा कई अन्य चिकित्सकीय उपकरण भी खराब हो जाते हैं। भीषण गर्मी में में तो इन एंबुलेंस की बदहाली कुछ ज्यादा ही परेशान कर रही है। समय-समय पर एंबुलेंस सेवा में सुधार की मांग तीमारदारों उठाते रहे हैं, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
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मरीजों को तत्काल उपचार देने के लिए जिला अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, इसके लिए वर्ष 2012 में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू हुआ था। योजना के तहत जिले को भी 11 एंबुलेंस मिली थीं। 108 एंबुलेंस सेवा का मरीजों को बढ़-चढ़कर लाभ भी मिला। हालांकि, मरीजों के लिए लाइफ लाइन साबित होने वाली एंबुलेंस सेवा को मौजूदा समय में खुद ही इलाज की जरूरत है।
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दरअसल, सभी एंबुलेंस आयु सीमा पार कर चुकी हैं। इन एंबुलेंस की आयु सीमा लगभग 3 लाख किमी है, लेकिन लगभग सभी चार से साढ़े चार लाख किमी की दूरी तय कर चुकी हैं। इसके चलते इनमें आए दिन खराबी आ जाती है और ये सड़कों पर जहां-तहां खड़ी हो जाती हैं। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।
इतना ही नहीं ज्यादातर एंबुलेंस के एसी भी लंबे समय से खराब हैं। इससे भीषण गर्मी में संबंधित एंबुलेंस से अस्पताल तक जाने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को दिक्कत उठानी पड़ती है। एक तरफ मरीज अपने मर्ज से दुखी होता है तो दूसरी तरफ एंबुलेंस के दमघोंटू माहौल से। एंबुलेंस में रखे स्ट्रेचर भी पुराने होने की वजह से जर्जर हो गए हैं। किसी की व्हील खराब है तो किसी की गद्दी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
गुरुवार को जिला अस्पताल में मिले तीमारदार बेवाना के राघवेंद्र ने कहा कि लगभग एक माह पूर्व वह अपने मरीज को लेकर अस्पताल से बेवाना जा रहे थे। बाजार में ही एंबुलेंस खड़ी हो गई। कुछ देर बाद गड़बड़ी दूर हुई तो घर तक पहुंच सके। मिझौड़ी की सरोजा देवी ने कहा कि एंबुलेंस की हालत अत्यंत खराब है। एक एंबुलेंस से घर से मरीज को लेकर जिला अस्पताल तक लाया गया। वाहन में एसी खराब होने के चलते भीषण गर्मी में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
एंबुलेंस की स्थिति के बारे में पत्र के माध्यम से शासन को अवगत कराया गया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही शासन से नई एंबुलेंस जिले को उपलब्ध कराई जाएंगी। जो एंबुलेंस हैं उनका समुचित लाभ मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ