फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   एनटीपीसी टांडा इकाई में ठप पड़ा चार इकाईयों में विद्युत उत्पादन

एनटीपीसी टांडा इकाई में ठप पड़ा चार इकाईयों में विद्युत उत्पादन

Wed, 19 Dec 2018 10:16 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Dec 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
एनटीपीसी टांडा इकाई में ठप पड़ा चार इकाईयों में विद्युत उत्पादन
टांडा (अंबेडकरनगर)। एनटीपीसी विद्युतनगर की चारों इकाइयों से विद्युत उत्पादन ठप पड़ गया है। विद्युत खपत में कमी और बिजली दर महंगी होने के चलते एनटीपीसी ने यह फैसला लिया। हालांकि, एनटीपीसी जनसंपर्क अधिकारी ने विद्युत उत्पादन डाउन करने की बात तो स्वीकारी, मगर आज से उत्पादन शुरू करने का दावा किया है। सूत्रों की मानें तो पावर ग्रिड द्वारा उन इकाइयों से बिजली लेने को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां उत्पादित बिजली सस्ती पड़ती है। टांडा प्लांट में कोयला दूरदराज से पहुंचने के चलते यहां उत्पादित बिजली की दर कई अन्य प्लांटों के सापेक्ष कुछ ज्यादा हो जाती है। इस बीच एनटीपीसी प्रशासन के मुताबिक, ग्रिड की जरूरत के अनुरूप उत्पादन डाउन किया गया था।
विज्ञापन

देश की नवरत्न कंपनियों में से शुमार एनटीपीसी टांडा इकाई का उत्पादन ठप होने का मामला सामने आया है। यहां 110-110 मेगावाट की चार उत्पादन इकाइयां हैं। इनसे सुचारु ढंग से विद्युत उत्पादन भी होता आ रहा है। इस बीच खबर है कि तीन दिन पहले से सभी चार यूनिट से उत्पादन रोक दिया गया। इससे यहां बीते 72 घंटे से उत्पादन ठप हो गया था। यूं तो एनटीपीसी प्रशासन इस मुद्दे पर खुलकर बात करने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन माना जा रहा है कि टांडा इकाई से उत्पादित बिजली कुछ महंगी पड़ने के चलते सरकार ने अन्य इकाइयों से बिजली खरीदने को प्राथमिकता दिया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार एनटीपीसी के टांडा पावर प्लांट के साथ ही अन्य पावर प्लांटों से भी बिजली खरीदती है। इसके बाद पावर ग्रिड के माध्यम से आपूर्ति की जाती है। तीन दिन से इकाई में उत्पादन ठप हो जाने की खबर को पूरी तरह गोपनीय बनाए रखा गया। एनटीपीसी से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी भी शुरू में इस मामले में बात करने को तैयार नहीं हुए।
विज्ञापन

बाद में एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उत्पादन पूरी तरह ठप नहीं था, लेकिन उसे डाउन किया गया था। हालांकि उन्होंने बुधवार देरशाम यह जानकारी भी साझा किया कि आज से उत्पादन शुरू किया जा रहा है। उनसे दोबारा सवाल हुआ कि ऐसे में तो उत्पादन ठप ही था, तो वे इस पर गोलमोल जवाब देते नजर आए। जनसंपर्क अधिकारी ने महंगी बिजली का सवाल खड़ा किए जाने पर कहा कि टांडा पावर प्लांट में कोयला दूर से आता है। ऐसे में यहां की बिजली उन प्लांटों से महंगी पड़ेगी जो प्लांट कोयले की खदान के नजदीक स्थित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चल रहा एनटीपीसी में विस्तारीकरण का कार्य
एनटीपीसी में फिलहाल 110-110 मेगा वाट की चार इकाइयां हैं। यहां 660-660 मघेगा वाट की दो अतिरिक्त इकाइयां लगाई जा रही हैं। तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझते हुए एनटीपीसी प्रशासन ने कई तरह की बाधाओं को निपटाने की सफलता भी प्राप्त कर ली है। विस्तारीकरण का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। 660 मेगावाट की एक इकाई से उत्पादन आगामी 3 माह के भीतर शुरू हो जाने की उम्मीद भी है।


तीन जिलों को मिलती बिजली
एनटीपीसी टांडा इकाई से उत्पादित होने वाली बिजली का लाभ प्रदेश के तीन जिलों को मिलता है। एनटीपीसी जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक यहां से उत्पादित बिजली पावर ग्रिड को जाती है। मुख्य रूप से गोरखपुर, सुल्तानपुर व बस्ती जनपद को यहां उत्पादित बिजली मिलती है। आगामी दिनों में उत्पादन बढ़ने पर विभिन्न क्षेत्रों को और अधिक लाभ होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed