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शीघ्र हो तीन वर्ष का बकाया मानदेय का भुगतान
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अंबेडकरनगर। माडर्न मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन ऑफ इंडिया की बैठक मंगलवार को जिला मुख्यालय पर बैठक हुई। इसमें तीन वर्ष से बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। तय किया गया कि मानदेय भुगतान की मांग को लेकर लखनऊ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को सफल बनाने के लिए जिले से भी मदरसा शिक्षक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. जमाल अहमद अंसारी ने कहा कि मदरसा शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लगभग तीन वर्ष से मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है।
इसके अलावा पांच माह का अंशदान भी नहीं मिल सका है। इसके चलते मदरसा शिक्षकों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। मानदेय भुगतान को लेकर जब भी धरना प्रदर्शन किया जाता है, तो सिर्फ शीघ्र भुगतान का आश्वासन ही दिया जाता है। अब आश्वासन से मदरसा शिक्षकों के घर का खर्च चलने वाला नहीं है।
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वक्ताओं ने कहा कि अब मदरसा शिक्षकों की और उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपना हक लेकर ही रहेंगे। तय किया गया कि मानदेय भुगतान समेत मदरसा शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर लखनऊ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को सफल बनाने के लिए जिले से भी बड़ी संख्या में मदरसा शिक्षक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान महफूज आलम, फारूक अहमद, मोईनुद्दीन खां, फिरोज अहमद, मेराज अहमद, शकील अहमद, जितेंद्र तिवारी, सच्चिदानंद तिवारी, गंगादीन, रिजवान अहमद आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. जमाल अहमद अंसारी ने कहा कि मदरसा शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लगभग तीन वर्ष से मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है।
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इसके अलावा पांच माह का अंशदान भी नहीं मिल सका है। इसके चलते मदरसा शिक्षकों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। मानदेय भुगतान को लेकर जब भी धरना प्रदर्शन किया जाता है, तो सिर्फ शीघ्र भुगतान का आश्वासन ही दिया जाता है। अब आश्वासन से मदरसा शिक्षकों के घर का खर्च चलने वाला नहीं है।
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वक्ताओं ने कहा कि अब मदरसा शिक्षकों की और उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपना हक लेकर ही रहेंगे। तय किया गया कि मानदेय भुगतान समेत मदरसा शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर लखनऊ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को सफल बनाने के लिए जिले से भी बड़ी संख्या में मदरसा शिक्षक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान महफूज आलम, फारूक अहमद, मोईनुद्दीन खां, फिरोज अहमद, मेराज अहमद, शकील अहमद, जितेंद्र तिवारी, सच्चिदानंद तिवारी, गंगादीन, रिजवान अहमद आदि मौजूद रहे।